Sat Sep 12, 2026 | Updated 03:24 AM IST

दिल्ली से Valley of Flowers National Park कैसे जाएं? पढ़ें पूरा ट्रैवल गाइड

जुलाई से सितंबर में वैली ऑफ फ्लॉवर्स का नजारा देखना इसलिए अच्छा होता है, क्योंकि इस समय यहां सैकड़ों प्रजातियों के फूल खिलते हैं। फूलों की वजह से घाटी का रंग भी अलग-अलग नजर आता है।
Updated:- 2026-07-26, 16:59 IST
how to reach delhi to valley of flowers national park read full travel guide

उत्तराखंड की फ्लावर वैली कोई साधारण घाटी नहीं है। यह हिमालय की गोद में बसी एक ऐसी खूबसूरत जगह है, जो चारों तरफ फूलों की चादर से ढकी रहती है। हरे-भरे घास के मैदान, छोटे-छोटे झरने, बादलों और पहाड़ों से घिरी इस घाटी का नजारा इतना ज्यादा सुंदर लगता है कि पर्यटक घंटों तक इसकी वादियों को निहारते रह जाते हैं। दिल्ली से यहां पहुंचना इतना आसान नहीं है, क्योंकि यह लगभग 11,000 से 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। आप भी अगर मानसून में यहां घूमने का प्लान कर रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।

दिल्ली से वैली ऑफ फ्लावर्स की दूरी कितनी है?

वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचने के लिए आपको लगभग 503 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। यहां पहुंचने में आपको लगभग 15 से 16 घंटे का समय लग जाता है। आप अपनी गाड़ी से जा रही हैं, तो पहुंचने में करीब 20 से 25 घंटे या उससे अधिक समय लग सकते हैं। अगर आप बस या ट्रेन से यात्रा कर रही हैं, तो समय और भी ज्यादा लंबा हो जाता है। इसकी वजह यह है कि रास्ते में बस बदलना, शेयर टैक्सी या कैब का इंतजार करना और अलग-अलग पड़ावों तक पहुंचने के बाद आगे की सवारी लेनी पड़ती है, जिससे कुल यात्रा का समय और भी ज्यादा बढ़ जाता है।

2

कैसे जाएं?

बस से जा रही हैं, तो दिल्ली के कश्मीरी गेट ISBT से उत्तराखंड परिवहन की बस लें। आप चाहें, तो प्राइवेट बस भी ले सकती हैं, नॉन एसी का प्राइस कम होता है। एसी बस में आपको 1200 से 1500 रुपये तक खर्च करने होंगे।

  • दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचने में आपको लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग जाएगा।
  • ट्रेन से जा रही हैं, तो नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन हरिद्वार और देहरादून के लिए ट्रेन ले सकती हैं। ट्रेन से यहां पहुंचने में आपको लगभग 4 घंटे का समय लगता है।
  • अगर कोई यात्री फ्लाइट से जाना चाहता है, तो दिल्ली से देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट तक के लिए फ्लाइट ले सकता है। हालांकि, ध्यान रखें कि इसमें आपके एक तरफ की टिकट के 5000 से 6000 रुपये तक खर्च हो जाएंगे।

इसे भी पढे़ं- मसूरी से धनौल्टी के Eco Park कैसे जाएं? पढ़ें पूरा ट्रैवल गाइड

जरूरी जानकारी- बस या ट्रेन से हरिद्वार पहुंचना यात्रियों के लिए सस्ता हो सकता है। आप नॉन एसी बसों से 400 से 500 रुपये में आराम से हरिद्वार पहुंचकर अपने आगे का सफर शुरू कर सकते हैं।

दिल्ली से वैली ऑफ फ्लावर्स का रूट क्या है?

वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचने के लिए सबसे पहले आपको दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचना होगा। यहां तक पहुंचने के तीन आसान ऑप्शन है। आप बस, ट्रेन या फ्लाइट से यहां पहुंच सकती हैं। बजट में घूमने वालों के लिए ट्रेन या बस का ऑप्शन अच्छा हो सकता है।

  • हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचने के बाद आपको गोविंदघाट जाना होगा। यहां जाने के लिए सुबह जल्दी बस, शेयर टैक्सी या प्राइवेट कैब बुक करनी होगी।
  • हरिद्वार से गोविंदघाट की दूरी लगभग 284 किमी है, जिसे पूरा करने में 8 से 9 घंटे का समय लग जाता है। इसी रास्ते में देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, चमोली और जोशीमठ जैसे खूबसूरत लोकेशन आते हैं।
  • गोविंदघाट से फिर आपको पुलना गांव तक पहुंचना होता है। इसके लिए सड़क बनी हुई है, जहां आप स्थानीय टैक्सी या शेयर जीप से ही जा सकती हैं। इससे ट्रेक की दूरी कम हो जाती है।

Valley of Flowers

वैली ऑफ फ्लावर्स की ट्रैकिंग कहां से शुरू होती है?

पुलना से घांघरिया तक करीब 9 किमी का ट्रेक करना होता है। यहां तक पहुंचने का रास्ता भी खूबसूरत है, इसलिए ट्रैकिंग करके जाना आपको अच्छा लगेगा। यहां रास्ते में आपको लक्ष्मण गंगा नदी, झरने और पहाड़ों के खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। हालांकि, जो लोग पैदल नहीं चढ़ पाते उनके लिए घोड़े, खच्चर और पालकी की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।

  • घांघरियां पहुंचने के बाद आप रात में आराम करें, क्योंकि ट्रेकिंग करने में आपका पूरा दिन निकल जाएगा। रात में आराम करने के बाद अगले दिन सुबह Forest Check Post जाकर वैली ऑफ फ्लाइवर की एंट्री टिकट खरीदें।
  • घांघरिया से फॉरेस्ट चेक पॉइंट की दूरी लगबग 2 किमी है। टिकट लेने के बाद आप आपको लगबग 3 से 4 किमी तक ट्रेक करना होगा और आप वैली ऑफ फ्लावर पहुंच जाएंगी।

How to reach Valley of Flowers from Delhi

इसे भी पढ़ें- मानसून में करना है एडवेंचर? दूधसागर फॉल्स ट्रैक की पूरी ट्रैवल गाइड जानें

यहां जाने वाले लोग ध्यान रखें कि शाम तक वापस घांघरिया लौटना जरूरी होता है, क्योंकि पार्क के अंदर रुकने की अनुमति नहीं होती। इसलिए, समय से निकल जाए, ताकि घांघरिया होटल लेकर रात बिता सकें।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।

Image Credit : magnific

FAQ
Valley of Flowers National Park का एंट्री टिकट कितना है?
भारतीय पर्यटकों के लिए एंट्री टिकट 200 रुपये प्रति व्यक्ति है और विदेशी पर्यटकों के लिए 800 रुपये प्रति व्यक्ति है।
क्या Valley of Flowers जाने के लिए ट्रेक करना जरूरी है?
हां, पुलना से घांघरिया और फिर अगले दिन घांघरिया से Valley of Flowers तक ट्रेक करना पड़ता है। हालांकि, आप घोड़े, खच्चर और पालकी की सुविधा से भी जा सकती हैं।
वैली ऑफ फ्लावर्स के पास घांघरिया में रुकने की सुविधा कैसी है?
यहां होटल और गेस्ट हाउस की सुविधा दी गई है। पर्यटकों को यहां अच्छा लगेगा।
Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।