Pradosh Vrat Mantra 2026: प्रदोष व्रत पर करें इन विशेष मंत्रों का जाप, महादेव और माता पार्वती की कृपा से दूर होंगे सभी संकट

Pradosh Vrat Mantra 2026: प्रदोष व्रत बेहद खास होता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। कई सारी महिलाएं इस व्रत को रखती हैं। इस बार ये व्रत शुक्रवार यानि 30 जनवरी को पड़ रहा है। इस दिन हर कोई व्रत रखकर अपने बच्चे और परिवार की खुशहाली की कामना करेगा। आप भी अगर प्रदोष व्रत रख रही हैं, तो इसमें भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते समय खास मंत्रों का जाप जरूर करें। इससे भक्तों के सभी मनोकामना पूरी होती है। आइए आर्टिकल में बताते हैं आप किन प्रभावशाली मंत्रों का जाप कर सकती हैं, जिससे शांति, खुश और समृद्धि प्राप्त होगी।
प्रदोष व्रत के खास मंत्र (Pradosh Vrat Puja Mantra 2026)
- ॐ नमः शिवाय इसका अर्थ होता है 'भगवान शिव को मेरा नमस्कार है।
- ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः मैं माता पार्वती और भगवान शिव के चरणों में प्रणाम करती हूं।
- ॐ नमो भगवते रुद्राय इसका अर्थ है भगवान रुद्र को मेरा नमन है।
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ इसका अर्थ है हम त्रिनेत्रधारी शिव की पूजा करते हैं। जैसे फल पककर बेल से मुक्त हो जाता है, वैसे ही हमें मृत्यु के भय से मुक्त कर अमरता प्रदान करें।
- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ इसका अर्थ है हम महादेव को जानते हैं। हम उनका ध्यान करते हैं। रुद्र हमें ज्ञान की ओर प्रेरित करें।
- ॐ हौं जूं सः यह एक बीज मंत्र है जो शिव की प्राण ऊर्जा को दर्शाता है।
- ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च॥ सुख और आनंद देने वाले शिव को प्रणाम है। जो कल्याण करते हैं, उन महादेव को नमस्कार है।
- ॐ ह्रीं अर्धनारीश्वराय नमः इसका अर्थ होता है शिव और शक्ति के सम्मिलित रूप को नमस्कार है।
प्रदोष व्रत के मंत्रों का महत्व
- पंचाक्षरी मंत्र का महत्व होता है। अकाल मृत्यु का भय दूर होना। इससे जीवन की परेशानियां कम होती हैं।
- शिव-शक्ति मंत्र वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ाने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ है।
- रुद्र मंत्र: यह शत्रुओं पर विजय और आत्मविश्वास प्राप्त करने में सहायक है।
- महामृत्युंजय मंत्र अकाल मृत्यु के भय को दूर करता है।
- शिव गायत्री मंत्र: बुद्धि की शुद्धि और एकाग्रता के लिए जपा जाता है।
- आरोग्य मंत्र गंभीर रोगों से मुक्ति और अच्छे स्वास्थ्य के लिए इसका जाप किया जाता है।
- शांति मंत्र: मानसिक शांति और घर के कलह को दूर करने के लिए उपयोगी है।
- अर्धनारीश्वर मंत्र: यह पुरुष और स्त्री ऊर्जा में संतुलन बनाने के लिए जपा जाता है।
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प्रदोष व्रत में इन मंत्रों का जाप शाम के समय करना सबसे फलदायी माना जाता है। रुद्राक्ष की माला से कम से कम 108 बार जाप करें।
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