Sat Sep 12, 2026 | Updated 04:37 AM IST

Pitru Paksha Shradh 2023 Significance: श्राद्ध के लिए पितृपक्ष ही क्यों खास माने जाते हैं?

Pitru Paksha Shradh 2023 Importance: पितरों का आशीर्वाद हमारे जीवन में बहुत मायने रखता है। पितृ प्रसन्न हों तो घर में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है और परिवार की उन्नति होती है। वहीं, पितरों के नाराज़ होने पर जीवन में संकट आने लगते हैं।  
Updated:- 2023-09-19, 12:55 IST
pitru paksha  for shradh

Shradh Karm Ke Liye Pitru Paksh Ka Mahatva: हिन्दू धर्म में पितरों के निमित्त किया जाने वाला हर काम बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। 

यही कारण है कि पितरों के लिए पूरा एक पक्ष हिन्दू पंचांग में वर्णित है जिसके दौरान पितरों का तर्पण और श्राद्ध कर्म किये जाने का विधान है। 

इस पक्ष को पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष के रूप में जाना जाता है। इस पूरी अवधि के दौरान पितरों को मोक्ष दिलाने के लिए श्राद्ध कर्म किया जाता है।

इसके अलावा, पितरों को प्रसन्न करने के लिए और पितृ दोष दूर करने के लिए भी यह पक्ष शास्त्रों में बहुत लाभकारी और श्रेष्ठ माना गया है। 

ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने हमें बताया कि यूं तो श्राद्ध करने के 96 अवसर व्यक्ति को साल में मिलते हैं लेकिन श्राद्ध पक्ष का महत्व अधिक है। 

क्या है पितरों का महत्व?

pitru shradh in pitru paksha

  • धार्मिक कर्मकांड के अनुसार, किसी भी शुभ काम से पहले पितरों का पूजन आवश्यक माना गया है। 
  • पितरों को जल, तिल, पिंड आदि देने से शुभ काम बिना किसी बाधा के पूर्ण होता है और लाभ मिलता है। 
  • इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, पूजा-पाठ (पूजा-पाठ के नियम) आदि में पहले या बाद में पितृ पूजन का स्थान माना गया है। 

यह भी पढ़ें: घर में है पितृ दोष तो नाराज पितरों को ऐसे करें प्रसन्न

कितने प्रकार के होते हैं श्राद्ध? (Shradh Types in Hindi)

  • पुराणों और स्मृतियों में कुल 12 प्रकार के श्राद्ध बताए गए हैं। वहीं, धर्मसिंधु में श्राद्ध कर्म के 96 अवसर वर्णित हैं। 
  • हालांकि पितृ पक्ष में किया गया श्राद्ध सर्वश्रेष्ठ और पूर्ण माना जाता है। पितृ भी इस दौरान ही शीघ्र प्रसन्न होते हैं। 
  • पितृपक्ष भद्रपद यानि भादो की पूर्णिमा से आश्वनी कृष्णपक्ष की अमावस्या तक 16 दिनों का माना जाता है। 

क्या है पितृ पक्ष का महत्व? (Pitru Paksha Shradh 2023 Importance)

pitru tarpan in pitru paksha in hindi

  • पौराणिक कथा के अनुसार, पितृलोक का एक दिन धरती के एक पक्ष के बराबर होता है। 
  • इसी दिन यमराज (कैसे बनें यमराज मृत्यु के देवता) पितरों को धरती पर भेजते हैं ताकि वह अपने परिवार से मिल सकें। 
  • पितृ इस दौरान धरती पर आकर अपनी संतानों से सम्मान और भोजन की अपेक्षा करते हैं।

यह भी पढ़ें: Ancestors Signs: पितरों के प्रसन्न होने पर मिलते हैं ये संकेत

क्यों हैं पितृ पक्ष ज़रूरी?

  • पितृ पक्ष पितरों एवं पितृ के परिवार के लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। 
  • अपने वंशजों से तर्पण, अर्ध्य और भाग पाकर पितृ प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा बरसाते हैं। 
  • पितृ पक्ष में पितरों के खुश होने से पितृ दोष भी दूर हो जाता है और कष्ट मिलत जाते हैं। 

 

अगर आप भी अपने पितरों के श्राद्ध के लिए उचित समय या दिन जानना चाहते हैं तो श्राद्ध पक्ष से जुड़ी जरूरी बातें यहां से जान सकते हैं। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।  

Image Credit: shutterstock, pexels

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।