Mangal Saal 2025: मंगल के इस साल में जरूर करें इन 5 मंत्रों का जाप, सभी कार्यों में होंगे सफल

मंगल ग्रह को ऊर्जा, शक्ति, साहस और पराक्रम का कारक माना जाता है। जब मंगल का प्रभाव अधिक होता है, तो यह व्यक्ति के स्वभाव, व्यवहार, स्वास्थ्य और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहरा असर डाल सकता है। इसके सकारात्मक प्रभावों में व्यक्ति का ऊर्जावान, साहसी और निर्णायक बनना शामिल है। हालांकि, मंगल का प्रबल प्रभाव क्रोध, आक्रामकता और अधीरता जैसी भावनाओं को भी बढ़ा सकता है।
ऐसे में, ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी के अनुसार, साल 2025 में मंगल के शुभ परिणामों को प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी हो सकता है। यह मंत्र मंगल के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने और उसके सकारात्मक गुणों को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
मंगल के बीज मंत्र का करें जाप

मंगल ग्रह को हिंदू धर्म में युद्ध, ऊर्जा और शक्ति का देवता माना जाता है। कुंडली में मंगल के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को साहस, उत्साह और नेतृत्व क्षमता प्राप्त होती है। मंगल दोष होने पर कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए मंगल देवता को प्रसन्न करने के लिए मंगल के बीज मंत्र का जाप किया जाता है।
- ऊं धरणीगर्भसंभूतं विद्युतकान्तिसमप्रभम ।
- कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम ।।
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हनुमान जी के मंत्रों का करें जाप
अगर किसी जीतक की कुंडली में मंगलदोष है, तो हनुमान जी के मंत्रों का जाप विशेष रूप से करें। इससे लाभ हो सकता है।
- ऊं हं हनुमते नमः
- ऊं नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा:
- ऊं हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्:
- मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठ। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये।:
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मंगल गायत्री मंत्र का करें जाप
मंगल गायत्री मंत्र एक शक्तिशाली मंत्र माना जाता है, जिसका जाप करने से मंगल ग्रह को प्रसन्न किया जाता है।
- ऊं अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्।।
मंगल एकाक्षरी बीज मंत्र का करें जाप
मंगल एकाक्षरी मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को आरोग्य की प्राप्ति हो सकती है और जीवन में आने वाली बाधाओं से भी छुटकारा मिल सकता है।
- ऊं अं अंगारकाय नम:
- ऊं भौं भौमाय नम:।।
मंगल चंडिका मंत्र का करें जाप

कुंडली में मंगल की स्थिति को मजबूत करने के लिए मंगल चंडिका मंत्र का जाप विशेष रूप से करें।
- ऊं ह्रीं श्रीं कलीम सर्व पुज्ये देवी मंगल चण्डिके ऐं क्रू फट् स्वाहा
- ऊं ह्रीं श्रीं कलीम सर्व पुज्ये देवी मंगल चण्डिके हूँ हूँ फट् स्वाहा
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Image Credit- HerZindagi
- मंगल का मूल मंत्र क्या है?
- ॐ अंगारकाय विद्महे शक्ति हस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात्
- मंगल पाठ में कितने मंत्र हैं?
- 'मंगलम्' पाठ में पाँच मंत्र संकलित हैं। मंगलम पाठ के रचनाकार महर्षि वेदव्यास हैं। मंगलम पाठ कठोपनिषद से लिया गया है। इस पाठ में कुल 5 मंत्र हैं।
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