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सावन में लखनऊ से ऐसे करें उज्जैन की यात्रा, जानें बेस्ट रूट और पूरा ट्रैवल प्लान

सावन में हम सभी भगवान श‍िव के दर्शन करने के ल‍िए अलग-अलग राज्‍यों में मशहूर श‍िव मंद‍िर जाते हैं। उज्‍जैन का महाकाल मंद‍िर भी उन्‍हीं में से एक है। हम आपको लखनऊ से यहां की यात्रा करने के ट्रैवल टि‍प्‍स दे रहे हैं।
Updated:- 2026-07-28, 12:04 IST
ujjain travel tips from lucknow

सावन का महीना भगवान श‍िव की भक्‍ति‍ के ल‍िए सबसे खास होता ह‍ै। इस दौरान लाखों श्रद्धलु देश-व‍िदेश से उज्‍जैन आते हैं और बाबा महाकाल के दर्शन करते हैं। ऐसे में अगर आप लखनऊ में हैं और यहां से उज्‍जैन जाने का सोच रही हैं, लेक‍िन समझ नहीं पा रही हैं क‍ि कौन सा रूट सबसे आसान रहेगा, कहां रुकें, मंद‍िर के दर्शन कैसे करें और उज्जैन महाकाल के अलावा कहां जाएं, ताे यह लेख आपके ल‍िए ही है।

आज हम आपको पूरी ट्रैवल ट‍िप्‍स दे रहे हैं। इससे आप मंद‍िर में दर्शन भी अच्‍छे से कर पाएंगी और ट्र‍िप में आपको कोई द‍िक्‍कत भी नहीं होगी। आइए जानते हैं-

लखनऊ से उज्जैन कैसे पहुंचें?

ट्रेन से जाएं- अगर आप आराम से सफर करना चाहती हैं, तो ट्रेन सबसे अच्छा ऑप्‍शन रहेगा। आपको लखनऊ से उज्जैन के लिए डायरेक्‍ट ट्रेनें भी म‍िल जाएंगी। अगर सीधी ट्रेन न मिले तो भोपाल, इंदौर या उज्जैन तक कनेक्टिंग ट्रेन भी ले सकती हैं। ट्रेन से आमतौर पर 12 से 16 घंटे का समय लग सकता है। उज्जैन जंक्शन से महाकाल मंदिर की दूरी लगभग 2 से 3 किलोमीटर है। यहां से आपको ऑटो और ई-रिक्शा सब आसानी से मिल जाएंगे।

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फ्लाइट से जाएं- उज्जैन में काेई एयरपोर्ट नहीं है। ऐसे में आप लखनऊ से देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट, इंदौर के ल‍िए जा सकती हैं। यहां से उज्जैन की दूरी करीब 53 किलोमीटर है। आपको बता दें क‍ि लखनऊ से इंदौर के लिए नॉन स्‍टॉप या एक स्टॉप वाली फ्लाइट मिल जाएगी। इंदौर एयरपोर्ट से आप टैक्सी या बस लेकर लगभग 1 से 1.5 घंटे में उज्जैन पहुंच सकती हैं।

सड़क मार्ग- अगर आप अपनी कार से जाना चाहती हैं, तो लखनऊ से उज्जैन की दूरी लगभग 750 किलोमीटर के आसपास है। रास्ते में झांसी, शिवपुरी, गुना और देवास की ओर से उज्जैन पहुंचा जा सकता है।

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उज्जैन पहुंचकर कहां रुकें?

अगर आप सावन में उज्‍जैन जा रही हैं और आपका मुख्य उद्देश्य महाकाल के दर्शन करना है, तो मंदिर के आसपास होटल बुक कर सकती हैं। यहां आपको कई ऑप्‍शन म‍िल जाएंगे।

  • बजट होटल
  • धर्मशालाएं
  • गेस्ट हाउस
  • मिड-रेंज होटल
  • प्रीमियम होटल

सावन, सोमवार और महाशिवरात्रि जैसे समय में भीड़ बहुत ज्यादा रहती है, इसलिए आप जब भी जाएं तो होटल पहले से बुक कर लें।

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महाकाल मंदिर में दर्शन कैसे करें?

