कपल्स के लिए खास है दिल्ली का यह मंदिर, गौरी-शंकर की पूजा से अटूट होता है रिश्ता

सावन में भगवान शिव के मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ जाती है। दिल्ली में भी ऐसे कई शिव मंदिर हैं जहां इस दौरान खासतौर पर लोग दर्शन करने आते हैं। इन्हीं में से एक चांदनी चौक का श्री गौरी शंकर मंदिर है। पुरानी दिल्ली की भीड़भाड़ वाली गलियों में बना यह मंदिर भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता कपल्स के बीच काफी पॉपुलर है।
ऐसा कहा जाता है कि भगवान शिव और माता पार्वती की साथ पूजा करने से पति-पत्नी के रिश्ते में उनका आशीर्वाद बना रहता है। यही वजह है कि कई कपल्स साथ में यहां पूजा करने पहुंचते हैं। आइए इस मंदिर के बारे में जानते हैं-
-1786277043051.webp)
कहां है गौरी शंकर का यह मंदिर?
श्री गौरी शंकर मंदिर पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में है। Delhi Tourism की वेबसाइट पर भी गौरी शंकर मंदिर को चांदनी चौक से जुड़े प्रमुख दर्शनीय स्थलों में शामिल किया गया है। मंदिर के आसपास लाल किला, जामा मस्जिद, गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और दूसरे धार्मिक स्थल भी हैं। इसलिए अगर आप यहां दर्शन के लिए जा रही हैं तो इसके साथ पुरानी दिल्ली की कुछ और जगहें भी घूम सकती हैं।
यह भी पढ़ें- दिल्ली से ओवरनाइट जर्नी पर हैं ये 5 ज्योतिर्लिंग, सावन में दर्शन का बना लें प्लान
चांदनी चौक का इलाका वैसे भी अपनी पुरानी गलियों, बाजारों और ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है। ऐसे में मंदिर तक पहुंचने का रास्ता भी आपको पुरानी दिल्ली का अलग अनुभव देता है।
800 साल पुराना है मंदिर
बताया जाता है कि गौरी शंकर का यह मंदिर करीब 800 साल पुराना है। हालांकि, मंदिर के निर्माण से जुड़ी अलग-अलग जानकारियां और मान्यताएं सुनने को मिलती हैं। दिल्ली पर्यटन की जानकारी में इसे अप्पा गंगाधर मंदिर भी कहा गया है और कहा जाता है कि यह मराठा शासन के समय से जुड़ा हुआ है।
अप्पा गंगाधर से जुड़ी है मंदिर की कहानी
मंदिर के निर्माण को लेकर एक मशहूर कहानी मराठा सैनिक अप्पा गंगाधर से जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि वह भगवान शिव के परम भक्त थे। एक युद्ध के समय वह बहुत बुरी तरह घायल हो गए। उस समय उन्होंने भगवान शिव से अपनी जान बचाने की प्रार्थना की और ठीक होने पर मंदिर बनवाने का वादा किया। बाद में जब वह बच गए तो उन्होंने भगवान शिव के लिए मंदिर बनवाया। इसी वजह से मंदिर को अप्पा गंगाधर मंदिर भी कहा जाता है। बाद में 1959 में सेठ जयपुरिया ने मंदिर का रिनोवेशन कराया।
यह भी पढ़ें- सावन में दिल्ली से काशी कैसे जाएं? घाटों की महाआरती से लेकर बनारसी जायके तक, जानें सब कुछ
यहां शिव-पार्वती की साथ पूजा करना है खास
इस मंदिर का नाम ही गौरी शंकर है। गौरी माता पार्वती का एक नाम है, जबकि शंकर भगवान शिव को कहा जाता है। मंदिर में शिव-पार्वती की पूजा साथ की जाती है। इसी से जुड़ी एक मान्यता है कि जो पति-पत्नी या कपल यहां साथ में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करते हैं, उनके रिश्ते पर महादेव और माता पार्वती का आशीर्वाद बना रहता है। उनका रिश्ता अटूट हो जाता है।
-1786277058908.webp)
मंदिर के अंदर क्या-क्या है?
मंदिर के अंदर भगवान शिव और माता पार्वती के साथ गणेश जी और कार्तिकेय की मूर्तियां भी हैं। शिवलिंग के पीछे भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ती भी रखी गई है। मंदिर में शिवलिंग के ऊपर चांदी का कलश भी देखने को मिलेगा। इससे पानी की बूंदें शिवलिंग पर लगातार गिरती रहती हैं। बता दें कि शिवलिंग के चारों तरफ चांदी के नाग भी बने हुए हैं।
यह भी पढ़ें- सावन में लखनऊ से ऐसे करें उज्जैन की यात्रा, जानें बेस्ट रूट और पूरा ट्रैवल प्लान
कपल्स के लिए क्यों खास है यह मंदिर?
अगर आप अपने पार्टनर के साथ किसी मंदिर में दर्शन करने का प्लान बना रही हैं तो गौरी शंकर मंदिर को अपनी लिस्ट में रख सकती हैं। यहां कपल्स के साथ पूजा करने से उनका रिश्ता अटूट हो सकता है। हालांकि, मंदिर में जाने का मकसद सिर्फ रिश्ते के लिए मनोकामना मांगना ही नहीं होना चाहिए।
मेट्रो से कैसे पहुंचें?
गौरी शंकर मंदिर जाने का सबसे आसान तरीका मेट्रो है। चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन पहुंचकर आप ई-रिक्शा से मंदिर जा सकती हैं। मेट्रो स्टेशन से बाहर निकलने के बाद चांदनी चौक की गलियों से मंदिर की तरफ जा सकती हैं। आसपास काफी भीड़ रहती है, इसलिए आप पैदल भी जा सकती है।
यह भी पढ़ें- हिमाचल प्रदेश में बेहद ऊंचाई पर हैं ये शिव मंदिर, सावन में जरूर करने जाएं दर्शन
मंदिर में दर्शन करने के बाद इन जगहों को भी करें एक्सप्लोर
गौरी शंकर मंदिर चांदनी चौक के ऐसे इलाके में है जहां आसपास कई पुरानी और मशहूर जगहें हैं। दर्शन के बाद आप लाल किला, जामा मस्जिद, दिगंबर जैन लाल मंदिर, गुरुद्वारा सीस गंज साहिब और फतेहपुरी मस्जिद जैसी जगहों काे एक्सप्लोर कर सकती हैं।
अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- Delhi Tourism
Source- https://delhitourism.travel/gauri-shankar-temple-delhi
- गौरी शंकर मंदिर का समय क्या है?
- यह मंदिर रोजाना सुबह 5 बजे से दोपहर 12 और शाम 4 से रात 10 तक खुला रहता है।
- दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर जाने के लिए सबसे पास का मेट्रो कौन सा है?
- येलो लाइन का चांदनी चौक और वायलेट लाइन का लाल किला सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन हैं।
- गौरी शंकर मंदिर में आरती का समय क्या है?
- मंदिर में मुख्य आरती सुबह लगभग 6 बजे और शाम को 7:30 बजे की जाती है।
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।