New GST Rates Full List: दाल, रोटी, सब्जी सब पर लगेगा अब 0% टैक्स, जानिए एक हाउसवाइफ हर महीने कितने की कर पाएगी बचत

नई GST दरें लागू होने के बाद आम जनता को महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है। आज पीएम मोदी ने देश के नाम अपने संबोधन में भी इस बात का जिक्र किया। कैसे आम जनता और गृहणियों के सपनों और उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए जीएसटी में बदलाव किए गए हैं, इस बारे में उन्होंने विस्तार से बताया। कल यानी 22 सितंबर 2025 से होने वाले इन बदलावों के तहत राशन, खाने-पीने की वस्तुएं, दवाइयां, साबुन, स्वास्थ्य सेवाएं और कई चीजें कर-मुक्त होंगी या उन पर केवल 5 प्रतिशत का टैक्स लगेगा। त्योहारों से पहले सरकार की इस पहल को ‘दिवाली बंपर गिफ्ट’ के रूप में देखा जा रहा है, जिससे घर का बजट कम होगा और बचत की संभावना भी बढ़ेगी। आम लोगों के लिए यह बदलाव एक बड़ी राहत लेकर आ सकता है, खासकर उन परिवारों के लिए जो आने वाले त्योहार पर बड़ी खरीदारी की योजना बना रहे हैं और जिनको शादी की शॉपिंग करनी है। आइए जानते हैं किन चीजों पर कम होगा टैक्स और कितना सस्ता होगा आपका शॉपिंग बिल।
इन Items पर लगेगा 0% टैक्स
इन वस्तुओं पर अब कोई GST नहीं देना होगा, यानी ये और सस्ती हो जाएंगी:
- आटा, चावल, दालें (अनब्रांडेड और बिना पैकिंग वाली)
- ताजी सब्जियां और फल
- दूध और दही (बिना ब्रांड या बिना पैकिंग)
- हैंडमेड खादी उत्पाद
- बच्चों के स्कूल बैग
- किताबें और नोटबुक
- मिट्टी के दीये और पारंपरिक हस्तशिल्प वस्तुएं
- लाइफ इंश्योरेंस पॉलसीज
इन Items पर लगेगा 5% टैक्स
कम टैक्स वाली श्रेणी में आम उपभोग की चीजें आएंगी, जो अब थोड़ी और सस्ती होंगी:
- पैकेटबंद आटा, चावल, दाल (ब्रांडेड)
- प्रेशर कुकर, मिक्सर-ग्राइंडर, गैस स्टोव
- घरेलू एलपीजी सिलेंडर
- कपड़े (1000 रुपये तक की कीमत वाले)
- स्टेशनरी आइटम्स जैसे पेन, पेंसिल, रबर, स्केल
- जूते-चप्पल (1000 रुपये तक की कीमत वाले)
- साड़ी और सूती कपड़े
- घरेलू उपयोग के LED बल्ब और ट्यूबलाइट्स
इन Items पर लगेगा 18% टैक्स
ये वस्तुएं पहले 28% GST की श्रेणी में थीं, लेकिन अब 18% पर आ गई हैं:
- टीवी (32 इंच तक की स्क्रीन साइज वाले)
- फ्रिज, वॉशिंग मशीन
- माइक्रोवेव ओवन
- एयर कूलर
- इलेक्ट्रिक आयरन
- फर्नीचर (वुडन, मेटल बेस्ड)
- मिक्सर ग्राइंडर
- गैजेट्स (कुछ मोबाइल, हेडफोन आदि पर भी कम जीएसटी लगेगा)
Housewife की कितनी होगी बचत ?
