Basant Panchami Date 2026: 23 या 24 जनवरी, कब है बसंत पंचमी? सरस्वती पूजा की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानें

हिंदू धर्म में कई त्योहारों को बहुत पावन और पवित्र माना गया है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का भी शास्त्रों में विशेष महत्व बताया गया है। यह पर्व मुख्य रूप से ज्ञान और विद्या का त्योहार है, जिसमें ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। वर्ष 2026 में पंचमी तिथि कब पड़ रही है, इसे लेकर लोगों में बहुत असमंजस की स्थिति है। 23 और 24 जनवरी में से किसी दिन पंचमी तिथि पड़ रहीं है और कब बसंत पंचमी मनाई जाएगी, यह जानने के लिए हमने बात की मध्य प्रदेश उज्जैन के पंडित एवं ज्योतिषाचार्य मनीष शर्मा से। वह कहते हैं, " किसी भी त्योहार को कब मनाया जाएगा, यह उसकी उदया तिथि पर निर्भर करता है। यदि सूर्य उदय के साथ-साथ या उससे कुछ समय पहल ही उदया तिथि लग जाती है, तो त्योहार उसी दिन मनाया जाता है।"
कब है बसंत पंचमी? (Basant Panchami Kab Hai 2026)
हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह की शुक्ल पंचमी तिथि 23 जनवरी को सुबह 2 बज कर 30 मिनट में पर लगेगी और यह 24 जनवरी की सुबह 1 बजकर 40 मिनट पर समाप्त हो जाएगी। इस तरह से देखा जाए तो बसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी को मनाया जाएगा। पंडित मनीष कहते हैं, " बसंत पंचमी की दूसरे दिन शनिवार सूर्य उदय के साथ ही षष्ठी तिथि लग जाएगी। ऐसे में पंचमी तिथि शुक्रवा को पूरे दिन रहेगी।"

| तिथि | मुहूर्त |
| पंचमी तिथि का आरंभ | 23 जनवरी 2026 को रात 02:28 बजे से। |
| पंचमी तिथि का समापन | 24 जनवरी 2026 को रात 01:46 बजे तक। |
| सरस्वती पूजा का सबसे शुभ समय | सुबह 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक। |
सरस्वती पूजा का मुहूर्त (Saraswati Puja Muhurat 2026)
ज्ञान की देवी माता सरस्वती की पूजा, बसंत पंचमी के दिन मुख्य आकर्षण का केंद्र रहता है। यह दिन छात्र-छात्रों के साथ-साथ प्रोफेशनल्स के लिए भी बहुत मायने रखता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में देवी सरस्वती की पूजा करने पर बहुत लाभ प्राप्त होता है। चलिए हम आपको बताते हैं कि बसंत पंचमी के दिन आप किन मुहूर्तों पर देवी सरस्वती की पूजा कर सकती हैं।

| मुहूर्त | समय |
| लाभ चौघड़िया | सुबह 8 बजकर 33 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 53 मिनट तक। |
| अभिजीत मुहूर्त | 12 बजकर 11 मिनट पर शुरू होकर 12 बजकर 54 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। |
| अमृत चौघड़िया | सुबह 9 बजकर 53 मिनट से लेकर सुबह 11 बजकर 53 मिनट तक। |
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बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का महत्व
बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा का महत्व बहुत अधिक बढ़ जाता है। यह दिन देवी सरस्वती को समर्पित है और इस दिन संगीत, साहित्या और कला से जुड़े लोगों को जरूर उनकी अराधना करनी चाहिए। इसके साथ ही सरस्वती पूजा के दिन बच्चों को अक्षर ज्ञान देना बहुत ज्यादा जरूरी है। इस दिन से आप अपने बच्चे की पढ़ाई की शुरुआत करा सकती हैं। इस दिन पीले कपड़े पहनने का भी महत्व है, क्योंकि बसंत पंचमी से ऋतु परिर्वतन होता है, इसलिए इस दिन घर में पीले पकवान बनते हैं, पीले फूल से घर सजाया जाता है।
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तो इस वर्ष 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो, तो लेख को शेयर और लाइक जरूर करें। इसी तरह और भी धार्मिक लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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