Mahashivratri 2026: कोयंबटूर में 112 फीट ऊंचे आदियोगी के साये में कैसे मनाई जाती है महाशिवरात्रि? रजिस्ट्रेशन से लेकर वहां पहुंचने तक का पूरा गाइड यहां जानें

Mahashivratri 2026 In Isha Foundation At Coimbatore: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का दिन बहुत ही पवित्र माना गया है। ये त्येाहार देवों के देव महादेव और माता शक्ति के मिलन का प्रतीक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि महाशिवरात्रि वाले दिन ही महादेव और माता पार्वती की शादी हुई थी। इस साल महाशिवरात्रि 15 फरवरी (Mahashivratri 2026) को मनाई जा रही है। इस दिन कई जगहों पर जागरण का आयोजन किया जाता है।
वहीं, तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा योग केंद्र में आदियोगी शिव की 112 फीट ऊंची प्रतिमा के सामने मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखती है। इस दौरान यहां की रौनक देखने के लिए देश-दुनिया से भारी भीड़ पहुंचती है। ऐसे में अगर आप महाशिवरात्रि पर आदियोगी स्टैच्यू (Adiyogi Statue in Coimbatore) देखने जाने की सोच रही हैं तो हम आपको पूरा ट्रैवल गाइड बता रहे हैं। आइए जानते हैं-
ईशा योग केंद्र में महाशिवरात्रि क्यों है खास? (Why Mahashivratri Famous At Adiyogi)
जब आदियोगी शिव की 112 फीट ऊंची मूर्ति रात के समय आसमान में रोशनी से जगमगाती है, तो रौनक देखने लायक होती है। यहां पर हजारों लोग एक साथ यहां इकट्ठे होते हैं, लेकिन भीड़ के बावजूद एक अलग तरह की शांति महसूस होती है। पूरी रात मंत्रों की गूंज, ध्यान, संगीत और साधना का सिलसिला चलता रहता है।
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कई तरह के कार्यक्रमों का होता है आयोजन (Programmes held on Mahashivratri 2026)
महाशिवरात्रि पर ईशा योग केंद्र में लाइव संगीत, मेडिटेशन सेशन और कई तरह के आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। कई लोग मानते हैं कि महाशिवरात्रि की रात जागकर बिताने से मन और शरीर दोनों पर सकारात्मक असर पड़ता है।
कैसे पहुंचें कोयंबटूर के आदियाेगी? (How To Reach Adiyogi)
आदियोगी शिव जी की प्रतिमा कोयंबटूर शहर से करीब 30 से 40 किलोमीटर की दूरी पर वेल्लियांगिरी पहाड़ियों के पास स्थित है। आप यहां कई तरह से पहुंच सकती हैं-
- हवाई रास्ते से: कोयंबटूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है। यहां से आपको टैक्सी या ईशा केंद्र की ओर चलने वाली शटल और बसें आसानी से मिल जाती हैं।
- ट्रेन से: कोयंबटूर जंक्शन देश के बड़े शहरों से अच्छी तरह से कनेक्टेड है। स्टेशन से ईशा योग केंद्र के लिए कैब और बस दोनों ही मिल जाते हैं।
- सड़क मार्ग से: कोयंबटूर शहर से ईशा तक रोजाना बसें चलती हैं। अगर आप खुद गाड़ी से जा रही हैं, तो पहाड़ियों के बीच का रास्ता आपको बहुत ही खूबसूरत लगेगा।
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कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
महाशिवरात्रि के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होता है। हालांकि, एंट्री फ्री रहती है, लेकिन बिना रजिस्ट्रेशन आपको अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
- आप ईशा फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं
- रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक क्यूआर कोड या एंट्री पास मिलता है
- खाने, पार्किंग और स्टे करने के लिए आप अलग से बुकिंग कर सकती हैं
- सीटें जल्दी भर जाती हैं, इसलिए पहले से रजिस्ट्रेशन करना ज्यादा सही रहेगा
इन बातों का रखें ध्यान
- कंफर्टेबल कपड़े पहनें
- पानी की बोतल, जरूरी दवाइयां और पहचान पत्र साथ रखें
- मोबाइल नेटवर्क चला जाता है, इसलिए पहले से जरूरी जानकारी सेव कर लें
तो अगर आप भी महाशिवरात्रि पर आदियोगी जाने की सोच रही हैं तो हम आपको पूरा ट्रैवल गाइड बता रहे हैं। यहां पर महाशिवरात्रि सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं रहती बल्कि यहां से लोग एक अलग ऊर्जा लेकर लौटते हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- Herzindagi/Freepik
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