Sat Sep 12, 2026 | Updated 03:11 AM IST

पीरियड्स में कभी ज्यादा, तो कभी कम ब्लीडिंग क्यों होती है?

क्या आपको भी हर महीने अलग-अलग तरह का पीरियड फ्लो आता है। किसी महीने में कम, तो किसी में ज्यादा ब्लीडिंग होती है। आइए जानते हैं, यह कितना सामान्य है।
Updated:- 2025-03-06, 00:12 IST
image

महिलाओं को हर महीने पीरियड्स होता है। इस दौरान कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्या आपने कभी गौर किया है कि हर महीने पीरियड्स में ब्लीडिंग का फ्लो अलग-अलग होता है। कभी ब्लीडिंग ज्यादा होती है, तो कभी कम। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो यह पूरी तरह से सामान्य है,लेकिन अगर य बदलाव बहुत ज्यादा हो रहा है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसको लेकर हमने हेल्थ एक्सपर्ट से बात की। Dr Pooja C Thukral, Senior Consultant – Gynecologist at Cloudnine Group of Hospitals, Faridabad इस बारे में जानकारी दे रही हैं।

पीरियड्स में कभी ज्यादा, तो कभी कम ब्लीडिंग क्यों होती है?

period flow varies every month

महिलाओं का मासिक धर्म चक्र में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अगर इन हार्मोन का स्तर असंतुलित हो जाए, तो पीरियड फ्लो में बदलाव आ सकता है। एस्ट्रोजन अधिक होने पर ब्लीडिंग ज्यादा होती है। और प्रोजेस्टेरोन अधिक होने पर ब्लीडिंग कम हो सकती है। थायराइड हार्मोन का असंतुलन भी पीरियड फ्लो को प्रभावित कर सकता है।

अगर आप बहुत ज्यादा तनाव में हैं, तो इसका असर आपके पीरियड्स पर पड़ सकता है। ज्यादा तनाव शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन को बढ़ा सकता है, जिससे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का संतुलन बिगड़ सकता है।  इससे कभी हल्की, तो कभी ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है।

आपका आहार भी पीरियड फ्लो को प्रभावित करता है। संतुलित आहार न होने पर आयरन की कमी हो सकती है, जिससे ब्लीडिंग कम हो सकती है। ज्यादा जंक फूड और कैफीन लेने से ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है। इसके अलावा वजन तेजी से बढ़ने या घटने से पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें-महिलाओं का प्यूबिक एरिया में फैट क्यों बढ़ता है? एक्सपर्ट बता रहे हैं कारण

why period flow varies

शारीरिक गतिविधि का असर भी इसपर पड़ता है। ज्यादा एक्सरसाइज करने से पीरियड्स हल्के हो सकते हैं। बहुत ज्यादा बैठे रहने या कम शारीरिक गतिविधि से ब्लीडिंग बढ़ सकती है।

कई बार पीरियड फ्लो में बदलाव गर्भनिरोधक गोलियों के लेने से भी हो सकता है। कुछ महिलाओं को गर्भनिरोधक गोली लेने से पीरियड्स बहुत हल्के या कम दिन के लिए होते हैं। वहीं, कुछ महिलाओं को हार्मोनल आईयूडी लगाने के बाद ब्लीडिंग ज्यादा हो सकती है।

यह भी पढ़ें-क्या ज्यादा वजन बढ़ने से प्रेग्नेंसी की संभावना कम हो जाती है? एक्सपर्ट से जानें

अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है,तो हमें आर्टिकल के नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम अपने आर्टिकल्स के जरिए आपकी समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है,तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हर जिंदगी से।

Image Credit:Freepik

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।