Fri Sep 11, 2026 | Updated 09:06 PM IST

Pradosh Vrat List April 2026: अप्रैल के महीने में पड़ेंगे 2 प्रदोष व्रत, जानें तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

Pradosh Vrat List April 2026: अप्रैल में पड़ने वाले प्रदोष व्रत की पूरी जानकारी यहां पढ़ें। जानें सही तिथि, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इन व्रतों को सही समय पर करने से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
Updated:- 2026-03-31, 15:19 IST
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अप्रैल 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस महीने भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत दो बार पड़ रहे हैं। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है और इसे करने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं। मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से व्यक्ति को सुख, समृद्धि और मानसिक शांति मिलती है।

अप्रैल महीने में पहला प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026 को और दूसरा प्रदोष व्रत 28 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। आइए जानते हैं इन दोनों व्रतों का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त-

पहला प्रदोष व्रत (बुध प्रदोष)

जब प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ता है, तो इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से बुद्धि, संवाद कौशल और पारिवारिक सुख के लिए लाभकारी माना जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

किस विधि से करनी चाहिए पूजा

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  • पूरे दिन व्रत रखें और मन में शिव जी का ध्यान करें।
  • शाम के समय प्रदोष काल में शिव मंदिर जाएं या घर पर ही पूजा करें।
  • भगवान शिव का जल, दूध और बेलपत्र से अभिषेक करें।
  • 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें।
  • अंत में भगवान से अपनी मनोकामना कहें और आरती करें।

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पूजा का शुभ मुहूर्त

15 अप्रैल 2026 को प्रदोष पूजा का शुभ समय शाम 6:56 बजे से रात 9:13 बजे तक रहेगा। इस समय पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है।

दूसरा प्रदोष व्रत (भौम प्रदोष व्रत)

जब प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है, तो उसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। यह व्रत खासतौर पर स्वास्थ्य, साहस और कर्ज से मुक्ति के लिए किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से शारीरिक और मानसिक परेशानियां दूर होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।

किस विधि से करनी चाहिए पूजा

  • दिन की शुरुआत स्नान और स्वच्छता से करें।
  • व्रत रखते हुए दिनभर सात्विक भोजन या फलाहार लें।
  • शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • जल, दूध, शहद और गंगाजल से भगवान शिव को स्नान कराएं।
  • लाल फूल, धतूरा और बेलपत्र अर्पित करें।
  • शिव मंत्रों का जाप करें और दीपक जलाकर आरती करें।

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पूजा का शुभ मुहूर्त

28 अप्रैल 2026 को प्रदोष पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7:01 बजे से रात 9:07 बजे तक रहेगा।

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प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत को सभी व्रतों में बहुत शुभ माना जाता है। यह व्रत न केवल जीवन की समस्याओं को दूर करता है, बल्कि व्यक्ति को मानसिक शांति और आत्मिक बल भी देता है। मान्यता है कि जो लोग नियमित रूप से प्रदोष व्रत करते हैं, उनके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

अगर आप भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव चाहती हैं, तो अप्रैल 2026 के इन दोनों प्रदोष व्रतों को श्रद्धा और नियम के साथ जरूर करें। सही समय पर पूजा करने से आपको इसका पूरा फल मिलेगा और जीवन में सुख, शांति और सफलता बनी रहेगी। यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो इस आर्टिकल को शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी आर्टिकल्‍स पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से। 

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