न सड़क, न रनवे... सीधे समंदर में लैंड करता है यह प्लेन, जानें कैसे?
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आमतौर पर हवाई जहाज डामर या कंक्रीट के लंबे रनवे पर उतरते हैं, लेकिन एक ऐसी अनोखी और हैरान कर देने वाली जगह है, जहां आसमान से फ्लाइट सीधे समुद्र के किनारे फैली नीले पानी की लहरों और गीली रेत पर लैंड करती है। जी हां, यह सुनने में भले ही किसी हॉलीवुड फिल्म का कोई सीन लगे, लेकिन यह सच है। स्कॉटलैंड के बाहरी हेब्राइड्स में स्थित 'बारा एयरपोर्ट' पूरी दुनिया में फेमस है। यहां विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ किसी पक्के रनवे पर नहीं, बल्कि समंदर के रेतीले तट पर होती है।
समंदर की रेत ही बनती है हवाई जहाज का रनवे
बारा एयरपोर्ट, स्कॉटलैंड की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, स्कॉटलैंड के रेतीले बीच पर बना यह एयरपोर्ट अपनी बनावट के लिए हमेशा चर्चा में रहता है। यहां लैंडिंग के लिए कोई सीमेंट या डामर की पक्की पट्टी नहीं है। यहां आने वाले सभी विमान समुद्र तट पर फैली समतल और गीली रेत पर ही लैंड होते हैं। बीच पर तीन अलग-अलग कोनों में रनवे जैसी काल्पनिक पट्टियां बनाई गई हैं, ताकि हवा की दिशा के हिसाब से विमान को सुरक्षित उतारा जा सके।

ज्वार-भाटा (टाइड्स) तय करते हैं फ्लाइट्स का टाइम-टेबल
बारा एयरपोर्ट का टाइम-टेबल किसी आम हवाई अड्डे की तरह तय नहीं होता है। यहां उड़ानों का संचालन समुद्र के ज्वार-भाटा यानी 'हाई टाइड' और 'लो टाइड' पर निर्भर करता है। जब समंदर में हाई टाइड आता है, तो पूरा रनवे यानी समुद्री तट पूरी तरह से पानी में डूब जाता है। इस दौरान एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स का आना-जाना रोक दिया जाता है। जब पानी पीछे हटता है और बीच की रेत बाहर निकल आती है, तभी विमान उतरते और उड़ान भरते हैं।
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इमरजेंसी में गाड़ियों की हेडलाइट्स से बनती है रोशनी
वैसे तो बारा एयरपोर्ट पर दिन के उजाले में ही फ्लाइट्स का आना-जाना होता है, लेकिन किसी इमरजेंसी में अगर रात के समय विमान उतारना पड़े, तो यहां एक अनोखा तरीका अपनाया जाता है। रात के अंधेरे में पायलट को रास्ता दिखाने के लिए समुद्र के किनारों पर गाड़ियों को खड़ा करके उनकी हेडलाइट्स जला दी जाती हैं। गाड़ियों की इसी रोशनी के सहारे पायलट विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराते हैं।

मिलता है रोमांचक अनुभव
बारा एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि यह कुदरत की खूबसूरती की अनोखी मिसाल है। ऐसे में रोमांच के शौकीनों और दुनिया भर के पर्यटकों के लिए बारा एयरपोर्ट एक बेहद पसंदीदा जगह है। अगर आप भी इस खूबसूरत नजारे को देखना चाहती हैं, तो स्कॉटलैंड के बारा आइलैंड का यह अनोखा सफर आपकी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर होना चाहिए।
कैसे पहुंचे भारत से बारा आइलैंड?
भारत से स्कॉटलैंड के बारा आइलैंड पहुंचने के लिए सबसे पहले दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स से स्कॉटलैंड के ग्लासगो पहुंचें। स्कॉटलैंड पहुंचने के बाद बारा आइलैंड जाने के लिए ग्लासगो से लोगनएयर की फ्लाइट लेकर बारा आइलैंड जा सकती हैं। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
Image Credit : magnific
- बिना सड़क और रनवे के समंदर में उतरने वाले प्लेन को क्या कहते हैं?
- ऐसे हवाई जहाजों को सीप्लेन या एंफिबियस एयरक्राफ्ट कहा जाता है।
- यह प्लेन पानी या समंदर की सतह पर बिना डूबे कैसे लैंड करता है?
- इसके नीचे पहियों की जगह विशेष प्रकार के पॉन्टून या नाव जैसी संरचना लगी होती है, जो इसे पानी पर तैरने में मदद करती है।
- क्या यह प्लेन जमीन और पानी दोनों जगह से उड़ान भर सकता है?
- हां, एंफिबियस प्लेन में पानी पर तैरने वाले पॉन्टून के साथ-साथ रिट्रैक्टेबल व्हील्स भी होते हैं, जिससे यह दोनों जगह उतर सकता है।
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