How does bengali wedding happen

क्या आपको पता हैं बंगाली शादियों से जुड़े ये अनोखे रिवाज?

क्या आपको पता है कि बंगाली शादियों में दुल्हन अपने चेहरे को पान के पत्तों से क्यों ढकती है? जानिए बंगाली शादियों के ऐसे ही अनोखे रिवाजों के बारे में हमारी इस स्टोरी में। 
Editorial
Updated:- 2023-07-05, 12:36 IST

क्या आपने कोई बंगाली शादी अटेंड की है? इन शादियों में बहुत ही यूनिक रिवाज होते हैं जिन्हें बाकी हिंदू शादियों में नहीं देखे जाते हैं। बंगाली शादियों में उलू की वो आवाज़ तो आपने सुनी ही होगी जहां दूल्हा-दुल्हन की एंट्री पर महिलाएं इस ध्वनि को निकाली हैं और उसके बाद शंख बजता है। क्या आपको पता है कि उस आवाज का मतलब क्या है और ऐसा क्यों किया जाता है? आज हम आपको बंगाली शादियों से जुड़े कुछ ऐसे ही रिवाजों के बारे में बताने जा रहे हैं। 

दुल्हन के हाथ में क्यों होते हैं पान के पत्ते?

हिंदू मान्यताओं के अनुसार पान के पत्ते समुद्र मंथन से निकले थे। ब्रह्मा, विष्णु और महेश को खुश करने के लिए पूजा में हमेशा पान के पत्तों को रखा जाता है। इन्हें शुद्ध माना जाता है और पान, सुपारी दोनों ही नवरात्र, गणपति पूजन, शादी-ब्याह, गोदभराई सभी जगहों पर पान इसलिए इस्तेमाल होता है। 

इसे जरूर पढ़ें- सिंधी शादियों के ये पांच अनोखे रिवाज क्या जानती हैं आप?

bengali shubho drishti rasm

बंगाली शादियों में दुल्हन के हाथों में हमेशा दो पान के पत्ते दिखाए जाते हैं। इसे शुभो दृष्टि की रस्म कहा जाता है। दूल्हे के इर्द-गिर्द 7 फेरे लेने के बाद दुल्हन अपने चेहरे से पान के पत्ते को हटाते हैं। 

पान को शुभ भविष्य और अच्छी किस्मत का सूत्र माना जाता है और इसलिए पान के पत्तों को ही चुना गया। यह पहली नजर बहुत ही शुभ मानी जाती है। 

बंगाली शादियों में उलू की आवाज

उलूध्वनि या हुला हुली नामक यह रिवाज सिर्फ बंगाली शादियों में ही नहीं, बल्कि असम, ओडिशा, तमिलनाडु में भी है। 

bengali wedding ceremonies

उलूध्वनि (Ululudhvani) को नेगेटिविटी दूर भगाने के लिए किया जाता है। इस ध्वनि का संबंध वैसे ही समझा जा सकता है जैसा नजर उतारना है। कई जगहों पर आवाज के जरिए नेगेटिविटी भगाने का रिवाज है। जैसे दिवाली के दिन सुबह उठकर घर के बर्तन बजाने का रिवाज यूपी के कुछ हिस्सों में देखा जा सकता है। उलूध्वनि नेगेटिविटी भगाने के साथ-साथ दूल्हा-दुल्हन की समृद्धि के लिए भी की जाती है। 

तीन बार माला बदलने का रिवाज

जयमाल में एक बार दूल्हा-दुल्हन एक दूसरे के गले में माला डालते हैं, लेकिन बंगाली शादियों में तीन बार माला बदलने का रिवाज है। 

दरअसल, यह रिवाज शुभो दृष्टि (पान के पत्ते हटाने के बाद) होता है। पुराने समय में इस रिवाज के दौरान ही पहली बार दूल्हा-दुल्हन एक दूसरे को ठीक से देखते थे। यही कारण है कि माला को तीन बार बदला जाता था। हालांकि, कुछ लोग यह भी मानते हैं कि इससे दूल्हा-दुल्हन का रिश्ता ज्यादा गहरा होता है। आजकल शादियों में इस रिवाज को हंसी-मजाक का एक तरीका भी समझा जाता है और दूल्हा-दुल्हन के साथ पूरा परिवार इस दौरान बहुत आनंदित रहता है। 

इसे जरूर पढ़ें- दूल्हे के कपड़े फाड़ने से लेकर दुल्हन के ससुराल में दूध छिड़कने तक, जानें इन शादियों के अनोखे पर खूबसूरत रिवाज 

एक बार फेरों के बाद क्यों लिया जाता है पान के पत्ते के साथ फेरा? 

इस रिवाज को सप्तपदी कहते हैं। ऐसा लगता है कि यह सात फेरे जैसा है, लेकिन इससे थोड़ा सा अलग है। दुल्हन दूल्हे के इर्द-गिर्द फेरे लेकर पान के पत्तों को हटाती है उसे ही फेरे माना जाता है। सप्तपदी में दुल्हन को सात पान के पत्तों के ऊपर से चलना होता है। इसके बाद दूल्हा भी उसी पान के पत्ते पर चलना होता है और अपने पैर से नोरा को आगे खिसकाना होता है। नोरा एक छोटा सा पत्थर होता है जिसे मसाले कूटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।  

बंगाली शादियों में क्यों आग में फेंकी जाती है लाई 

लाई, लइया या पफ्ड राइस को सूप के सहारे अग्नि में डाला जाता है। दुल्हन के हाथ में सूप होता है और दूल्हा पीछे से दुल्हन को पकड़ता है। इसे दान या प्रसाद के रूप में देखा जाता है जो पवित्र अग्नि पर चढ़ाया जाता है।  

 

अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।     

 

यह विडियो भी देखें

Herzindagi video

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।