प्लांट बेस्ड मीट का सेवन करने से पहले जान लें इसके फायदे व नुकसान

आमतौर पर, यह माना जाता है कि मीट का सेवन करने से व्यक्ति को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं, जो वेज डाइट से नहीं मिल पाते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लोगों का रूझान शाकाहार की तरफ बढ़ा है। इसलिए, अब अधिकतर लोग नॉन-वेज फूड आइटम को अपनी डाइट से बाहर रखते हैं।
वहीं, एनिमल बेस्ड मीट की जगह आप प्लांट बेस्ड मीट का सेवन पूरी दुनिया में किया जा रहा है। हेल्थ व पर्यावरणीय कारणों से, प्लांट बेस्ड मीट की खपत काफी बढ़ रही है। बहुत से लोग मानते हैं कि प्लांट बेस्ड मीट लेने से उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण में भी सुधार होगा। हालांकि, इसके अपने कुछ फायदे व नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए इस पर स्विच करने से पहले आपको यह जान लेना चाहिए कि यह आपके स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकता है-
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प्लांट बेस्ड मीट क्या है?
प्लांट बेस्ड मीट वास्तव में पौधों से बना एक शाकाहारी भोजन है जो मांस उत्पादों की नकल करता है। हालांकि, यह पौधों की मदद से तैयार किया जाता है, इसलिए इन्हें प्लांट बेस्ड मीट कहा जाता है। यह प्रोडक्ट्स वेजिटेरियन फ्रेंडली होते हैं और मांस और मछली के कई प्रकारों जैसे- कीमा, सॉसेज, चिकन, प्रॉन, सॉल्मन और टूना आदि के अल्टनेटिव के रूप में काम करते हैं।
प्लांट बेस्ड मीट को तैयार करते समय टोफू या सोया, आलू स्टार्च, गेहूं का ग्लूटेन, मटर प्रोटीन, दाल और बीन्स, नारियल का तेल, सब्ज़ियां और नट्स व सीड्स आदि का इस्तेमाल किया जाता है। रेस्तरां और दुकानों में आपकों इनकी कई वैरायटीज मिल सकती हैं। मसलन-प्लांट-बेस्ड बर्गर कई प्रकार का हो सकता है। एक में, आपको मशरूम और बीन्स से बनी पैटी मिल सकती है। दूसरे में मटर प्रोटीन या सोया हो सकता है, जो इसे एक मीट प्रोडक्ट की तरह बना देता है।
प्लांट बेस्ड मीट के फायदे
अगर आप प्लांट बेस्ड मीट को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं, तो यह कई तरह से आपके लिए लाभदायक हो सकता है। यह विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट का एक अच्छा स्रोत हैं, जो वजन को मैनेज करने से लेकर मधुमेह प्रबंधन में सहायक है। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं-
- प्लांट बेस्ड मीट को हद्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, रेड और प्रोसेस्ड मीट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं। वहीं, अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, मीट के बजाय अधिक प्लांट प्रोटीन खाने से हृदय स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। प्लांट बेस्ड मीट कैलोरी और फैट में कम होता है, जबकि उसमें फाइबर अधिक होात है। इसलिए यह हृदय रोगों के जोखिम को कम कर सकता है।
- प्लांट बेस्ड मीट में एनिमल बेस्ड मीट की तुलना में कैलोरी की मात्रा काफी कम होती है। जिसके कारण जब आप इसका सेवन करते हैं तो आपकी कैलोरी की खपत बहुत नहीं बढ़ती है और इससे आपको अपना वजन मेंटेंन करने में भी मदद मिलती है।
- प्लांट बेस्ड मीट को पर्यावरण के लिए फायदेमंद माना जाता है।
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प्लांट बेस्ड मीट के नुकसान
प्लांट बेस्ड मीट के सेवन से आपको कुछ नुकसान भी उठाने पड़ सकते हैं, जो इस प्रकार हैं-
- प्लांट बेस्ड मीट को बनाते समय अक्सर उसमें सोडियम कंटेंट बहुत अधिक बढ़ जाता है, जो मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य स्वास्थ्य स्थितियों से पीड़ित लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है।
- प्लांट बेस्ड मीट में प्रोटीन, ओमेगा 3 फैटी एसिड और अन्य कई ऐसे पोषक तत्व नहीं होते हैं, जो एनिमल बेस्ड मीट में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- प्लांट बेस्ड मीट तैयार करते समय उसमें आर्टिफिशियल टेक्सचर, स्वाद और रंग आदि का इस्तेमाल किया जाता है, जो कहीं ना कहीं आपकी सेहत पर विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं।
तो अब आप भी प्लांट बेस्ड मीट का सेवन करने से पहले एक बार इसके फायदे व नुकसान पर विचार अवश्य करें और समझदारी से ही इनका सेवन करें।
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