Dussehra Ke Diye: दशहरे के दिन दसों दिशाओं में जलाएं ये 10 दीये, धन-वैभव में होगी वृद्धि

दशहरा या विजयादशमी का दिन अत्यंत शुभ और सिद्धियों को प्राप्त करने वाला माना जाता है। इस दिन न केवल भगवान राम की विजय का उत्सव मनाया जाता है, बल्कि मां दुर्गा की कृपा भी बरसती है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दशहरे की शाम को दसों दिशाओं में दीपक जलाना बहुत ही चमत्कारी माना जाता है। दीपक को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। जब आप दशहरे के दिन दसों दिशाओं में दीपक जलाते हैं तो इसका अर्थ है कि आप अपने घर को हर तरफ से आने वाली नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षित कर रहे हैं और सभी दिशाओं से धन, वैभव और सौभाग्य को आमंत्रित कर रहे हैं। यह उपाय जीवन में विजय और प्रगति के रास्ते खोलता है। ऐसे में आइये जानते हैं वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से इस बारे में विस्तार से।
दशहरे के दिन दीये जलाने का महत्व और लाभ
दशहरे के दिन आप इन 10 स्थानों पर सरसों के तेल का दीपक जला सकते हैं, क्योंकि सरसों का तेल नकारात्मकता को दूर करने में विशेष सहायक माना जाता है।
घर का मुख्य द्वार: पहला दीपक घर के मुख्य द्वार पर जलाएं। यह दीपक घर में सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन का स्वागत करता है। साथ ही राहु के बुरे प्रभाव को भी कम करता है।
पूजा स्थान: दूसरा दीपक घर के पूजा स्थान या मंदिर में जलाएं। यह दीपक रात भर जलता रहना चाहिए जिसे अखंड दीपक कहते हैं। यह आपके जीवन में सुख और शांति को बनाए रखता है।
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शमी वृक्ष के नीचे: तीसरा दीपक शमी वृक्ष के पास जलाएं। शमी को विजय, सौभाग्य और धन का प्रतीक माना जाता है। यह दीपक आपको कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता दिलाता है और भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त कराता है।
तुलसी के पौधे के पास: चौथा दीपक तुलसी के पौधे के नीचे जलाएं। तुलसी को मां लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है। यह घर की आर्थिक तंगी दूर करता है और शुभता लाता है।
तिजोरी/धन स्थान: पांचवां दीपक उस स्थान पर जलाएं जहां आप धन या तिजोरी रखते हैं। इससे धन-धान्य में निरंतर वृद्धि होती है।
इन पांच मुख्य स्थानों के अलावा, बाकी 5 दीपक आप पांच अलग-अलग दिशाओं में जला सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र में आठ दिशाओं के साथ 'ऊर्ध्व' (ऊपर की ओर) और 'अधो' (नीचे की ओर) को भी दिशा माना गया है जिससे कुल 10 दिशाएं बनती हैं। अपने घर के अंदर या बाहर किसी भी दिशा को चुनकर वहां एक दीपक जलाएं।
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दीया जलाने के लिए शेष 5 दिशाएं
- उत्तर दिशा: यह धन और समृद्धि की दिशा मानी जाती है।
- पूर्व दिशा: यह आयु में वृद्धि और आरोग्य के लिए शुभ है।
- दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण): यह अग्नि और स्वास्थ्य से संबंधित है।
- दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण): यह स्थिरता और संबंधों के लिए है।
- पश्चिम दिशा: यह भी समृद्धि और प्रगति के लिए अच्छी मानी जाती है।
दीपक जलाते समय 'ॐ अपराजितायै नमः' मंत्र का जाप करें और मां दुर्गा से जीवन के हर क्षेत्र में विजय और वैभव प्रदान करने की प्रार्थना करें। यह सरल उपाय आपके पूरे साल को मंगलमय बना सकता है।
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image credit: herzindagi
- साल 2025 में दशहरे के दिन रावण दहन कब होगा?
- साल 2025 में दशहरे के दिन रावण दहन 2 अक्टूबर को शाम 6 बजे के बाद होगा।
- दशहरा के दिन क्या दान करना चाहिए?
- दशहरा के दिन अन्न और वस्त्र का दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
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