पीरियड्स में आता है कम फ्लो? हो सकती है यह गंभीर बीमारी

किसी भी महिला की सेहत के लिए पीरियड्स का हर महीने समय पर आना बहुत जरूरी है। पीरियड्स का अनियमित होना, फ्लो बहुत ज्यादा या कम आना या इन दिनों में बहुत अधिक दर्द होना सही नहीं है। आमतौर पर पीरियड्स में फ्लो 3-5 के लिए आना चाहिए और पीरियड साइकिल 28 दिनों की होनी चाहिए। अगर आपको पीरियड साइकिल में कोई बदलाव नजर आए या फ्लो अचानक बहुत कम या ज्यादा हो जाए, तो यह शरीर में कुछ गड़बड़ होने का संकेत है। असल में पीरियड्स आपकी हार्मोनल और रिप्रोडक्टिव हेल्थ का रिपोर्ट कार्ड होते हैं और अगर आपने इससे जुड़े संकेतों को समझ लिया, तो आप अपनी हेल्थ के बारे में काफी कुछ जान पाएंगी।
पीरियड्स में फ्लो कम आने पर अक्सर महिलाएं इसे अच्छा संकेत समझती हैं या इसे लेकर अच्छा महसूस करती हैं, लेकिन क्या ये वाकई अच्छा है? जब ये सवाल हमने गायनेकोलॉजिस्ट से पूछा, तो उन्होंने इसके जवाब में 'ना' कहा। उन्होंने बताया कि पीरियड में फ्लो कम आने के पीछे कई गंभीर कारण हो सकते हैं। एक्सपर्ट का कहना है कि कम फ्लो के पीछे एक गंभीर बीमारी भी हो सकती है, जिसके बारे में ज्यादातर महिलाएं नहीं जानती हैं। चलिए इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं। इस बारे में Dr. Puneet Rana Arora, Director-Gynaecologist &IVF Expert, CIFAR, Gurugram जानकारी दे रही हैं।
पीरियड में कम फ्लो आने की वजह हो सकती है यह गंभीर बीमारी

- एक्सपर्ट का कहना है कि महिलाओं के पीरियड फ्लो कम आने के पीछे जननांगों की टीबी (Genital TB) एक कारण हो सकता है, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है।
- यह टीबी का ही एक रूप है, जो रिप्रोडक्टिव अंगों जैसे गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब और ओवरी को प्रभावित करता है।
- कई बार इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं, इसलिए महिलाएं इसे सामान्य हार्मोनल समस्या समझकर अनदेखा कर देती हैं।
- कम पीरियड फ्लो, अनियमित पीरियड्स, पेट के निचले हिस्से में दर्द, और इनफर्टिलिटी इसके आम संकेत हो सकते हैं। कई बार इसके लक्षण नजर ही नहीं आते हैं और इसकी वजह से इसका पता लगाना और मुश्किल हो जाता है।
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- Genital टीबी का खतरा उन महिलाओं को ज्यादा होता है, जिन्हें पहले टीबी हो चुकी हो या जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो।
- Genital टीबी, यूट्रस की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाती है, जिससे पीरियड का फ्लो कम हो जाता है या कभी-कभी पूरी तरह बंद भी हो सकता है।
- अगर समय पर जांच और इलाज न हो, तो यह फर्टिलिटी पर भी गंभीर असर डाल सकती है और कंसीव करने में मुश्किल आ सकती है।
- डॉक्टर की सलाह है कि अगर किसी महिला को लंबे समय से कम पीरियड फ्लो आ रहा है या कंसीव करने में मुश्किल हो रही है, तो उसे डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करानी चाहिए। सही समय पर एंटी-टीबी दवाओं से इसका इलाज संभव है।
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एक्सपर्ट का कहना है कि अगर आपकी पीरियड साइकिल में अचानक से कोई बदलाव हो या दर्द बहुत तेज हो, फ्लो एकदम से कम या ज्यादा हो जाए, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। हर जिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
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