
इस साल उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में माघ मेले (Magh Mela 2026) की शुरुआत पौष पूर्णिमा यानी 3 जनवरी से होने जा रही है। ये भव्य आयोजन (Magh Mela duration) 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि तक चलेगा। इस मौके पर प्रयागराज में बंपर भीड़ होने की संभावना है। पिछले साल हुए महाकुंभ (Mahakumbh 2025) में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई थी।
वहीं इस बार माघ मेला में करोड़ों श्रद्धालु संगम स्नान करने पहुंचेंगे। अगर आप प्रयागराज आ रही हैं तो स्नान के बाद अलोपी देवी मंदिर (Alopi Devi Temple) का दर्शन जरूर करें। संगम स्नान के बाद यहां जाना शुभ माना जाता है। ये संगम नगरी में मां सती का एक ऐसा शक्तिपीठ है जहां न मां की कोई मूर्ति है और न ही किसी अंग का मूर्त रूप है। आज हम आपको इस मंदिर का इतिहास बताने जा रहे हैं, साथ ही ये भी बताएंगे कि आप यहां कैसे पहुंच सकती हैं। आइए जानते हैं-
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अलोपी देवी मंदिर प्रयागराज के अलोपीबाग इलाके में स्थित है। ये मंदिर इसलिए खास है क्योंकि यहां देवी की कोई मूर्ति नहीं है। यहां एक लकड़ी की डोली या झूले की पूजा होती है, जिसे मां सती का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि ये मंदिर बाकी मंदिरों से बिल्कुल अलग और खास है।
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इस मंदिर (Alopashankari Mandir) से जुड़ी कई मान्यताएं हैं। कहा जाता है कि यहां माता सती के दाहिने हाथ का पंजा गिरा था और यहीं लोप हो गया था। इसी कारण देवी को अलोपी देवी या अलोपशंकरी कहा जाता है। ये मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि लोग मन्नत पूरी होने पर यहां कड़ाही चढ़ाते हैं और हलवा पूड़ी का भोग मां को अर्पित करते हैं।
माघ मेले में आने वाले ज्यादातर श्रद्धालु सबसे पहले त्रिवेणी संगम में स्नान करते हैं। इसके बाद अलोपी देवी, ललिता देवी और कल्याणी देवी के दर्शन की परंपरा है। मान्यता है कि संगम स्नान के बाद अलोपी देवी के दर्शन करने से यात्रा पूरी मानी जाती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
अलोपी देवी मंदिर आमतौर पर सुबह 6 बजे से शाम 8 बजे तक खुला रहता है। वहीं, खास मौकों पर यानी माघ मेला और नवरात्रि में श्रद्धालुओं की भीड़ ज्यादा होती है तो समय बढ़ा दिया जाता है।
आपको बता दें कि अलोपी देवी मंदिर, त्रिवेणी संगम से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर है। यहां तक त्रिवेणी संगम से ऑटो, ई-रिक्शा या टैक्सी लेकर जा सकती हैं।
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तो अगर आप प्रयागराज जा रही हैं, तो इस शक्तिपीठ के दर्शन करना बिल्कुल न भूलें। यहां दर्शन करने से आपके सभी कष्ट दूर हो जाएंगे। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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