Fri Sep 11, 2026 | Updated 08:41 PM IST

ट्रेन में SL कोच और SL सीट होती हैं अलग-अलग, टिकट बुक करने से पहले जान लें पूरी जानकारी

सही कोच की जानकारी होने से आपको अपने कोच में चढ़ने में परेशानी नहीं होती। अगर आपको कोच नहीं मिलेगा, तो हो सकता है कि आपको जल्दबाजी में दूसरे कोच में चढ़ना पढ़े। ट्रेन चलने के बाद अंदर से ही आपको कोच तक पहुंचना पड़ता है। सामान ज्यादा होने पर अपना कोच खोजना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है।  
Updated:- 2024-08-26, 14:28 IST
difference between sl coach and sl seat in train

ट्रेन में सही कोच की जानकारी होने से यात्री उस स्थान पर खड़े हो सकते हैं, जहां उनका कोच आने वाला है। लेकिन अगर आप अपने सीट और कोच के नाम में ही कन्फ्यूज है, तो इससे आपको भारी नुकसान हो सकता है। कई बार जानकारी के अभाव की वजह से गलत सीट पर बैठ जाते हैं और टीटी भी आपकी बातों पर भरोसा नहीं करता। टिकट चेकर को लगता है कि आप झूठ बोल रहे हैं और वह आपसे फाइन मांग सकता है। इसलिए अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं, तो आपको कोच और सीट के बारे पूरी जानकारी होती है। 

क्या होता है ट्रेन में SL कोच

train india

ट्रेन में SL कोच का मतलब ‘स्लीपर क्लास’ (Sleeper Class) होता है। यह आपको बाहर डिब्बे के ऊपर ही लिखा हुआ नजर आएगा। एक ट्रेन में आपको 8 से 11 स्लीपर कोच मिल सकते हैं। इसकी पहचान आप S1, S2, S3 से लेकर S11 से कर सकते हैं।

कई ट्रेनों में स्लीपर कोच के कुछ डिब्बे ट्रेन के आगे और कुछ ट्रेन के लास्ट में लगे होते हैं। यह नॉन एसी डिब्बा होता है, जो लंबी दूरी की यात्रियों को बजट में लंबी यात्रा करने की सुविधा देती है। इसमें आप सोकर यात्रा कर सकते हैं। स्लीपर कोच में एक आरक्षित बर्थ होती है, जहां वे यात्रा के दौरान आराम से लेट सकते हैं। हर कोच में आपको लगभग 72 बर्थ यानी सीट देखने को मिलेंगे।

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क्या होती है SL सीट

SIDE LOWER

अक्सर उन लोगों को SL कोच और SL सीट के बारे में समझने में परेशानी होती है, जो ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक करते हैं। उदाहरण के लिए टिकट में आपको CF/SL1/SL10 लिखा हुआ नजर आता है। इसे देखने के बाद लोगों को समझ नहीं आता कि उन्हें स्लीपर कोच के पहले डिब्बे में जाना है या 10वें। 

  • ऐसे यात्रियों को हम बता दें कि SL का मतलब सीट बर्थ से है। जैसे अपर बर्थ, मिडिल बर्थ और लॉवर बर्थ होते हैं। उसी तरह ट्रेन में साइड लोअर और साइड अपर बर्थ भी होते हैं।
  • साइड लोअर बर्थ को SL के नाम से ही संबोधित किया जाता है। साइड लोअर और साइड अपर बर्थ, ट्रेन की 6 सेट वाली सीटों के साइड में होते हैं। यह विंडो साइड सीट होती है। 
  • ध्यान रखें कि SL सीट यानी साइट लोअर बर्थ केवल स्लीपर कोच में नहीं बल्कि ट्रेन के हर लंबी दूरी पर चलने वाली ट्रेनों के डिब्बों में होते हैं। यह आपको AC कोच से लेकर जनरल स्लीपर के सभी डिब्बों में मिलेंगे।

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image credit- freepik, Quara

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