हिंदू धर्म में भगवान कृष्ण को जग का पालनहार कहा जाता है। अलग-अलग स्थानों में भगवान कृष्ण को अलग-अलग नाम से पूजा जाता है। भगवन कृष्ण के सभी रूपों का वरर्ण आपको गीता में मिल जाएगा। इसके साथ ही गीता में भगवान कृष्ण द्वारा दिए गए वह उपदेश भी आपको मिलेंगे जिन्हें अपनी लाइफ में अगर आप आजमा लें तो शायद आपका जीवन आसान और सफल हो जाएगा। भगवान कृष्ण की कही बातों में से ही एक अयिंत महत्वपूर्ण बात आज हम आपसे शेयर करें। 

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क्या कहते हैं भगवान कृष्ण? 

भगवान कृष्ण कहते हैं, ‘जब आप किसी के घर जाते हैं तो उसे प्रेम स्वरूप कोई भेंट देते हैं। यह भेंट आप अपने कमाए धन से खरीदते हैं। ऐसा तो आप नहीं करते कि जो उस व्यक्ति ने आपको दिया है वही उसे भेंट कर दें? जाहिए है ऐसा करना गलत होगा। मगर जब आप मंदिर जाते हैं तो भगवान को वही चीजें क्यों अर्पित करते हैं जो उन्होंने आपको दी हैं। अर्थात ईश्वर ने ही आपको धन दिया है। अगर उसी धन से आप कोई वस्तु खरीद कर भगवान को चढ़ाते हैं तो क्या यह उचित है? नहीं, यह उचित नहीं। ईश्वर को आपको वो चीजें अर्पित करनी चाहिए जो आपके अंदर हैं। इन्हें अर्पित करने के बाद आप एक बेहतर इंसान बन पाएंगे।’

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ये हैं वो 5 चीजें, जो आप ईश्वर को अर्पित कर सकते हैं। 

अभिमान 

आपको अपना अभिमान ईश्वर को अर्पित करना चाहिए। दरअसल मान से व्यक्ति उपर उठता है और जब उसे किसी बात का अभिमान होता है तो वह नीचे गिरना शुरू हो जाता है। इसलिए अपने अभिमान को ईश्वर के चरणों में रख दें। राधा-कृष्ण की मूर्ति किसी को तोहफे में देने से पहले जान लें ये बेहद जरूरी बातें

क्रोध 

क्या आपको बहुत क्रोध आता है? अगर हां, तो आप जीवन में कभी भी सही फैसला नहीं ले सकते। क्रोध उन्हें आता है जो खुद को श्रेष्ठ समझते हैं। जबकी संसार में कुछ भी श्रेष्ठ नहीं है। श्रेष्ठ केवल ईश्वर है और वहीं अपको सही मार्ग दिखा सकता है। अगर आप क्रोध ईश्वर को अर्पित करती हैं तो आप जीवने में सदा सुखी रहेंगी। 

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ईर्ष्या

ईर्ष्या, यह शब्द जितना छोटा है उतनी ही ज्यादा मुसीबतें उत्पन्न करता है। अगर आपके अंदर ईर्ष्या की भावना है तो जाहिर है आप हमेशा दुसरों से खुद की तुलना करते होंगे। ईश्वरा ने हर किसी को अनोखा हुनर और गुण दिया है अगर आप दूसरों से अपनी तुलना करेंगे तो यह ईश्वर का निरादर होगा। इसलिए जब आप मंदिर जाएं तो अपनी ईर्ष्या की भगवान को अर्पित कर दें। यहां अपने भक्त के लिए खुद गवाही देने चले आए थे बांके बिहारी

घृणा 

घृणा आदमी का अंदर से खोखला बना देती है। हर वक्त किसी के बारे में सोचना और उससे घृणा करते रहना आपको अंदर से खोखला कर देता है। श्री कृष्ण कहते हैं। आपको हमेशा उन चीजों के बारे में लोगों के बारे में सोचना चाहिए जो आपको सकारात्मक बनाएं। नकारात्मक लोगों और चीजों दोनों से दूर रहें। 

निराशा 

निराशा आपकी आशा की सारी किरणों को दूर कर देती है। संसार में कोई भी चीज स्थाई नहीं है। अगर दुख है तो सुख भी है। अगर दुख आएगा ही नहीं तो खुशी अनुभव कैसे होगा। इसलिए अपनी निराशा को ईश्वर को अर्पित कर दें और हमेशा आशा का हाथ थामें रहें।