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माता पार्वती से शादी करने के लिए किस रूप में पहुंचे थे भगवान शिव?

भगवान शिव और माता पार्वती का बंधन प्रेम का प्रतीक है। शिव को लेकर पुराणों में कई तरह की कहानियां प्रचलित हैं। शिव और पार्वती की शादी से जुड़ी हुई आज हम आपको एक रोचक जानकारी देंगे।&nbsp; <div>&nbsp;</div>
Updated:- 2023-08-18, 12:35 IST
lord shiva and mata parvati wedding story

कई पौराणिक कथाओं के अनुसार, माता पार्वती और महादेव के प्रेम को असीम और अनन्‍य बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार, महादेव ने मां पार्वती को अपने आधे अंग पर स्थान दिया है। शिव और पार्वती के प्रेम से पूरा संसार वाकिफ है। माना जाता है कि कठोर तप करके माता पार्वती ने शिव जी को शादी करने का विवाह का प्रस्ताव दिया था। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि पार्वती से विवाह करने के लिए भगवान शिव किस रूप में आए थे। 

भगवान शिव विवाह करने किस रूप में पहुंचे थे? 

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पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव जब माता पार्वती से शादी करने पहुंचे तो उनके साथ संपूर्ण जगत के भूत-प्रेत भी थे। इसके अलावा डाकिन्यां, शाकिनियां भी शिव जी की बारात में शामिल थीं। उन्होंने ने ही भोलेनाथ का भस्म से श्रृंगार किया। हड्डियों की माला पहनाई। शिव जटाधारी रूप में थे और उनके बाल भी उलझे हुए थे। सिर से पैर तक वह राख में लिपटे हुए थे और हाथों में थी खून टपकती चमड़ी की शाल उनके शरीर पर थी।

इस अनोखी बारात को देखकर माता पार्वती की मां(रानी मैना देवी ) हैरान रह गईं और वह बेहोश हो गई थी। उन्होंने अपनी बेटी का विवाह करने से इंकार कर दिया।

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पार्वती ने शादी से पहले शिव जी से कही यह बात 

पार्वती ने जब अपनी मां को देखा कि वह बेहोश हो गई हैं तो उन्होंने शिव से विनती करते हुए कहा, "आप तो जैसे भी हैं, मुझको फर्क नहीं पड़ता। मैं तो केवल आपसे प्यार करती हूं, लेकिन मेरी मां के लिए ऐसा रूप धारण कर लीजिए कि लोग आपको देखते रह जाएं।" इसके बाद शिव जी इतना खूबसूरत रूप धारण किया जो संसार में सबसे सुंदर था।

बारात को भी वह सजाकर माता पार्वती के द्वार पर पहुंचे।इसके बाद सृष्टि रचयिता श्री ब्रह्मा जी की मौजूदगी में देवी पार्वती और भोलेनाथ का विवाह संपन्न हुआ। पार्वती और शिव की शादी के बाद उनके पिता और माता दोनों ने पार्वती को विदा किया। पौराणिक कथाओं के अनुसार शिव-पार्वती के विवाह की यह तिथि महाशिवरात्रि के रूप में आज मनाई जाती है। 

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image credit- indiamart 

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