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खाने में करेंगी बकरी का दूध शामिल तो मानसून में नहीं होगा डेंगू

मानसून आ गया है। मच्छरों के पनपने का मौसम भी आ गया है। मानसून मतलब ही होता है डेंगू जिसका कहर उत्तर भारत में हर साल मचता है। इस साल इस हमले से बचने की तैयारी ऐसे कर लें।  
Updated:- 2018-07-03, 18:04 IST
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टिप टिप बरसा पानी... 

और इस पानी से फिर डेंगू फैले......।

जी हां, मानसून आ गया है और मानसून के साथ डेंगू का डर भी वापस आ गया है। खासकर दिल्ली वालों ने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। कल तो काफी तेज से बारिश हुई थी और काफी देर तक हुई थी। जिसके कारण बाजार में बिकने वाली सब्जियां सुबह तक गल सी गईं। अब ऐसा ही होने वाला है। मानसून में ऐसा ही होता है और फिर इसके बाद डेंगू फैलता है। 

तो दोस्तों, अगर इस डेंगू से आप बचना चाहती हैं तो आज से ही अपने खाने में बकरी का दूध शामिल करना शुरू कर दें। क्योंकि बकरी का दूध डेंगू का रामबाण इलाज है और यह कड़े से कड़े डेंगू का इलाज कर देता है। डॉक्टर भी दवाई से ज्यादा बकरी के दूध का सेवन करने की सलाह देते हैं। 

मानसून और डेंगू 

मानसून और डेंगू एक-दूसरे के पूरक हैं। या फिर यूं कहें कि मानसून मतलब डेंगू होता है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। दिल्ली में तो मानसून के शुरू होने से पहले ही डेंगू का हमला शुरू हो चुका है। वैसे तो अभी फिलहाल मलेरिया के मामले ही सामने आ रहे हैं। बीते सप्ताह राजधानी में मलेरिया के 11 नए मरीज सामने आए। जिसके बाद राजधानी में अब तक इस साल मलेरिया के कुल मरीजों की संख्या 80 हो गई है। जिनमे से 38 मरीज दूसरे राज्यों से दिल्ली में इलाज करवाने आये हैं और 2 मरीजों का सही पता निगम के पास नहीं है। 

मलेरिया शुरू हो चुका है तो कुछ ही दिन में डेंगू भी शुरू हो जाएगा। इसलिए इसकी तैयारी अभी से करना शुरू कर दें। 

डेंगू के लक्षण

डेंगू मादा एडीज इजिप्टी मच्छर के काटने से होता है। इन मच्छरों के शरीर पर सफेद-सफेद स्पॉट होते हैं। इन मच्छरों की खासियत है कि ये केवल दिन में ही काटते हैं। इसलिए दिन में मच्छरों के काटने से जरूर बचें। साथ में ही अगर आपके शरीर में कुछ ऐसे लक्षण दिखते हैं तो इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें और जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें। 

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  • ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ जाता है। 
  • सिर, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द रहता है।  
  • आंखों में जलन होती है और पानी निकलता है। 
  • भूख नहीं लगती है और शरीर कमजोर हो जाता है। 
  • शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज हो जाते हैं। 

 

कैसे फायदेमंद है बकरी का दूध 

बकरी का दूध डेंगू से बचने की एक बेस्ट दवाई है। बकरी के दूध में विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो आपकी इम्युन सिस्टम को मजबूत बनाकर बीमारियों से लड़ने में मदद करता है। इसमें मोजूद विटामिन बी6, बी12, विटामिन डी, फोलिक एसिड और प्रोटीन शरीर में प्लेटलेट्स की कमी नहीं होने देते हैं। 

दरअसल डेंगू के मरीज के खून में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है और ये प्लेटलेट्स की संख्या बहुत तेजी से गिरते जाती है जिसकी वजह से मरीज की मौत हो जाती है। प्लेटलेट्स कम होने से खून पतला हो जाता है। ऐसे में बकरी का दूध पिलाने से प्लेटलेट्स की संख्या में तुरंत बढ़ोतरी होती है। दरअसल बकरी के दूध में मौजूद पोषक-तत्व खून को पतला नहीं होने देते हैं। इसलिए ये डेंगू में फायदेमंद होता है। 

तो आज से ही अपने खाने में बकरी का दूध शामिल करना शुरू कर दें और इस मानसून डेंगू की चिंता से मु्क्ति पाएं। 

 

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