इतिहास में कई ऐसी इमारतों का निर्माण हुआ, जिनका बनना आज भी विश्व के लिए एक मिसाल है। प्राचीन समय में बिना किसी तकनीकी सुविधा के भी इन इमारतों को तैयार किया गया, आज भी ये इमारतें देश और दुनिया के इतिहास की जानकारी देती हैं। पर दुनिया की कई इमारतें ऐसी भी रहीं, जिन्हें कभी पूरा नहीं किया जा सका।

इन प्रसिद्ध इमारतों का निर्माण तो शुरू हुआ, पर किसी ना किसी कारण से इमारतों का काम अधूरा रह गया। यह इमारतें अधूरी होने के बाद भी लोगों के बीच में बहुत प्रसिद्ध हैं। यह सोचने वाली बात है कि अगर इन इमारतों को पूरा किया जाता तो शायद यह भी दुनिया के इतिहास में आज चार चांद लगा रही होतीं, खैर इन इमारतों का अधूरा रहना ही इन इमारतों की खासियत है।

आज के आर्टिकल में हम आपको उन्हीं खूबसूरत इमारतों के बारे में बताएंगे जिन पर चल रहे काम को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया गया, साथ ही आपको इन इमारतों के अधूरा रह जाने के पीछे के कारण भी बताएंगे।

द सैथॉर्न यूनिक, बैंकॉक-

the ghost tower

थाईलैंड देश की राजधानी बैंकॉक में बनी यह इमारत 'द घोस्ट टावर' के नाम से भी जानी जाती है। 1990 के दौरान इस 40 मंजिला इमारत को बनाने का काम शुरू किया गया, तब बैंकॉक की इकोनॉमी बहुत तेजी से बढ़ रही थी। यह इमारत अगर बनकर पूरी तरह से तैयार की जाती तो, शायद यह थाईलैंड की आलीशान जगहों में से एक होती। इस बिल्डिंग पर काम चल ही रहा था कि अचानक से 1997 में फाइनेंशियल क्राइसेज के कारण इसके काम को अधूरा छोड़ दिया गया।

तंगी के 20 साल बाद जब इस बिल्डिंग के काम को दोबारा शुरू करने के लिए सोचा गया, तब इस बिल्डिंग की मरम्मत में ही 1.5 बिलियन से ज्यादा का खर्च आ रहा था। इसके बाद इसे पूरा करने का प्लान कैंसिल कर दिया गया, बाद में इस जमीन के खरीददार आए पर कोई भी इसकी ज्यादा कीमत देने को तैयार नहीं हुआ। वहां के लोग इस जगह को अब भूतिया मानते हैं, यहां लोगों के अंदर जाने पर मनाही है पर आप इसके बाहरी हिस्सों को जाकर देख सकते हैं, बता दें कि समय -समय पर कई लोग इस बिल्डिंग के अंदर जाने की कोशिश किया करते हैं।

सैन पेट्रोनियो, बोलोग्ना-

the unfinished church

यह जगह पियाज़ा मैगिगोर पर स्थित एक खूबसूरत सा चर्च है, जिसे एक संत को समर्पित किया गया है। बेसिलिका चर्च दुनिया के सबसे बड़े चर्चों में से एक है, पर आपको यह जानकर हैरानी होगी यह चर्च आज भी अधूरा बना हुआ है। इस चर्च का निर्माण कार्य 1390 में शुरू किया गया, जिसके बाद कई सालों तक इस चर्च पर काम चलता रहा। इस चर्च को जब आप ध्यान से देखते हैं तो पाते हैं कि इसके निचले हिस्से पर लाल और सफेद मार्बल लगाकर बनाया गया है, वहीं ऊपरी चर्च के हिस्से को साधारण ईटों के साथ जोड़ दिया गया है। इस चर्च को अलग-अलग समय में कई लोगों द्वारा बनाने का प्रयास किया गया, सदियों निर्माण कार्य के बावजूद भी यह चर्च अधूरा ही रह गया।

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रयुगयोंग होटल, उत्तर कोरिया-

the ghost hotel

उत्तर कोरिया की यह गगनचुंबी इमारत एक खूबसूरत होटल बनने वाला था। यह इमारत उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में स्थित है। इस होटल की लंबाई करीब 330 मीटर है, वहीं इस होटल में 105 कमरे बने हुए हैं। इस आलीशान होटल को वहां के लोगों के बीच शापित या भूतिया होटल भी कहा जाता है। जापानी मीडिया के मुताबिक इस होटल को बनाने में उत्तर कोरिया ने करीब 750 मिलियन डॉलर का खर्च किया था।

यह इमारत दुनिया की सबसे वीरान इमारत के नाम से भी जानी जाती है, कुछ साल पहले इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज किया गया। यह बिल्डिंग अगर पूरी हो जाती तो यह दुनिया की 7 वीं सबसे ऊंची इमारत के रूप में जानी जाती। इस इमारत का निर्माण 1987 में शुरू किया गया था, निर्माण के समय इसे बनाने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके चलते 1992 में इस होटल का निर्माण कार्य रोक दिया गया। इतने सालों बाद भी इस इमारत का काम पूरा नहीं हो सका। अभी भी नॉर्थ कोरिया में फूड क्राइसिस चल रही है, जिससे हम अंदाजा लगा सकते हैं कि इस इमारत को पूरा होने में अभी और समय लग सकता है।

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अलाई मीनार, दिल्ली-

alai minar

दिल्ली में स्थित कुतुब मीनार के उत्तर में एक अधूरी सी इमारत बनी हुई है। इस अधूरी इमारत को हम अलाई मीनार के नाम से भी जानते हैं, इसका निर्माण खिलजी वंश के शासक अलाउद्दीन खिलजी ने करवाया था। इस मीनार को अलाउद्दीन कुतुब मीनार से भी ज्यादा ऊंचा बनवाना चाहते थे, पर यह मीनार अधूरी ही रह गई। अलाउद्दीन खिलजी महज इसकी एक मंजिल ही बनवा सके। इसी बीच उनकी मृत्यु हो गई, जिस कारण दोबारा से इस इमारत का काम कभी भी शुरू नहीं हुआ। अगर आप कुतुब मीनार देखने जाते हैं, तो इस अधूरी मीनार को भी आपने जरूर देखा होगा।

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स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय स्मारक-

the national scotland park

स्कॉटलैंड देश का यह राष्ट्रीय स्मारक कैल्टन पहाड़ी पर स्थित है। इस स्मारक को नेपोलियाई युद्ध में मारे गए स्कॉटिश सिपाहियों की याद में बनाया गया है। इस स्मारक को 1823 से 1826 के बीच में चार्ल्स रॉबर्ट कॉकरेल और विलियम हेनरी प्लेफे़यर के द्वारा बनाया गया था। पैसों की कमी के कारण 1829 में इस स्मारक के निर्माण कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़ना पड़ा। इस स्मारक के अधूरे रह जाने के कारण इसे स्कॉटलैंड का गौरव और गरीबी का प्रतीक भी बुलाया जाता है। आज भी स्कॉटलैंड का यह स्मारक अधूरा बना हुआ है, जहां लाखों सैलानी हर साल घूमने आते हैं। 

तो यह थीं दुनिया की सबसे फेमस अधूरी जगहें, दुनिया में और भी कई अन्य जगहें भी हैं जिनका काम बीच में ही छोड़ दिया गया। आपको हमारा यह आर्टिकल अगर पसंद आया हो तो इसे लाइक और शेयर करें, साथ ही ऐसी जानकारियों के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी के साथ।

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