अपने दौर की मशहूर अदाकार और बॉलीवुड में 'ट्रेजेडी क्वीन' के नाम से मशहूर मीना कुमारी का आज 86वां जन्मदिन है। मीना कुमारी को लोग सिंड्रेला के नाम से भी पुकारते थे। वो बैजू बावरा, दिल अपना और प्रीत परायी, पाकीज़ा, साहिब बीवी और गुलाम, मेरे अपने, जैसी फिल्मों में अपने शानदार अभिनय के लिए जानी जाती हैं। उनका व्यक्तित्व जरा हटके था। बोलती आंखें और आवाज में अजीब सी कशिश लिए ना जानें कब वो दर्शकों के दिलों में घर कर गई। उनके बारे में ऐसा कहा जाता है कि उन्होंने रोने के सीन के लिए कभी भी गिल्सरीन का इस्तेमाल नहीं किया। लेकिन शराब की लत ने उन्‍हें सब से दूर कर दिया। लेकिन क्‍या आपको पता की उनकी इस लत के पीछे क्‍या वजह थी। तो आइए हम आपको बताते हैं मीना कुमारी के जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें।

meena kumari personal life and triple talaq inside

इसे जरूर पढ़ें: दीया मिर्जा 11 साल बाद पति साहिल संघा से हुईं अलग, सोशल मीडिया पर दी इसकी जानकारी

बेहद गरीब परिवार में हुआ था जन्‍म

मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त 1932 को अली बख्‍श और इकबाल बेगम घर हुआ। उनके पिता अली बक्श फिल्मों में और पारसी रंगमंच के एक मंझे हुए कलाकार थे और उनकी मां इकबाल बानो एक मशहूर नृत्यांगना थी। उनका असल नाम महज़बीन था। उनका जन्‍म बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था। जब उनका जन्म हुआ तब उनके माता-पिता के पास डॉक्‍टर को देने के लिए पैसे नहीं थे। ऐसे में दोनों से तय किया कि बच्‍ची को किसी अनाथालय में छोड़ देंगे और उन्‍होंने ऐसा ही किया। लेकिन, पिता का मन नहीं माना और वो अनाथालय में छोड़ने के थोड़ी देर बाद ही बच्‍ची को वापस घर ले आए।

छोटी उम्र से ही करने लगी थीं काम

वो कम उम्र में ही घर का सारा बोझ उठाने लगी थी और इसके लिए वो 7 साल की उम्र से ही वो फिल्मों में काम करने लगी। वे बेबी मीना के नाम से पहली बार फिल्म ‘फरज़द-ए-हिंद’ में दिखी थीं। इसके बाद उन्‍होंने अन्‍नपूर्णा, सनम, लाल हवेली, तमाशा आदि कई फिल्में कीं। लेकिन 1952 में आई फिल्म ‘बैजू बावरा’ ने उन्‍हें पहचान दी। इस फिल्म के बाद उन्‍होंने कभी पीछे मुढ़कर नहीं देखा और लगातार सफलता की सीढियां चढ़ती गईं। मीना को ‘बैजू बावरा’ में उनके बहतरीन अभिनय के लिए बेस्‍ट एक्‍ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। वह यह अवॉर्ड पाने वाली पहली अभिनेत्री थीं। मुमताज के ये सदाबहार गाने आज भी किए जाते हैं याद

actress meena kumari personal life and triple talaq inside  

'तीन तलाक' और 'हलाला' के दर्द से गुजर चुकी थीं

मीना ने करियर में जहां बुलंदियां हासिल की, वहीं, निजी जीवन में बहुत सारी मुश्किलें भी झेलीं। जन्‍म से लेकर आखिरी सांस तक उन्‍होंने बहुत दुख झेला। मीना ने फिल्‍म 'पाकीजा' के निर्देशक कमाल अमरोही से निकाह किया था। लेकिन, उनके रिश्ते कभी मधुर नहीं रहे। कमाल अमरोही जब ‘पाकीज़ा’ बना रहे थे, तब वो बुरी तरह आर्थिक संकट में फंस गए थे। पाकीज़ा अमरोही की महत्‍वाकांक्षी फिल्म थी, लेकिन वो इसे आगे नहीं बढ़ा पा रहे थे। सुनील दत्‍त और नर्गिस के कहने पर सालों बाद इसकी शूटिंग शुरू हुई। मीना ने अपने पति को इस मुसीबत से निकालने के लिए अपनी सारी कमाई लगा दी। इसके बावजूद इस फिल्म के दौरान ही दोनों के रिश्‍ते लगातार खराब होते गए। मीना की तबीयत खराब रहने लगी थी। नौबत तलाक तक पहुंच गई। मीना तलाक के बाद भी अमरोही की इस फिल्म का हिस्सा बनी रहीं। 14 साल बाद 4 फरवरी, 1972 को फिल्म पर्दे पर आई। बॉडी ही नहीं ब्रेन के लिए भी अच्‍छी नहीं शराब, बढ़ता है स्‍ट्रोक का खतरा

 

इसे जरूर पढ़ें: सोनम कपूर ने इस खास अंदाज में अपने पति आनंद आहूजा को दी जन्मदिन की बधाई

एक बार अमरोही ने गुस्‍से में आकर मीना को तीन बार 'तलाक' बोल दिया और दोनों का तलाक हो गया। बाद में कमाल अमरोही को अपने किये पर पछतावा हुआ और उन्‍होंने मीना से दोबारा निकाह करना चाहा। लेकिन दोबारा निकाह के लिए मीना को 'हलाला' से गुजरना पड़ा। कमाल ने मीना का दोबारा निकाह अमान उल्‍ला खान (जीनत अमान के पिता) से कराया और हलाला के नियम के अनुसार मीना को अपने नये शौहर के साथ हमबिस्‍तर होना पड़ा था। इसके बाद मीना ने अपने नये शौहर से तलाक लिया और फिर से कमाल अमरोही से दोबारा निकाह किया।

bollywood actress meena kumari personal life and triple talaq inside

मीना हलाला के इस नियम से इतनी दुखी हूई की एक बार उन्‍होंने लिखा था, 'जब धर्म के नाम पर मुझे अपने जिस्‍म को किसी दूसरे मर्द को सौंपना पड़ा तो फिर मुझमें और वेश्‍या में क्‍या फर्क रहा।' इस घटना के बाद मीना पूरी तरह से टूट गई और उन्‍हें शराब पीने की लत लग गई। ज्‍यादा शराब पीने की वजह से मात्र 39 साल की उम्र में 31 मार्च 1972 में उन्‍होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। काउंसलर नियाजमीन दहिया ने ट्रिपल तलाक कानून पास होने का किया स्वागत