'खाली घड़ा हमेशा आवाज करता है और भरा घड़ा स्थिर रहता है ....' बचपन में यह कहावत हमने अपने बड़ों से कई बार सुनी होगी। इसका अर्थ है कि हमें भरा घड़ा जैसा होना चाहिए और शांत रहना चाहिए। हमें हमेशा यही बताया गया है कि परिस्थितियां कैसी भी हों हमें अच्छा इंसान बनकर रहना है और अच्छे लोग हमेश शांत रहते हैं। अपनी मन की बातों को कभी उजागर नहीं होने देते हैं। मगर क्या आपको यह पता है कि अगर आप हमेशा हर परिस्थिति में चुप रहेंगे और अपने लिए आवाज नहीं नहीं उठाएंगे , तो लोग आपको कमजोर समझने लग जाएंगे। दरअसल वक्त बदल रहा है और वक्त के साथ लोगों की सोच और व्यवहार में भी बहुत बदलाव आ चुका है। अगर आप वक्त की रफ्तार के साथ आगे नहीं बढ़ेंगे और अच्छा भला इंसान बनने की जद्दोजहद में अपनी इच्छाओं और अधिकारों का खुद ही हनन करेंगे, तो आपको इसका हरजाना भुगतना पड़ सकता है।
आपके अंदर सच्चाई होनी चाहिए और खुद के लिए स्टैंड लेने की ताकत भी होनी चाहिए। तो चलिए हम आपको आज बताएंगे कि चाणक्य नीति के आधार पर आपके स्वभाव में वो कौन सी बातें होनी चाहिए, जो आपकी पर्सनालिटी को स्ट्रॉन्ग बनाएंगी और आपके भोलेपन का कोई फायदा नहीं उठा पाएगा।
चाणक्य नीति की वो 5 बातें, जो आपको बनाएंगी स्ट्रॉन्ग
चाणक्य नीति में हमें जीवन जीने के वो तरीके बताए गए हैं, जिसमें न तो हम किसी को नुकसान पहुंचाएं और न कोई हमें नुकसान पहुंचा पाए। इस शास्त्र में कुछ ऐसी बातों पर प्रकाश डाला गया है, जो हमें बाहर से ऐसे व्यक्ति के तौर पर प्रोजेक्ट करती हैं, जो बहुत ही स्ट्रॉन्ग है और उसे कोई भी हिला नहीं सकता है। तो अगर आप भी ऐसा ही बनना चाहती हैं, तो आपको भी इन 5 बातों को अपनी स्वभाव में शामिल करना चाहिए-
इज्जत पाने के लिए केवल अच्छा होना काफी नहीं
अच्छे इंसान की परिभाषा अब बदल चुकी है। दूसरों के प्रति ईमानदर होना, दरियादिल होना और हमेशा दूसरों के लिए मददगार होना ही अच्छा इंसान होने के लिए काफी नहीं हैं। आपको पहले खुद की मदद करनी है, खुद से प्यार करना है और हमेशा खुद से ईमानदार होना है। जब आप खुद अपनी इज्जत करेंगे तो दुनिया भी आपकी इज्जत करेगी।
अपनी उपलब्धता को सीमित करें
'तुमने पुकारा और हम चले आए ....' अब इस तर्ज पर जीवन जीना छोड़ें। हर वक्त हर किसी के लिए उपलब्ध होना छोडि़ए। लोग तो चाहते ही अपने सिर का बोझ हल्का करना, तो उनके सिर का बोझ अपने सिर पर मत रखिए। जो भी परिस्थिति है उसे महत्व देने से पहले तराजू में तौलें कि उसे हल करने में आपको सामने वाले की कितनी मदद करनी चाहिए। ऐसा तो नहीं कहीं कि सामने वाला बस आपका यूज कर रहा है।
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अपने फायदे के बारे में सोचें
किसी का नुकसान करके अपना फायदा करना अच्छी बात नहीं। हम जब भी कभी अपने बारे में सोचते हैं, तो यह बात जहन में आती है। मगर आपका नुकसान भी तो किसी को फायदा पहुंचाएगा। इसलिए हमेशा पहले अपने फायदे के बारे में सोचें। कोई काम जिससे आपको कोई फायदा नहीं मगर आप उसे किसी के नुकसान के लिए करें, तो वो गलत है। मगर अपने फायदे से किसी का नुकसान हो रहा है, तो उसके बारे में सोचक आप अपना समय व्यर्थ कर रहे हैं।
दूसरों को खुश करना छोड़ें
क्यों करना है दूसरों को खुश। अपनी खुशी के बारे में सोचें। आप खुश होंगे तो अपने आस-पास के लोगों को खुश रख पाएंगे। इस बात को समझ लें कि आप कितना भी अच्छा काम कर लें, लोगों की अपेक्षाएं आपसे कभी कम नहीं होंगी। आप 7 सीढि़यों को पार कर लेंगे तो लोग चाहेंगे कि आप 10वीं सीढ़ी भी चढ़ जाएं। इसलिए वो काम करें जो आपको खुशी पहुंचा रहा है।
अपने हक की बात करें
अगर आप सोच रही हैं कि आज के जमाने में किसी के पास इतना वक्त कि वो अपना काम छोड़कर आपके हक की बात करेगा, तो यह आपका भोलापन है। अपने हक की लड़ाई आपको खुद ही लड़नी होगी। खुद को कभी कमजोर मत समझिए। क्योंकि अक्सर उन्हीं लोगों का हक मार दिया जाता है, जो खुद को कमजोर समझकर अपने लिए खड़े नहीं हो पाते हैं।
तो आज से ही अपने स्वभाव में इन 5 बातों को शामिल करें, फिर देखें कि लोगों का व्यवहार आपके लिए कैसे बदल जाता है। इस आर्टिकल के बारे में अपनी राय भी आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। साथ ही, अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य फैशन, स्टाइल और ट्रेंड पर आधारित लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
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