उत्तराखंड में स्थित कसार देवी मंदिर आखिर क्यों है इतना खास? जानिए

उत्तराखंड का नाम से लगभग सभी वाकिफ होंगे क्योंकि पहाड़ों पर बसी यह जगह ना सिर्फ बड़ी ना बल्कि बेहद खूबसूरत भी है। लेकिन आज हम आपको उत्तराखंड में मौजूद एक रहस्यमय मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां लोग दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं। जी हां, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मंदिर का नाम कसार देवी है, जो उत्तराखंड में मौजूद एक छोटा-सा शहर अल्मोड़ा में स्थित है।
सर्दियों में अल्मोड़ा के पहाड़ और वहां के रास्ते पूरे वंडरलैंड में बदल जाते हैं और बर्फ की सफेद चादर के नीचे आ जाते हैं। हालांकि, इस मंदिर को घूमने का असल मजा सर्दियों में ही है। इसलिए ज्यादातर लोग नवंबर से जनवरी के बीच इस मंदिर के दर्शन करने आते हैं। आइए जानते हैं कसार देवी मंदिर आखिर इतना ऐतिहासिक क्यों है।
कसार देवी मंदिर का इतिहास
इस मंदिर का निर्माण लगभग दूसरी शताब्दी में किया गया था। उसके बाद से ही ये मंदिर ध्यान और साधना का प्रमुख केंद्र बन गया है क्योंकि इस मंदिर के आसपास का पूरा क्षेत्र वैन एलेन बेल्ट है। इसके अलावा, इस मंदिर में महान भारतीय संन्यासी स्वामी विवेकानंद ने ध्यान किया था। अगर आपको शांति पसंद है, तो आप एक बार इस मंदिर के दर्शन ज़रूर करने के लिए जाएं। यकीनन ये जगह आपको ज़रूर पसंद आएगी।
आखिर क्यों है खास
इस मंदिर को लेकर ये मान्यताएं हैं कि इस मंदिर में प्राचीन समय में मां देवी खुद अवतरित हुई थीं। इसके अलावा, ये भी कहा जाता है कि यह मंदिर एक चुंबकीय शक्तियों से समृद्ध है। कई वैज्ञानिक अनुसंधान के अनुसार कसार देवी मंदिर को नासा परिसरमें जीपीएस 8 केंद्र से भी चिन्हित किया गया है। साथ ही, इस मंदिर को लेकर यह भी धारणा है कि यह मंदिर ध्यान साधने यानि मन लगाने का एक अच्छा केंद्र है।
इसे ज़रूर पढ़ें-रणवीर और दीपिका की तरह आप भी बिनसर की इन जगहों को करें एक्सप्लोर, जानें
वास्तुकला कैसी है?
इस मंदिर की संरचना बेहद सरल और खूबसूरत है, जो पहाड़ों के बीच में बना हुआ है। यहां से कई खूबसूरत दृश्य और सौंदर्य देखने को मिलते हैं। इस मंदिर में माता रानी की मूर्ति बनी हुई है। साथ ही, मंदिर में रखी माता की मूर्ति के पीछे पत्थर पर एक शेर की आकृति भी बनी हुई है। यह मंदिर शक्तियों से समृद्ध है, जहां लोगों को शांति का आभास होता है।
हर साल लगता है मेला
अल्मोड़ा में स्थित कसार देवी मंदिर का बहुत ही बड़ा ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि ये मंदिर प्रसिद्ध तीर्थ स्थलोंमें से एक है। इस मंदिर में हर साल कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर कसार मेला लगता है, जिसे देखने हजारों की संख्या में लोग दूर-दूर से आते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मेले का महत्व सिर्फ देश के स्तर पर ही नहीं बल्कि विदेशी स्तर पर भी काफी है।
कहां स्थित है
बता दें कि कसार देवी उत्तराखंड में अल्मोड़ा के पास बना एक छोटा-सा गांव है लेकिन यह गांव कसार देवी टेंपलकी वजह से काफी प्रसिद्ध है। हालांकि, यह अल्मोड़ा से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर बसा है। यह अल्मोड़ा-बागेश्वर हाईवे के पास ही है आप यहां से आसानी से मंदिर के दर्शन करने के लिए जा सकते हैं।
इसे ज़रूर पढ़ें-उत्तराखंड के ऐसे 5 मंदिर जहां प्रधानमंत्री से लेकर बॉलीवुड स्टार्स आते हैं अपनी मन्नत लेकर
उम्मीद है कि आपको इस मंदिर का महत्व समझ में आ गया होगा। आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें। साथ ही इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ।
Image Credit- (@Google)
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।