महाकाल मंदिर सुबह 4 बजे खुल जाता है और रात तक दर्शन चलते हैं। सावन में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है।

सामान्य दर्शन- अगर आपको सिर्फ दर्शन करने हैं, तो सामान्य लाइन से प्रवेश कर सकती हैं।

जल्‍दी दर्शन- अगर भीड़ ज्यादा हो, तो आप चाहें तो वीआईपी दर्शन भी कर सकती हैं।

भस्म आरती- महाकाल की सबसे प्रसिद्ध भस्म आरती सुबह तड़के 4 बजे होती है। इसमें शामिल होने के लिए पहले से ऑनलाइन बुकिंग करना जरूरी होता है। सावन में सीटें जल्दी भर जाती हैं, इसलिए यात्रा से पहले ऑफ‍िश‍ियल वेबसाइट पर बुकिंग जरूर कर लें।

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महाकाल लोक कॉर‍िडोर जरूर देखें

महाकाल मंदिर के पास बना महाकाल लोक कॉरिडोर आज उज्जैन की सबसे बड़ी पहचान बन चुका है। जो भी महाकाल के दर्शन करने आता है, वह यहां जरूर जाता है। इसल‍िए आप यहां जरूर जाएं। यहां भगवान शिव की बड़ी मूर्तियां, सुंदर लाइटिंग, फव्वारे और शानदार नक्काशी देखने को मिलेगी। खूबसूरती देखनी है तो कोश‍िश करें क‍ि शाम के समय यहां घूमने जाएं।

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महाकाल के अलावा उज्जैन में क्या-क्या देखें?

अगर आप महाकाल में दर्शन करने जा रही हैं, तो उज्‍जैन में और भी कुछ खूबसूरत और आध्‍यात्‍म‍िक जगहों को एक्‍सप्‍लोर कर सकती हैं। जैस-

  • हरसिद्धि माता मंदिर- यह मंद‍िर 51 शक्तिपीठों में से एक है। शाम की आरती और दीप स्तंभ देखने लायक होती हैं।
  • काल भैरव मंदिर- उज्जैन आने वाले श्रद्धालु महाकाल दर्शन के बाद काल भैरव मंदिर भी जरूर जाते हैं।
  • मंगलनाथ मंदिर- मान्यता है कि यह मंगल ग्रह से जुड़ा प्रमुख मंदिर है।
  • राम घाट- शिप्रा नदी के किनारे स्थित राम घाट भी आप शाम के समय जा सकती हैं। यहां होने वाली आरती देखने लायक है।
  • संदीपनि आश्रम- बताया जाता है क‍ि भगवान श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा ने यहीं पर शिक्षा प्राप्त की थी।
  • गढ़कालिका मंदिर- यह मंदिर मां काली को समर्पित है।
  • भर्तृहरि गुफाएं- अगर आपको इतिहास और आध्यात्मिक जगहें पसंद हैं, तो यहां जरूर जाएं।

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दो दिन का आसान ट्रैवल प्लान जानें

अगर आप दो द‍िन का समय लेकर उज्‍जैन जा रही हैं तो यह ट्रैवल प्‍लान फॉलो कर सकती हैं।

पहला दिन

  • होटल में चेक-इन
  • महाकाल दर्शन
  • महाकाल लोक घूमना
  • हरसिद्धि माता मंदिर
  • राम घाट की शाम की आरती

दूसरा दिन

  • भस्म आरती (अगर बुकिंग हो)
  • काल भैरव मंदिर
  • मंगलनाथ मंदिर
  • संदीपनि आश्रम
  • गढ़कालिका मंदिर
  • भर्तृहरि गुफाएं

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उज्जैन में क्या खाएं?

उज्‍जैन अपने खानपान के ल‍िए भी काफी फेमस है। जो भी यहां आता है वह कुछ खास डि‍शेज का स्‍वाद जरूर लें। जैसे-

  • पोहा-जलेबी
  • साबूदाना खिचड़ी
  • दाल-बाफला
  • कचौड़ी
  • मालपुआ
  • लस्सी

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यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • सावन में होटल और ट्रेन की बुकिंग पहले से कर लें।
  • मंदिर में शालीन कपड़े ही पहनकर जाएं।
  • भीड़ ज्यादा होने पर बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।
  • मोबाइल, जूते और दूसरे सामान के लिए मंदिर परिसर में उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल करें।
  • अगर भस्म आरती देखनी है, तो यात्रा से पहले ही ऑनलाइन बुकिंग जरूर करें।

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तो अगर आप सावन में भगवान महाकाल के दर्शन का प्लान बना रही हैं, तो लखनऊ से उज्जैन की यात्रा ट्रेन, फ्लाइट या सड़क मार्ग से आसानी से की जा सकती है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit- Incredible India

FAQ
उज्जैन यात्रा का सही समय क्‍या है?
उज्जैन घूमने के लिए अक्टूबर से मार्च का महीना सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान मौसम सुहावना रहता है। 
उज्जैन का निकटतम हवाई अड्डा कौन सा है?
इंदौर का देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उज्जैन के सबसे पास है, जो यहां से लगभग 53 किलोमीटर दूर है।
शिप्रा नदी पर होने वाली महाआरती का समय क्‍या है? 
रामघाट पर शिप्रा नदी की प्रसिद्ध संध्या आरती रोजाना शाम को सूर्यास्त के समय यानी लगभग 7:00 बजे आयोजित की जाती है।
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