वैलेंटाइन्स डे करीब है और इन दिनों प्रेमी जोड़े एक-दूसरे को अपने प्यार का इजहार करने के लिए तोहफे दे रहे हैं, पार्टनर को स्पेशल फील कराने के लिए उन्हें तरह-तरह से इंप्रेस कर रहे हैं। ऐसे वक्त में भी बहुत सी महिलाएं तन्हा महसूस करती हैं। अकेला महसूस करने की कई वजहें हो सकती हैं, मसलन अगर आप अकेली हैं, किन्हीं वजहों से पार्टनर से दूर हैं, ब्रेकअप हो चुका है या पति और घर-परिवार के साथ होते हुए भी अकेला फील कर रही हैं तो आपको इससे परेशान नहीं होना चाहिए, अकेलापन किन वजहों से है, इसका पता लगाइए और हर स्थिति में खुशहाल रहने के लिए खुद को तैयार कर लीजिए । वैलेंटाइन्ड डे प्यार का जश्न है और अगर आप इस दौरान अकेली भी हैं तो आपको अपनी कंपनी में भी एंजॉय करना चाहिए। इस बारे में हमने बात की रिलेशनशिप और लाइफ कोच पंकज दीक्षित से और उन्होंने अकेलेपन से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत करते हुए हमें कुछ अहम सुझाव दिए-

आइडेंटिटी क्राइसिस की शिकार

how to overcome loneliness inside

Image Courtesy: Pixabay

शादीशुदा महिलाएं, जिनका भरा-पूरा परिवार होता है, पति और बच्चे भी जिनके लिए केयरिंग होते हैं, कई बार महिलाएं आइडेंटिटी क्राइसिस की शिकार हो जाती हैं। दरअसल पति और बच्चों के अलावा आज की महिलाएं खुद के वजूद को लेकर भी सोचती हैं। बच्चे जैसे-जैसे बड़े होते हैं, उनके दोस्तों का दायरा बढ़ने लगता है, वहीं पति भी अपने ऑफिस या कामकाज में मसरूफ रहते हैं।  वहीं दूसरी तरफ घर में रहने वाली महिलाएं अगर मेंटली किसी तरह की एक्टिविटी में इन्वॉल्व नहीं हैं तो उन्हें बोरियत महसूस होने लगती है या फिर वो खुद को दूसरों से कमतर समझने लगती हैं। एक स्थिति यह भी होती है कि पति के साथ तालमेल ठीक से नहीं बन पाने की वजह से भी महिलाएं अपनी बात अपने पति से शेयर नहीं कर पाती हैं और खुद को एक्सप्रेस नहीं करने की वजह से वे बहुत कंफर्टेबल फील नहीं करतीं। वहीं कई बार पर्सनल लाइफ या शादीशुदा जिंदगी की ऐसी स्थितियां भी होती हैं, जिनके बारे में महिलाएं किसी से शेयर करने की स्थिति में नहीं होतीं और वे खुद को बंधा हुआ महसूस करती हैं। इस दौरान कई बार महिलाओं के मन में डिप्रेसिंग बातें भी आने लगती हैं। ऐसे में महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है कि वे अपनी परेशानी घर-परिवार के किसी भरोसेमंद इंसान या किसी अच्छे दोस्त से शेयर करें। साथ ही महिलाओं को इस मेंटल ब्लॉक को तोड़ने के लिए अपना रूटीन ब्रेक करने की जरूरत है। खुद को ऐसी एक्टिविटीज में लगाएं, जिनमें आपको अच्छा लगे या जिनमें आप छोटे-छोटे चैलेंजेस का सामना करें। इससे आपका खुद पर कॉन्फिडेंस बढ़ेगा, अपनी नजरों में आपका मूल्य बढ़ेगा, नेगेटिव सोच पर काबू पाने में मदद मिलेगी और दायरा बढ़ने से आप पॉजिटिव भी फील करेंगी।

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स्पिरिचुअल लोनलीनेस से भी महसूस होता है अकेलापन

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कई बार स्थितियां पूरी तरह से सामान्य होते हुए भी महिलाएं अकेला फील करती हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि इस समय में मन में सवाल आने लगते हैं जैसे 'हम ये क्यों कर रहे हैं','इससे हमें क्या हासिल हो रहा है', 'इसकी क्या वैल्यू है' है। यानी इस तरह के अकेलेपन में फील होता है कि हम जो कर रहे हैं, उसका कोई खास मतलब नहीं है, उसकी कोई अहमियत नहीं है। इस तरह का अकेलापन महसूस होना बहुत कॉमन है और किसी को भी हो सकता है। इसे वैराग्य भी कहा जाता है, हालांकि यह यंग एज में कम ही देखने को मिलता है, लेकिन यंग महिलाओं में भी ऐसी स्थिति देखने को मिल सकती है। 

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स्थितियां बनाएं बेहतर

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अगर पार्टनर की किसी चीज को लेकर आप परेशान हैं और इस वजह से अकेलापन महसूस करती हैं तो किसी दूसरी चीज में खुद को इन्वॉल्व करने या माहौल बदलने से आपकी समस्या नहीं सुलझेगी, क्योंकि अकेलापन दूर करने की कोशिशों के बावजूद आपको मन ही मन यह बात पता होगी कि आप अपना ध्यान बंटाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसी स्थितियों में बेहतर होगी कि आप समस्या के मूल पर काम करें और इस बारे में सीधे-सीधे अपने पार्टनर से बात करें। वहीं अगर आपकी स्थितियां ऐसी हैं, जिनका कोई पॉसिबल सॉल्यूशन नजर नहीं आ रहा, तो उन स्थितियों में आप कैसे खुद को सामान्य बनाए रख सकती हैं, इस पर विचार करें। 

ना थमे जिंदगी की रफ्तार

अगर पार्टनर अच्छा हो तो वही जिंदगी जीने की वजह बन जाता है, लेकिन अगर पार्टनर साथ नहीं है, आपसे दूर हो चुका है, जीवित नहीं है तो उन स्थितियों में अपनी जिंदगी को मायने देने के लिए काम करें। आपका जिन चीजों में इंट्रस्ट हो, उनमें इन्वॉल्व हों। अगर फाइनेंशियल दिक्कतें ना हों तो दूसरों की मदद करने से अकेलेपन की फीलिंग को बहुत हद तक कम किया जा सकता है। क्योंकि इस समय में आप दूसरों के लिए ईमानदारी से काम करते हैं और उसमें अकेलेपन की गुंजाइश नहीं रह जाती। किसी के लिए कुछ करने का जज्बा आपको सकारात्मक रहना सिखाता है। अगर आप सच्चे मन से दूसरों की मदद करने में खुद को लगा लें तो आपको भावनात्मक रूप से मदद मिलेगी और आप हर तरह से खुद को बेहतर महसूस करेंगी। 

 
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