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ये 5 टेस्ट बताते हैं कि कितना हेल्दी है आपका दिल, हार्ट अटैक के खतरे से बचने के लिए आज ही करवाएं

आजकल कम उम्र में लोगों का हार्ट अटैक आ रहा है। ऐसे में दिल की सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी हो जाता है। कुछ खास टेस्ट के जरिए आप आसानी से जान सकती हैं कि आपका दिल कितना हेल्दी है।
Updated:- 2025-07-09, 20:06 IST
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आजकल कम उम्र में ही दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। आए दिन टीवी चैनल, सोशल मीडिया या अपने आस-पास भी हम हार्ट अटैक की वजह से लोगों के जान गंवाने के मामले सामने आ रहे हैं। बुजुर्ग और युवा ही नहीं बल्कि आजकल बच्चे भी हार्ट फेल का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में दिल की सेहत पर ध्यान देना और हार्ट हेल्थ को दुरुस्त रखने के लिए सही डाइट और लाइफस्टाइल को फॉलो करना बहुत जरूरी है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ होने पर आपको दिल की बीमारी को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसे टेस्ट हैं, जो इस बात की जानकारी देते हैं कि दिल में कुछ गड़बड़ है और आपको इन टेस्ट को जरूर करवाना चाहिए। इन टेस्ट के बारे में डाइटिशियन मनप्रीत जानकारी दे रही हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से न्यूट्रिशन्स में मास्टर्स किया है। वह हार्मोन और गट हेल्थ कोच हैं।

दिल की सेहत का हाल जानने के लिए जरूर करवाएं ये टेस्ट

 

 

 

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  • एक्सपर्ट का कहना है कि hs-CRP (हाई सेंसिटिविटी सी-रिएक्टिव प्रोटीन) टेस्ट जरूर करवाना चाहिए। यह किसी भी इंफ्लेमेशन की जानकारी देता है, जो हार्ट फंक्शन को प्रभावित करता है।
  • लाइपोप्रोटीन (ए) यह एक जेनेटिक मार्कर है, जिस पर अक्सर लोगों का ध्यान नहीं जाता है और शायद ही कोई इसकी जांच करवाता है लेकिन असल में इसका हमारे दिल के साथ गहरा रिश्ता है।
  • अगर आपका एलडीएल नॉर्मल है यानी शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ा है, तब भी ये दो टेस्ट दिल को अगर कोई खतरा है तो उसकी जानकारी दे देता है।
  • इसके अलावा होमोसिस्टीन का टेस्ट करवाना भी जरूरी है। इसका लेवल बढ़ा हुआ होने पर आर्टरी की दीवारें डैमेज हो सकती हैं और क्लॉट का बनना बढ़ जाता है।

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heart health and shortness of breath

  • ApoB (एपोलिपोप्रीटन बी) भी एक सटीक टेस्ट है, जो एलडीएल की तुलना में ज्यादा प्रभावी है। यह खतरनाक लिपोप्रोटीन के सही नंबर की जानकारी देता है।
  • ब्लड शुगर की वजह से भी हार्ट हेल्थ पर असर होता है। इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण वजन बढ़ता है, इंफ्लेमेशन बढ़ता है और दिल पर अधिक दवाब पड़ता है। ऐसे में खाली पेट इंसुलिन की जांच भी जरूरी है।

 

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आजकल कम उम्र में लोग हार्ट अटैक और दिल की अन्य बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में दिल का खास ख्याल रखें। अगर आपको स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या है, तो हमें आर्टिकल के ऊपर दिए गए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम अपने आर्टिकल्स के जरिए आपकी समस्या को हल करने की कोशिश करेंगे।
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Image Credit:Freepik, Shutterstock

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