तंबाकू से आपके शरीर में क्या होता है? अगर नहीं छोड़ा इसका सेवन तो हर अंग को चुकानी पड़ सकती है कीमत

सिगरेट पीने या तंबाकू का किसी भी तरह सेवन करने को लेकर अक्सर लोग कहते हैं कि आदत नहीं छूट रही या फिर हम तो कम मात्रा में ही इसका सेवन करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि तंबाकू का कम मात्रा में सेवन भी सेहत के साथ खिलवाड़ है। आज के समय में तंबाकू का सेवन सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की बड़ी वजह बन चुका है। चाहे सिगरेट पीना हो या तंबाकू चबाना, इसका असर शरीर के लगभग हर अंग पर पड़ता है। यहां तक कि शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता भी इससे कमजोर होने लगती है।
लंबे समय तक तंबाकू का इस्तेमाल कई जानलेवा बीमारियों और कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। हालांकि अच्छी बात यह है कि तंबाकू छोड़ने के बाद शरीर धीरे-धीरे खुद को ठीक करना शुरू कर देता है। इसलिए समय रहते इस आदत से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। तंबाकू का सेवन कैसे शरीर के हर अंग पर असर डालता है, चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में Dr V. Nagarjuna Maturu is a Senior Consultant, Clinical and Interventional Pulmonology, Yashoda Hospitals, Hyderabad जानकारी दे रहे हैं।
तंबाकू के सेवन का शरीर के हर अंग पर क्या असर होता है?

- तंबाकू शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचाता है। सिगरेट पीने से निकोटिन समेत हजारों केमिकल कुछ ही सेकंड में आपके खून और फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं।
- निकोटिन की लत ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बढ़ा देती है। कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई कम कर देती है, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
- बार-बार धुएं के संपर्क में आने से फेफड़ों के टिश्यू और सांस की नलियां सूज जाती हैं और खराब होने लगती हैं। इससे फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ता है और एम्फायसीमा व क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
- इसके अलावा, धूम्रपान धमनियों को सख्त करने की प्रक्रिया (एथेरोस्क्लेरोसिस) को तेज करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा दोगुना हो जाता है।
- जब तंबाकू चबाया जाता है, तो निकोटिन और कैंसर पैदा करने वाले केमिकल सीधे मुंह तक पहुंचते हैं। इससे मसूड़ों की पुरानी बीमारी, दांत टूटना और ल्यूकोप्लाकिया (मुंह में सफेद या लाल धब्बे) जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो आगे चलकर मुंह के कैंसर में बदल सकती हैं।
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- धूम्रपान और बिना धुएं वाले तंबाकू दोनों ही पेट, अग्न्याशय और भोजन नली के कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं। तंबाकू फर्टिलिटी पर असर डाल सकता है, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और घाव भी जल्दी नहीं भरता है। प्रेग्नेंसी के दौरान यह गर्भपात, समय से पहले डिलीवरी और कम वजन वाले बच्चे के जन्म का खतरा बढ़ाता है।
- ऐसे में सेहतमंद रहने के लिए तंबाकू को तुरंत छोड़ दें। इसे छोड़ने के कुछ घंटों या दिनों में ही ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट में सुधार आने लगता है। धीरे-धीरे फेफड़ों की कार्यक्षमता और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने लगता है। समय के साथ कैंसर का खतरा भी कम होता है, हालांकि पूरी तरह खत्म नहीं होता।
- तंबाकू की आदत छोड़ना अगर आपके लिए मुश्किल हो रहा है, तो मदद लें। दवाइयां, बिहेवियरल सपोर्ट और निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी आपकी मदद कर सकते हैं। अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करके अपने लिए सही तरीका जानें और प्लान बनाएं।
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