16 दिसंबर का वो दिन याद कर आज भी हम सिहर उठते हैं। इस घटना ने भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के लोगों को हिला कर रख दिया था। निर्भया रेप मामले को पूरे आठ साल होने वाले हैं और आज भी यह मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। बता दें कि अक्टूबर में जारी एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल महिलाओं की तरफ से 4,05,861 मामले सामने आए। इनमें हर दिन लगभग 87 मामले बलात्कार के हैं। ये आंकड़े डराने वाले हैं और हैरान करने वाली बात यह है कि सख्त कानून होने के बावजूद भी बलात्कार के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।

निर्भया रेप के बाद भारत में बलात्कार के लॉ में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। बता दें कि कई मामलों में फांसी तक की सजा का प्रावधान किया गया है। दरअसल निर्भया केस के बाद महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन गया था, ऐसे में इसके खिलाफ सख्त कानून करने की मांग उठी थी। वहीं जानते हैं भारत के अलावा अलग-अलग देशों में क्या है रेप की सजा।

भारत का कानून

punishment rules

भारतीय कानून के तहत बलात्कार एक जंघन्य अपराध है। इस अपराध को अंजाम देने वाले दोषियों के लिए भारत के कानून में सख्त सजा के प्रावधान है। भारत दंड संहिता में इस अपराध के लिए धारा 376 और 375 के तहत सजा का प्रावधान है। यही नहीं अदालत इस मामले में मौत की भी सजा सुना चुकी है। आमतौर पर दोषी को कम से कम 10 साल की सजा दी जाती है, लेकिन अगर रेप का आरोप साबित हो जाता है तो अपराधी को अधिकतम सजा भी हो सकती हैं। 

वहीं साल 2012 में हुए निर्भया कांड के बाद संविधान संशोधन के जरिए आईपीसी की धारा 376 (ई) के तहत रेपिस्टों को उम्रकैद या फिर मौत की सजा का प्रावधान किया गया था। इसके अलावा रेप के जुर्म में अपराधी दोषी करार दिया जाता है, तो उसे फांसी तक की सजा हो सकती है।

पाकिस्तान में क्या रेप की सजा

law rules

पाकिस्तान में रेप की सख्त सजा है, और इसे एक जघन्य अपराध के तौर पर देखा जाता है। इंटरनेट पर दी गई रिपोर्ट के अनुसार रेपिस्ट को सजा-ए-मौत से लेकर दस या पच्चीस साल तक की कैद की सजा सुनाई जा सकती है। वहीं गैंगरेप के मामलों में मौत या फिर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है। इसके अलावा बलात्कारियों को शरीरिक दंड के साथ करावास की भी सजा दी जाती है। पाकिस्तान के अलावा इस्लामिक देश अफगानिस्तान, ईरान, इराक, और सऊदी अरब जैसे देशों में रेप के आरोपियों को शरिया कानून के तहत सजा दी जाती है।

इसे भी पढ़ें: Nirbhaya Anniversary: अगर ऑनलाइन कोई कर रहा है ब्लैकमेल या सेक्शुअल ऑफेंस तो तुरंत करें ये काम

चीन में रेप की सजा

china rules

अन्य देशों की तरह चीन में भी रेप को लेकर सख्त कानून बनाए गए हैं। यहां रेप का आरोप साबित हो जाने पर कई दोषियों को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके साथ ही इस देश में रेप के जुर्म की सजा जल्द से जल्द दे दी जाती है। चीन में रेप के मामले में दोषियों के लिए ट्रायल गठित नहीं किए जाते हैं बल्कि मेडिकल जांच में प्रमाणित होने के बाद आरोपी को सीधे मृत्यु दंड दे दिया जाता है।

इसे भी पढ़ें: निर्भया जैसे रेप केस आखिर क्यों और कब तक ? क्या है मनोचिकित्सकों की राय

Recommended Video

अमेरिका का फेडेरल लॉ

america law

अमेरिका में रेप या फिर बलात्कार जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। अमेरिका का कानून बिना सहमति के यौन कर्म को अपराध मानाता है। रेप के कानून में अमेरिका कोड (18 यू.एस.सी.। 2241-224) के चेप्टर 109 ए के तहत समूहीकृत किया गया है। इस अपराध के लिए अमेरिका में दोषियों को सजा के तौर पर जुर्माना से लेकर आजीवन कारावास तक हो सकता है।

अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।