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हनुमान जी को भी चढ़ाया जाता है सरसों का तेल, जानें कब और कैसे करें अर्पित

हनुमान जी को सरसों का तेल चढ़ाने का एक विशेष महत्व है खासकर उन लोगों के लिए जो शनि की साढ़े साती या ढैया से परेशान हैं। ऐसे में आइये जानते हैं कि हनुमान जी को कब और कैसे सरसों का तेल अर्पित करना चाहिए।   
Updated:- 2025-09-01, 17:08 IST
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हनुमान जी की पूजा में सिंदूर और चमेली के तेल का प्रयोग तो सभी जानते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि शनिदेव की तरह हनुमान जी को भी सरसों का तेल चढ़ाया जाता है? जी हां, हनुमान जी को सरसों का तेल चढ़ाने का एक विशेष महत्व है खासकर उन लोगों के लिए जो शनि की साढ़े साती या ढैया से परेशान हैं। माना जाता है कि हनुमान जी को सरसों का तेल अर्पित करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और बुरे प्रभावों को कम करते हैं। हालांकि वृंदावन के ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने हमें बताया कि हनुमान जी को कब और कैसे सरसों का तेल अर्पित करना चाहिए।

हनुमान जी को सरसों का तेल कब और कैसे चढ़ाएं?

हनुमान जी को सरसों का तेल मंगलवार और शनिवार के दिन चढ़ाना सबसे उत्तम माना जाता है। मंगलवार हनुमान जी का दिन है और शनिवार शनिदेव का। इस दिन सरसों का तेल अर्पित करने से शनि की पीड़ा और जीवन की अन्य समस्याएं दूर होती हैं।

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  • स्नान और शुद्धता: सबसे पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें और मन को शुद्ध करें।
  • हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर: पूजा के लिए हनुमान जी की एक साफ मूर्ति या तस्वीर लें।

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  • तेल और दीपक: एक दीपक में सरसों का तेल लें। यदि संभव हो तो मिट्टी का दीपक इस्तेमाल करें। इसके अलावा, थोड़ा सा तेल हनुमान जी के शरीर पर भी अर्पित करें।
  • मंत्र जाप: तेल अर्पित करते समय 'ॐ हनुमते नमः' या 'ॐ श्री हनुमते नमः' मंत्र का जाप करें। यह मंत्र जाप भक्ति और श्रद्धा के साथ करना चाहिए।
  • पूजन: तेल अर्पित करने के बाद हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। इन पाठों का जाप बहुत ही शुभ और फलदायी माना जाता है।
  • प्रसाद: पूजा समाप्त होने के बाद गुड़ और चने का प्रसाद हनुमान जी को अर्पित करें।

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हनुमान जी को सरसों का तेल चढ़ाने के कई लाभ हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो शनि की महादशा, साढ़ेसाती या ढैया से पीड़ित हैं। ऐसा करने से शनिदेव की क्रूर दृष्टि शांत होती है।

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इसके अलावा, यह उपाय जीवन में आने वाली बाधाओं, दुखों और परेशानियों को भी दूर करता है। यह माना जाता है कि हनुमान जी को तेल चढ़ाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और व्यक्ति को साहस, शक्ति और सफलता मिलती है।

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image credit: herzindagi 

FAQ
हनुमान जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन सा है?
हनुमान जी का सबसे शक्तिशाली मंत्र 'ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा' और शीघ्र प्रसन्नता के लिए 'ॐ हनुमते नमः' है।
हनुमान चालीसा का पाठ कब नहीं करना चाहिए?
सूतक काल, अपवित्र अवस्था, मांस-मदिरा का सेवन करने के बाद और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ नहीं करना चाहिए।  
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