हमारे देश की महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। चाहे बात हो शिक्षा की या फिर नौकरी और व्यवसाय की महिलाओं का परचम हमेशा बुलंद रहता है। ऐसा ही एक उदाहरण प्रस्तुत किया है IIT जोधपुर की पूर्व छात्रा, शिवानी मीणा ने। जी हां, शिवानी मीणा ने कोल इंडिया की शाखा CCL में एक ओपन कास्ट खदान में काम करने वाली पहली महिला उत्खनन इंजीनियर बन कर सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है। वास्तव में शिवानी की ये उपलब्धि उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। 

कोयलों की खानों में पीली टोपी लगाए हुए गर्मी  के बीच दिनभर काम करते हुए पुरुषों को आपने न जाने कितनी बार देखा होगा लेकिन कोमल और नाजुक मानी जाने वाली महिला का इस जगह बतौर इंजीनियर काम करना वास्तव में सभी को आश्चर्य में डाल सकता है। लेकिन इन सभी की सोच को बदलते हुए शिवानी ने उत्खनन इंजीनियर बनकर एक मिसाल कायम की है। जानें कौन हैं शिवानी और क्या है पूरी खबर -

कौन हैं शिवानी मीणा 

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सुश्री शिवानी मीणा सीसीएल के रजरप्पा क्षेत्र में एक मशीनीकृत खुली खदान रजरप्पा परियोजना में एक उत्खनन इंजीनियर के रूप में शामिल हुई हैं। यह अभूतपूर्व है क्योंकि सुश्री शिवानी उत्खनन संवर्ग में खुली खदान में काम करने वाली पहली महिला इंजीनियर हैं। उन्हें हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है। गौरतलब है कि रजरप्पा सीसीएल का अहम प्रोजेक्ट है।

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रजरप्पा परियोजना में होंगी तैनात 

शिवानी CCL की रजरप्पा परियोजना में तैनात होंगी, जो कोयला खनन दिग्गज के महत्वपूर्ण उद्यमों में से एक है। रजरप्पा क्षेत्र को हाल ही में कोयला मंत्रालय द्वारा स्वच्छता मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया था। शिवानी अब CCL की रजरप्पा परियोजना में तैनात होंगी, जो कोयला खनन दिग्गज के महत्वपूर्ण उद्यमों में से एक है। अब तक यह पद पुरुषों को दिया जाता था। लेकिन ये पहला मौका है जब इस पद के लिए कोई महिला सामने आई  है। यह उपलब्धि शिवानी के लिए एक मील का पत्थर साबित हुई है। =

परिवार को देती हैं सफलता का श्रेय 

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भरतपुर, राजस्थान की मूल निवासी शिवानी ने CCL में शामिल होने से पहले IIT जोधपुर से अपनी इंजीनियरिंग पूरी की। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शिवानी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती हैं और कहती हैं कि यह उनका अटूट समर्थन था जिसने उन्हें नई ऊंचाइयों पर चढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड में काम करना वर्षों के कठिन काम का एक संग्रह है और वह कंपनी को अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती हैं। सीसीएल ने कहा कि एक जिम्मेदार सार्वजनिक उद्यम के रूप में उसने हमेशा लैंगिक समानता सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की है। इसमें कहा गया है, "हमारी महिला सहकर्मी कंपनी में अत्यंत समर्पण और जिम्मेदारी के साथ विभिन्न भूमिकाएं निभा रही हैं। अब वे देश की ऊर्जा आवश्यकता को पूरा करने के लिए अपने पुरुष समकक्षों के साथ कोयला खनन में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी।" सीसीएल के सीएमडी पी एम प्रसाद और कार्यात्मक निदेशकों ने शिवानी को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। पिछले महीने आकांक्षा कुमारी सीसीएल में शामिल होने वाली पहली महिला माइनिंग इंजीनियर बनी थीं और अब शिवानी मीणा की ये उपलब्धि वास्तव में सभी को प्रेरणा देती है। 

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प्रल्हाद जोशी ने किया ट्वीट 

केंद्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी ने शिवानी को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया-उम्मीद है कि इससे अधिक महिला पेशेवरों के लिए खनन क्षेत्र में शामिल होने के रास्ते खुलेंगे। CCL सीएमडी पी.एम. प्रसाद ने कहा कि भूमिगत खदानों के बाद, महिला इंजीनियरों ने ओपन कास्ट खानों में अपनी प्रविष्टि दर्ज की है, इस प्रकार कोयला खनन उद्योग में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को आवश्यक प्रोत्साहन मिला है।अब तक यह काम आम तौर पर पुरुषों का ही रहा है। केंद्रीय महिला एवं बाल कल्‍याण मंत्री श्रीमती स्‍म़ृति ईरानी ने भी शिवानी की इस उपलब्धि की प्रशंसा करते हुए ट्ववीट किया है। 

वास्तव में शिवानी की यह उपलब्धि देश के लिए मील का पतथर है और हम सभी को शिवानी से प्रेरणा लेने की जरूरत है। 

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Image Credit:twitter @ Central Coalfields Limited