भारत में सदियों से महिलाओं के घूंघट में रहने की परंपरा रही है। चाहें उत्तर प्रदेश हो या बिहार, हरियाणा हो या फिर राजस्थान, महिलाएं शादी होने के बाद पर्दे में रहती हैं। आज के समय में देश ने काफी तरक्की कर ली है और महिलाएं हर दिन नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। लेकिन अभी भी छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में घूंघट का प्रचलन है। पहले के समय में पर्दे में रहना महिलाओं के सम्मान से जोड़कर देखा जाता था, जो महिलाएं घूंघट में रहती थीं, उनका सम्मान यह कहकर किया जाता था कि वे घर के बड़ों का आदर-सम्मान कर रही हैं। बाहरी लोगों के घर में आ जाने पर जब महिलाएं घूंघट कर लेती थीं, तो इससे भी उनका सम्मान बढ़ जाता था, लेकिन आज के समय में घूंघट महिलाओं की प्रगति की दिशा में बड़ा बाधक माना जाने लगता है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पुरानी परंपरा से आगे बढ़ने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि घूंघट से महिलाओं का चेहरा ढंक जाता है और यह परंपरा पुराने समय की रही है, आज के समय में इसे खत्म किए जाने की जरूरत है। 

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अशोक गहलोत ने महिलाओं के घूंघट पर ये कहा

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उन्होंने जयपुर में एक एनजीओ की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में कहा , 'वक्त बदल गया है, लेकिन आज भी गांवों में महिलाएं घूंघट में नजर आ जाती हैं। घूंघट में सिमट जाने में अच्छा क्या है? महिलाएं घूंघट में रहते हुए प्रगति नहीं कर सकतीं।'

महिलाएं देश के निर्माण के लिए करें काम

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अशोक गहलोत का कहना है कि महिलाएं आगे बढ़कर देश के निर्माण में अहम भूमिका तभी निभा सकती हैं, जब उन्हें पर्दे में रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाए। आज के समय में महिलाएं सशक्त हैं। वे समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं और उनकी भूमिका बहुत अहम है।'

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पर्दा प्रथा छोड़कर आगे बढ़ने की जरूरत

women in ghoonghat is against women empowerment

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब घूंघट करने का विरोध किया गया है। इससे पहले कृषि संवाद मैगजीन ने घूंघट में एक तस्वीर छापी थी और उसे हरियाणा की पहचान बताया था। भुपिंदर सिंह हुड्डा ने पर्दा प्रथा के विरोध में बयान दिया था, 'महिलाओं का पर्दे में रहना हरियाणा की मूल संस्कृति नहीं है। जब देश में विदेशी आक्रमण हुए और विदेशी आक्रांताओं का डर सताने लगा, तभी इस प्रथा ने जोर पकड़ा। पिछले कुछ समय में पर्दा प्रथा को रोकने के सराहनीय प्रयास भी हुए।

महिला सशक्तीकरण को मिलेगा बढ़ावा

women in ghoonghat must leave their veil

मसलन हरियाणा की एक खाप ने महिलाओं को घर और बाहर, दोनों जगह घूंघट हटा देने के लिए कहा। आज महिला और पुरुष दोनों देश के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं। ऐसे में महिलाएं सदियों पुरानी इस परंपरा को छोड़कर अपने साथ-साथ अपने देश की तरक्की का जरिया बन सकती हैं। अपने आसपास की चीजों को पर्दे से बाहर आकर देखना, उन्हें करीब से महसूस करना महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ाएगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेगा।