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Ganesh Chaturthi 2026: पहाड़ की चोटी पर बना है भगवान गणेश का यह मंदिर, रावण के भाई विभीषण से है कनेक्‍शन

गणेश उत्‍सव 10 द‍िनों तक मनाया जाने वाला त्‍योहार है। इस बार 14 सि‍तंबर से इसकी शुरुआत हो रही ह‍ै। इस मौके पर लोग भगवान गणेश के मंद‍िर दर्शन करने के ल‍िए जाते हैं। ऐसे में हम आपको तम‍िलनाडु के एक अनोखे मंद‍िर के बारे में बता रहे हैं।
Updated:- 2026-09-08, 20:00 IST
ucchi pillayar temple of lord ganesha

भगवान गणेश के मंदिर तो देशभर में कई जगह हैं, लेकिन तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली यानी त्रिचि में बना उच्ची पिल्लयार मंदिर अपनी जगह और कहानी दोनों के लिए ही खास है। यह मंदिर किसी आम जगह पर नहीं बल्कि रॉक फोर्ट पहाड़ की चोटी पर बना हुआ है। यहां भगवान गणेश के दर्शन करने के लिए पहाड़ी पर चढ़ना पड़ता है और ऊपर पहुंचकर आसपास का खूबसूरत नजारा भी दिखाई देता है।

उच्ची पिल्लयार मंदिर से जुड़ी एक पुरानी कहानी भगवान राम, रावण के भाई विभीषण और भगवान गणेश से जुड़ी है। मान्यता है कि इसी कहानी के बाद भगवान गणेश इस पहाड़ी की चोटी पर विराजमान हुए। गणेश चतुर्थी के मौके पर इस मंदिर की रौनक और भी ज्यादा बढ़ जाती है। अगर आप भी इस बार Ganesh Chaturthi 2026 के मौके पर भगवान गणेश के किसी खास मंदिर में दर्शन करने जाना चाहती हैं, तो यहां जा सकती हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर के बारे में-

ucchi pillayar temple

कहां बना है भगवान गणेश का यह मंदिर?

आपको बता दें कि भगवान गणेश का उच्ची पिल्लयार मंदिर तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली यानी त्रिचि में रॉक फोर्ट पहाड़ की चोटी पर बना हुआ है। इस मंदिर की सबसे खास बात इसकी ऊंचाई वाली जगह है। यहां पहुंचने के लिए आपको पहाड़ों की चढ़ाई करनी पड़ेगी। मंदिर तक जाने वाले रास्ते में करीब 437 सीढ़ियां हैं। इन सीढ़ियों को चढ़कर ऊपर वाले मंदिर तक पहुंचा जा सकता है।

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भगवान गणेश से जुड़ी है यह कहानी

जागरण में छपी एक खबर के मुताबिक, इस मंदिर की कहानी भगवान राम और रावण के भाई विभीषण से जुड़ी है। कहा जाता है कि रावण का वध होने के बाद भगवान राम ने विभीषण को भगवान विष्णु के एक रूप रंगनाथ की मूर्ति दी थी। विभीषण इस मूर्ति को लेकर लंका जाना चाहते थे। मूर्ति को लेकर कहा जाता था कि उसे जिस जगह जमीन पर रख दिया जाएगा, वह वहीं स्थापित हो जाएगी। इसलिए विभीषण को रास्ते में उसे जमीन पर नहीं रखना था।

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रास्ते में जब वह त्रिचि पहुंचे तो कावेरी नदी को देखकर उन्हें स्नान करने का मन हो गया। मूर्ति को संभालने के लिए उन्हें एक व्यक्ति की जरूरत थी। तभी भगवान गणेश एक बच्चे का रूप लेकर वहां पहुंच गए। ऐसे में विभीषण ने वह मूर्ति बच्चे को दे दी और उससे कहा कि वह इसे जमीन पर भूल से भी न रखना, लेकिन जैसे ही विभीषण नहाने के लिए आगे बढ़े, बच्चे ने मूर्ति को जमीन पर रख दिया और वहां से पहाड़ की ओर भाग गया।

बच्चे के पीछे पहाड़ी तक पहुंचे विभीषण

जब विभीषण वापस आए तो उन्होंने मूर्ति को उठाने की कोशिश की, लेकिन वह उठी ही नहीं। इससे उन्हें बहुत गुस्सा आया और वह उस बच्चे को ढूंढने लगे। बच्चा भागते हुए पहाड़ की चोटी पर पहुंच गया था। उससे आगे जाने का रास्ता नहीं था, इसलिए वह वहीं बैठ गया। विभीषण ने उसे देखा तो गुस्से में उसके सिर पर वार कर दिया।

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इसके बाद उस बच्चे ने अपना असली रूप दिखाया। तब विभीषण को पता चला कि वह कोई सामान्य बच्चा नहीं, बल्कि भगवान गणेश थे। ऐसे में विभीषण ने भगवान गणेश से माफी मांगी। इसके बाद भगवान गणेश ने उन्हें आशीर्वाद दिया। मान्यता है कि इसी घटना के बाद भगवान गणेश उसी पहाड़ी की चोटी पर उच्ची पिल्लयार के रूप में विराजमान हो गए।

पहाड़ की चोटी से दिखता है खूबसूरत नजारा

मंदिर की लोकेशन इसे बाकी मंदिरों से अलग बनाती है। रॉक फोर्ट पहाड़ के ऊपर होने की वजह से यहां से आसपास का काफी खूबसूरत नजारा दिखाई देता है। ऊपर से त्रिचि शहर, श्रीरंगम आइलैंड और रॉक फोर्ट ब्रिज का नजारा आप देख सकती हैं।

ucchi pillayar temple  (1)

गणेश चतुर्थी पर होती है खास रौनक

भगवान गणेश को समर्पित इस मंदिर में विनायक चतुर्थी का त्योहार खास तरीके से मनाया जाता है। इस दौरान मंदिर को खूबसूरत तरीके से सजाया जाता है। भगवान गणेश की मूर्ति को शहर में जुलूस के साथ ले जाया जाता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में भक्त मंदिर और जुलूस को देखने पहुंचते हैं।

उच्ची पिल्लयार मंदिर पहुंचना भी है आसान

अगर आप इस मंदिर के दर्शन करने जाना चाहती हैं तो त्रिचि शहर से यहां पहुंचा जा सकता है।

  • त्रिचि सेंट्रल बस स्टैंड करीब 4 किलोमीटर दूर है।
  • त्रिचि जंक्शन रेलवे स्टेशन करीब 3 किलोमीटर दूर है।
  • तिरुचिरापल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब 12 किलोमीटर दूर है।

यानी ट्रेन, बस या फ्लाइट से त्रिचि पहुंचने के बाद मंदिर तक जा सकती हैं।

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Source- https://www.tamilnadutourism.tn.gov.in/destinations/tiruchirappalli-rockfort-temple

Image Credit- AI/ani/tamilnadu tourism

FAQ
उच्ची पिल्लयार मंदिर में मुख्य गर्भगृह तक पहुंचने के लिए कितनी सीढ़ियां हैं?
इस मंदिर के मुख्य दर्शन करने के लिए भक्तों को पहाड़ को काटकर बनाई गई 437 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं।
उच्ची पिल्लयार मंदिर का निर्माण किस पहाड़ी पर हुआ है?
यह ऐतिहासिक गणेश मंदिर तमिलनाडु के त्रिची शहर में स्थित विशाल रॉक फोर्ट (Rockfort) पहाड़ी की चोटी पर बना है।
विसर्जन के लिए त्रिची के इस मंदिर में क्या खास व्यवस्था होती है?
गणेश चतुर्थी के दौरान मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है और बप्पा की भव्य जुलूस यात्रा निकाली जाती है।
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