हर बच्चे को अपने माता-पिता से उनकी अटेंशन पाना अच्छा लगता है क्योंकि इससे उन्हें इस बात का अहसास होता है कि पैरेंट्स उससे बेहद प्यार करते हैं। लेकिन कुछ बच्चे हरदम अपने माता-पिता या दूसरों की अटेंशन पाने की चाह रखते हैं और इसके लिए वह अजीबो-गरीब हरकतें करने से भी नहीं चूकते। अगर बच्चे का बिहेवियर अटेंशन सीकींग है और आप कुछ पल के लिए भी उस पर ध्यान नहीं देते तो इससे बच्चा परेशान हो जाता है। मसलन, आप कहीं पार्टी या गेट-टू-गेदर में जाएं और किसी किसी के साथ बातचीत या हंसी-मजाक में बिजी हो जाती हैं तो इससे बच्चा बैचेन हो जाता है और आपका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए वह कुछ न कुछ तोड़-फोड़ करेगा या फिर जोर-जोर से रोने लगेगा। कुछ बच्चे तो बातचीत के बीच में ही बार-बार डिस्टर्ब करने लगते हैं। यकीनन यह सिचुएशन थोड़ी सी embarrassing  हो जाती है। लेकिन इस स्थिति में बच्चे को डांटना, गुस्सा करना या मारना उचित नहीं है। अगर आप चाहें तो कुछ आसान टिप्स के जरिए भी बच्चे के व्यवहार में परिवर्तन कर सकती हैं। तो चलिए जानते हैं इन टिप्स के बारे में-

इसे भी पढ़ें: Parenting Tips: इस तरह प्यार से समझाएंगी तो आपका चंचल और शरारती बच्चा भी रहेगा खुश

जानिए कारण

know how to handle attention seeking child inside

बच्चों को यकीनन अटेंशन पाना पसंद होता है, लेकिन अगर आपका बच्चा हर वक्त आपकी अटेंशन चाहता है तो इसके पीछे के कारण को जानने की कोशिश करें। वैसे इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे- उसके मन में एक असुरक्षा की भावना हो। कई बार भाई-बहन होने पर भी बच्चे के मन में असुरक्षा की भावना घर कर जाती है। वहीं हो सकता है कि बच्चा आप पर इमोशनली ओवर डिपेंडेंट हो। अगर ऐसा है तो आपको उसका बिहेवियर बदलने की कोशिश करें क्योंकि इस तरह के बच्चे कभी भी आत्मनिर्भर नहीं हो पाते और न ही उनके व्यक्तित्व का विकास सही तरह से हो जाता है। इस तरह पहले आप बच्चे के मन की बात को समझें और फिर उसके व्यवहार में बदलाव लाने के लिए सकारात्मक कदम उठाएं।

समझाएं प्यार से

know how to handle attention seeking child inside

कभी भी बच्चे को कोई काम करने से रोकने के लिए डांटना या गुस्सा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं होता क्योंकि इससे उस वक्त तो बच्चा आपकी बात मान जाता है, लेकिन उसके मन में यह बात बैठ जाती है कि चिल्लाकर अपनी बात मनवाई जा सकती है और इसलिए कुछ बच्चे कई बार लोगों का ध्यान अपनी ओर खीेंचने के लिए रोने या चिल्लाने लगते हैं। इसलिए आप उन्हें डांटने की बजाय प्यार से समझाएं। आप उन्हें बताएं कि आप बच्चों को बेहद प्यार करती हैं, लेकिन हरदम उनकी ओर अपना ध्यान रखना आपके लिए संभव नहीं है। जिस तरह जब बच्चे अपने दोस्तों के साथ खेल रहे होते हैं या फिर टीवी देख रहे होते हैं तो उनका ध्यान आप पर नहीं होता। ठीक उसी तरह आपको भी कई सारे काम करने होते हैं और आप हरदम उन्हें अटेंशन नहीं दे सकतीं।

इसे भी पढ़ें: हर समय मोबाइल में लगे बच्चों को फिजिकली एक्टिव बनाने में काम आएंगे यह टिप्स

करें इग्नोर

know how to handle attention seeking child inside

यह एक थोड़ा सा मुश्किल रास्ता है, लेकिन बच्चे की आदत को बदलने के लिए आपको खुद को मजबूत करना ही होगा। दरअसल, जब भी बच्चा रोता या चिल्लाता है तो मां भागकर बच्चे के पास जाती है और उसे अपनी गोद में ले लेती है। इससे बच्चा मां का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए बार-बार ऐसा ही करने लगता है। लेकिन अगर आप उसकी आदत बदलना चाहती हैं तो उसके बेवजह रोने या चिल्लाने को इग्नोर करने की कोशिश करें। जब आप ऐसा करेंगी तो बच्चे को लगेगा कि उसकी हरकतों का आप पर कोई असर नहीं हो रहा है। उसके बाद वह पब्लिक में अजीब-अजीब हरकतें नहीं करेगा।