मीना गुप्ता, कानपुर के बिरहाना रोड इलाके में रहने वाली एक मध्यम वर्गीय गृहिणी हैं। उनके परिवार में पति, दो बच्चे और बेटा-बहू हैं। हर महीने का राशन संभालते हुए उन्हें हर चीज की कीमत का पूरा हिसाब रखना पड़ता है। वही कहती हैं "पहले सिर्फ राशन का बिल ही 10 हजार रुपये से ऊपर चला जाता था।अब जब सरकार ने दाल, आटा, चावल और तेल जैसी जरूरी चीजों पर GST हटा दिया है, तो हमें कम से कम 1000 रुपये तक की मासिक राहत मिलेगी। त्योहारों के टाइम पर ऐसी राहत बहुत बड़ी बात है। इससे ना सिर्फ बचत होगी, बल्कि बच्चों के लिए कुछ एक्स्ट्रा खरीदने सामान खरीदने का मौका भी मिल जाएगा। "
जीएसटी दरें कम होने के बाद अब मीना जैसी लाखों गृहणियां उम्मीद कर रही हैं कि आने वाले समय में और भी घरेलू वस्तुओं पर टैक्स कम किया जाए, ताकि महंगाई के इस दौर में थोड़ी और राहत मिल सके।
GST दरों में कटौती के बाद मध्यम वर्गीय गृहिणी की संभावित बचत
चलिए हम आपको एक टेबल के माध्यम से दिखाते हैं कि कैसे घर का बजट कम हो सकता है:
| सामान | मासिक खपत | पुराना GST (5%) | नया GST (0%) | बचत |
| दूध | 2000 रुपये | 100 रुपये | 0 रुपये | 100 रुपये |
| आटा | 800 रुपये | 40 रुपये | 0 रुपये | 40 रुपये |
| दाल | 1200 रुपये | 60 रुपये | 0 रुपये | 60 रुपये |
| चावल | 1000 रुपये | 50 रुपये | 0 रुपये | 50 रुपये |
| सब्जियां | 1500 रुपये | 75 रुपये | 0 रुपये | 75 रुपये |
| खाने का तेल | 1800 रुपये | 90 रुपये | 0 रुपये | 90 रुपये |
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
" इससे देश का टैक्स सिस्टम आसान होगा और अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी। अब सिर्फ दो टैक्स स्लैब – 5% और 18% होंगे, जिससे व्यापारियों के लिए काम आसान होगा, उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा और आम लोगों पर खर्च का बोझ कम होगा। यह फैसला हाल ही में अमेरिका द्वारा लगाए गए टैक्स (टैरिफ) के असर को भी कम करेगा।"
- शेनु अग्रवाल, एमडी और सीईओ, अशोक लेलैंड
"यह सुधार नागरिकों और व्यापारियों पर टैक्स का बोझ कम करेगा। इससे मुनाफा बढ़ेगा, काम की उत्पादकता बढ़ेगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और तेजी से आगे बढ़ेगी। छोटे व्यापारियों को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने से उन्हें टैक्स से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलेगी और वे अपना पूरा ध्यान व्यापार बढ़ाने पर लगा सकेंगे। जरूरी चीजों की कीमतें कम होने से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सीधा फायदा होगा और टैक्स नियमों का पालन करना भी आसान होगा।"
- आशीषकुमार चौहान, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई)
उम्मीद है कि आपको भी इस नई जीएसटी दरों से खूब फायदा होगा। तो आप आने वाले वक्त में कुछ नया खरीदना चाहती हैं, तो 22 सितंबर तक का इंतजार कर लें। यह जानकारी पसंद आई हो तो इस आर्टिकल को शेयर और लाइक जरूर करें इसी तरह और भी यूटिलिटी वाली आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
- GST स्लैब संरचना में क्या बदलाव आया है?
- अब केवल दो मुख्य स्लैब रहेंगे:1- 5%2- 18%इसके अलावा कुछ विशेष लक्जरी और नुकसानदायक वस्तुओं पर 40% का नया स्लैब लागू किया गया है। पुराने 12% और 28% स्लैब अब समाप्त हो गए हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और वाहन पर क्या बदलाव है?
- 1- एसी, टीवी, डिशवॉशर अब 28% से घटकर 18%।2- छोटी कारें (1200 cc पेट्रोल/4000mm, 1500 cc डीज़ल/4000mm) पर 18% (पहले 28%)।3- 350cc तक की मोटरसाइकिलें 18% , उससे अधिक पर 40%।
- स्वास्थ्य‑सेवा और दवाओं पर GST की नई दरों का प्रभाव?
- नहीं। CGST एक्ट, 2017 के तहत रजिस्ट्रेशन की सीमा अपरिवर्तित है।
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