रितु बेरी हमेशा से ही अपनी क्रिएटिविटी, जबरदस्त कॉन्फिडेंस और जोखिम लेने की क्षमता के लिए जानी जाती रही हैं। फ्रेंच फैशन ब्रांड ज्यां लुई श्रेरर को लीड करने वाली पहली एशियन डिजाइन बनने का गौरव हासिल कर चुकीं रितु बेरी ने हमेशा ही उम्मीदों से आगे बढ़कर लोगों को सरप्राइज किया है। उनकी इसी क्षमता के मद्देनजर साल 2016 में उन्हें खादी का ब्रांड अंबेसेडर बनाया गया था। जिस समय में प्रधानमंत्री मोदी ने खादी को प्रमोट करने की बात कही, उसी दौरान फैशन डिजाइनर रितु बेरी ने 'विचार वस्त्र' नाम से आसानी से पहने जाने वाली ड्रेसेस की शुरुआत की थी। और पिछले कुछ सालों में रितु ने खादी को प्रमोट करने के लिए इतना कुछ किया है कि खादी को एक तरह से नई पहचान मिल गई है। एक दिलचस्प बात ये है कि रितु बेरी ने 25 साल पहले अपने कलेक्शन की शुरुआत की थी, तो वह कलेक्शन खादी का ही था।  

स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों को खादी पहनाने की अपील की थी

ritu beri fashion designer khadi on the ramp inside  

आमतौर पर बच्चे खास फंक्शन्स या पार्टी के लिए जब तैयार होते हैं तो खादी नहीं पहनते। इस पर लोगों को अपनी सोच बदलने को लेकर रितु ने साल 2018 के स्वतंत्रता दिवस मनाए जाने के दौरान कहा कि 'खादी पहनना बहुत कूल है। खादी हर सीजन के लिए परफेक्ट है, दिनभर फ्रेश रहता है, इसीलिए बच्चों के लिए यह परफेक्ट चॉइस है। खासतौर पर अब जबकि बच्चे अपनी पसंद को लेकर और भी ज्यादा अवेयर हैं, उनके लिए खादी की अहमियत और भी ज्यादा बढ़ जाती है। एक मां के तौर पर मैंने बच्चों के लिए एथनिक वियर की जरूरतों के बारे में सोचा। मुझे महसूस हुआ कि बच्चों की ड्रेस ऐसे कपड़े की होनी चाहिए जो पहनने में आरामदायक हो और एक्सक्लूसिव भी हो और खादी सबसे ज्यादा स्किन फ्रेंडली फैब्रिक है।' 

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ritu beri fashion designer khadi brand ambassador inside

रितु की 10 साल की बेटी जिया भी अपनी मां की तरह खादी पहनना पसंद करती हैं। रितु ने बताया कि वह बच्चों को खादी की अहमियत के बारे में भी बताती हैं कि यह फैब्रिक कितना ज्यादा कीमती है। वैसे खादी को अक्सर एसी फैब्रिक भी कहा जाता है। यह गर्मियों में शरीर को ठंडा और सर्दियों में गर्म रखता है। खादी पहनने में सबसे ज्यादा कंफर्टेबल फील होता है और बच्चों के लिए इसकी स्टाइलिंग भी कई तरह से की जा सकती है।

महात्मा गांधी पर खादी को रैंप पर इस अनूठे अंदाज में किया था पेश

रितु बेरी ने महात्मा गांधी की 150वीं जन्मशती पर खादी कलाइडोस्कोप नाम से अपना कलेक्शन शोकेस किया था, जिसमें भारत और इंडोनीशिया की संस्कृतियों का झलक देखने को मिली थी। इस दौरान रितु ने काले रंग को प्रमुखता से दिखाते हुए सभी डार्क शेड्स को अपने कलेक्शन का हिस्सा बनाया था। रितु ने खादी, कॉटन और सिल्क तीनों को अपने कलेक्शन में जगह दी। इस बारे में उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, 'खादी आउटफिट्स से एक तरह का ड्रामा क्रिएट किया जा सकता है। मेरा कलेक्शन कंटेंपरेरी और ट्रडीशनल सिल्हूट का खूबसूरत संगम है।' साथ ही रितु ने यह भी कहा कि उन्होंने खादी को पारंपरिक तरीके से देखे जाने के बजाय उसकी लग्जरी वाली छवि तैयार की। रितु के शब्दों में, 'खादी अब हमारे राष्ट्रीय गौरव और हैंडमेड इन इंडिया का प्रतीक है।'   

Image Courtesy: Instagram(@rituberi)