Wed Oct 7, 2026 | Updated 05:31 AM IST

Apara Ekadashi Kab Hai 2025: कब पड़ रही है अपरा एकादशी? जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

अपरा एकादशी को लेकर ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जहां एक ओर घर में सुख-समृद्धि का वास स्थापित होता है तो वहीं, दूसरी ओर इस दिन व्रत का पालन करने से दोषों से छुटकारा मिल जाता है।
Updated:- 2025-05-15, 08:00 IST
apara ekadashi 2025 shubh muhurat

ष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अपरा एकादशी आने को है। अपरा एकादशी को लेकर ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से जहां एक ओर घर में सुख-समृद्धि का वास स्थापित होता है तो वहीं, दूसरी ओर इस दिन व्रत का पालन करने से दोषों से छुटकारा मिल जाता है। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि इस साल कब पड़ रही है अपरा एकादशी, क्या है इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व।

अपरा एकादशी 2025 कब है?

apara ekadashi 2025 ka muhurat

ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि का आरंभ 22 मई, गुरुवार के दिन रात 1 बजकर 12 मिनट से हो रहा है। वहीं, इसका समापन 23 मई, शुक्रवार के दिन रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत 23 मई को रखा जाएगा।

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अपरा एकादशी 2025 शुभ मुहूर्त

अपरा एकादशी यानी कि 23 मई को सूर्योदय सुबह 5 बजकर 46 मिनट से शुरू होगा। वहीं, सूर्यास्त शाम 7 बजे होगा। स्नान और दाना के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4 बजकर 10 मिनट से सुबह 4 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा, अपरा एकादशी की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 57 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त में अपरा एकादशी की पूजा हितकारी रहेगी।

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अपरा एकादशी 2025 महत्व

apara ekadashi 2025 ki tithi

अपरा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को ब्रह्महत्या, परनिंदा और प्रेत योनि जैसे बड़े पापों से भी मुक्ति मिल जाती है। यह व्रत इतना प्रभावशाली माना जाता है कि इसके पुण्य फल गंगा नदी के तट पर पिंडदान करने, कुंभ मेले में स्नान करने या सूर्य ग्रहण के दौरान दान करने के समान होते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को यश, धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है और वह संसार में प्रसिद्ध होता है।

यह व्रत आत्मा को शुद्ध करता है और मोक्ष की प्राप्ति में सहायक होता है। इस व्रत को करने से जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। अपरा एकादशी का व्रत मन को संयम और शांति प्रदान करता है, जिससे तनाव और चिंता कम होती है। 'अपरा' का अर्थ अपार होने के कारण, इस व्रत को करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है।

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image credit: herzindagi 

FAQ
अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को क्या भोग लगाएं?
अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को पीली मिठाई का लगाएं भोग।
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