भारत का यह अनोखा शहर कहलाता है 'अचार की राजधानी', दुनियाभर में है इसका जलवा

भारत में खाना कितना भी सादा क्यों न हो, अगर प्लेट में अचार रखा हो तो खाने का स्वाद अपने आप बढ़ जाता है। गरमा-गरम पराठे के साथ आम का अचार हो या दाल-चावल के साथ नींबू का, अचार खाने को एक अलग ही स्वाद दे देता है। यही वजह है कि आम, नींबू, मिर्च, आंवला और मिक्स अचार जैसे कई तरह के अचार भारत में खूब पसंद किए जाते हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि हमारे देश में एक ऐसा शहर भी है, जिसकी पहचान ही अचार के लिए बनी हुई है?
इस शहर को 'अचार की राजधानी' यानी 'पिकल कैपिटल ऑफ इंडिया' कहा जाता है। यहां बनने वाला अचार सिर्फ देश के अलग-अलग हिस्सों में ही नहीं जाता बल्कि विदेशों में भी इसकी अच्छी डिमांड है। खास बात यह है कि आज भी यहां पुराने तरीकों से अचार बनाए जाते हैं। आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे कि आखिर यह शहर कौन सा है और अचार के मामले में इसकी इतनी खास पहचान कैसे बनी? आइए जानते हैं-
-1788687220447.webp)
कौन-सा शहर कहलाता है अचार की राजधानी?
आपको बता दें कि अचार की राजधानी के नाम से हरियाणा का पानीपत शहर काफी फेमस है। यह शहर नई दिल्ली से करीब 95 किलोमीटर की दूरी पर है। पानीपत को आमतौर पर उसके हैंडलूम के काम के लिए भी जाना जाता है, लेकिन अचार का कारोबार भी इसकी बड़ी पहचान बन चुका है। यहां हर साल हजारों टन अचार तैयार किए जाते हैं। खास बात तो यह है कि पानीपत का अचार भारत ही नहीं बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत 50 से ज्यादा देशों में भेजा जाता है।
यह भी पढ़ें- आम का अचार जाएंगी भूल, जब चखेंगी जंगल के इन 7 फलों का खट्टा-मीठा Pickle
पचरंगा अचार ने दिलाई खास पहचान
पानीपत को पिकल कैपिटल ऑफ इंडिया का टैग पचरंगा अचार से मिली है। इसकी शुरुआत साल 1925 में हुई थी। उस समय भारत का बंटवारा नहीं हुआ था। बाद में 1947 में बंटवारे के बाद धिंगरा परिवार पानीपत आया और यहां परिवार ने ही पचरंगा ब्रांड को आगे बढ़ाने का काम किया। इसके बाद पानीपत में अचार का बिजनेस धीरे-धीरे और बड़ा होता गया।
-1788687250653.webp)
अचार का नाम पचरंगा क्यों पड़ा?
अब आप सोच रही होंगी कि अचार काे पंचरंगा क्यों कहा गया? तो आपकाे बता दें कि पचरंगा शब्द का मतलब ही पांच रंग होता है। इसकी पुरानी रेसिपी में पांच खास चीजों का इस्तेमाल किया जाता था। जैसे-
- कच्चा आम
- हरी मिर्च
- नींबू
- आंवला
- हींग
इन चीजों से तैयार होने वाले अचार का स्वाद काफी अलग होता था। यही पचरंगा अचार पानीपत की पहचान बन गया।
यह भी पढ़ें- Most Expensive Dosa: हैदराबाद में मिलता है भारत का सबसे महंगा 'गोल्डन डोसा', 24 कैरेट सोने की चढ़ी होती है परत
पुराने तरीकों से ही तैयार किया जाता है अचार
आज के समय में जहां हर एक चीज के लिए मशीनें बन गईं हैं, लेकिन पानीपत का अचार पुराने तरीकों से ही बनाया जाता है। इसकी खास बात यह है कि कच्चे फल और सब्जियों को बड़े बर्तनों में रखा जाता है और उन्हें धूप में ही सुखाने और पकाने का काम होता है। यही पुराना तरीका अचार को असली स्वाद देता है।
-1788686886134.webp)
पानीपत में सिर्फ आम का अचार नहीं बनता
अगर आपको लगता है कि पानीपत सिर्फ आम के अचार के लिए मशहूर है, तो ऐसा नहीं है। यहां कई तरह के अचार तैयार किए जाते हैं। जैसे-
- पचरंगा मिक्स अचार
- भरवां लाल मिर्च
- भरवां हरी मिर्च
- खट्टा-मीठा नींबू
- आंवला
- लहसुन
- मिक्स सब्जियों का अचार
- आम का अचार
यह भी पढ़ें- दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, 1 कप की कीमत 57 हजार; जानें क्या है इसमें खास?
अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- Freepik/AI
- पानीपत का सबसे महंगा अचार कौन-सा है?
- हींग का अचार सबसे महंगा बिकता है, क्योंकि इसमें असली और प्रीमियम क्वालिटी हींग डलती है।
- घर पर पचरंगा अचार कितने दिन टिकता है?
- सही देखभाल और धूप दिखाने पर यह अचार 2 से 3 साल तक खराब नहीं होता।
- पानीपत का अचार खराब क्यों नहीं होता?
- सरसों के तेल, सही मात्रा में नमक और धूप सुखाने के तरीके से यह सालों चलता है।
- क्या पानीपत में बिना तेल का अचार मिलता है?
- हां, यहां नीबू और हींग का खास पाचक अचार बिना तेल के तैयार किया जाता है।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।