मानसून में करना है एडवेंचर? दूधसागर फॉल्स ट्रैक की पूरी ट्रैवल गाइड जानें

बरसात में घूमने-फिरने का अलग ही मजा है। अगर आपको भी इस मौसम में ट्रैकिंग का बहुत शौक है, तो मॉनसून ट्रेकिंग का अनुभव जरूर लें। आइए जानते हैं मॉनसून ट्रेकिंग पर जाने से पहले किन बातों का रखें ध्यान। 
Updated:- 2026-07-21, 09:38 IST
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बरसात का मौसम बहुत सुहावना होता है और इस मौसम में अधिकतर महिलाएं किसी न किसी ट्रिप पर जरूर जाती हैं। अगर आप भी किसी खास ट्रिप पर जाने का सोच रही हैं और आपको ट्रैकिंग करना बहुत पसंद है, तो आपके लिए यह मानसून डेस्टिनेशन परफेक्ट हो सकती है, जहां आप ट्रैकिंग कर एक खूबसूरत और यादगार ट्रिप बना सकती हैं। अगर आप भी इस जगह जाने का मन बना रही हैं, तो आपको कुछ खास बातों का ध्यान रखना होगा। आइए जानते हैं ट्रैकिंग पर जाने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें।

गोवा की बॉर्डर पर है खूबसूरत दूधसागर फॉल्स

गोवा की बॉर्डर पर स्थित 'दूधसागर फॉल्स' भारत के सबसे खूबसूरत झरनों में से एक माना जाता है। यह करीब 310 मीटर की ऊंचाई से गिरता है, जो अपनी खूबसूरती और सफेद दूध जैसी धाराओं के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। दूधसागर फॉल गोवा के 'भगवान महावीर वन्यजीव अभयारण्य' और 'मोल्लेम नेशनल पार्क' के अंदर मौजूद है।

यह झरना घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और रेलवे ब्रिज के बीचों-बीच बना हुआ है। यहां सबसे ज्यादा भीड़ मानसून के दौरान ही देखी जाती है। बरसात के मौसम में यहां लोग ट्रैकिंग करने के लिए जरूर आते हैं। अगर आपको भी ट्रैकिंग करना बहुत पसंद है, तो आप भी यहां जा सकती हैं, लेकिन जाने से पहले कुछ खास बातों का जरूर ध्यान रखें।

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दूधसागर का फेमस ट्रैकिंग रूट

दूधसागर जाने के लिए दो फेमस ट्रैकिंग रूट्स हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पॉपुलर 'कुलेम रूट' माना गया है। यह लगभग 11 किलोमीटर का सफर है, जिसे तय करने में करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है। इस रूट पर चलते हुए आपको घने जंगलों, छोटे-छोटे नालों और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का अनुभव मिलता है।

कैसे पहुंचें दूधसागर?

यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'डाबोलिम एयरपोर्ट' है। इसके अलावा, अगर आप ट्रेन से जा रही हैं, तो कुलेम या कैसल रॉक रेलवे स्टेशन सबसे पास पड़ेगा। बाय रोड जाने पर आप मोल्लेम गांव तक टैक्सी से आ सकती हैं, और फिर वहां से आगे के लिए पर्सनल या शेयरिंग जीप बुक कर सकती हैं।

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ट्रैकिंग पर जाने से पहले अपने बैग में रखें ये जरूरी सामान

अगर आप दूधसागर ट्रैक के लिए जा रही हैं, तो अपने साथ अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज जरूर रखें। इसके अलावा रेनकोट, एक्स्ट्रा टॉर्च, एनर्जी ड्रिंक्स, पानी की बोतल और एक बेसिक मेडिकल किट भी अपने बैग में जरूर शामिल करें। बरसात का मौसम होने की वजह से आपके कपड़े भीग सकते हैं, ऐसे में अपने साथ एक्स्ट्रा कपड़े जरूर रखें।

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इन बातों का रखें ध्यान

बरसात में ट्रैकिंग करना एक बेहतरीन और रोमांचक अनुभव हो सकता है, लेकिन अगर आप जाने का मन बना रही हैं, तो मौसम का अपडेट जरूर ले लें और वहां की सरकारी गाइडलाइंस जरूर पढ़ें। कई बार भारी बारिश या लैंडस्लाइड की वजह से ट्रैकिंग रूट्स बंद कर दिए जाते हैं। इसके अलावा, कई बार फोटो और सेल्फी लेने के चक्कर में बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ऐसे में आप झरने के बहुत करीब जाकर फोटो या सेल्फी लेने की गलती बिल्कुल न करें। पानी के तेज बहाव की वजह से कोई अनहोनी हो सकती है।

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Image Credit : magnific

FAQ
धसागर ट्रेक कितना लंबा और कठिन है?
ह लगभग 11-14 किमी का मध्यम स्तर का ट्रेक है।
दूधसागर ट्रेक शुरू करने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन कौन सा है?
कुलेम (Kulem) या कैसल रॉक स्टेशन सबसे पास हैं।
क्या मानसून में दूधसागर के लिए जीप सफारी चालू रहती है?
नहीं, भारी बारिश की वजह से नदी पार करने वाली जीप बंद रहती है।
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