सावन में दिल्ली से काशी कैसे जाएं? घाटों की महाआरती से लेकर बनारसी जायके तक, जानें सब कुछ

सावन का महीना आते ही भगवान शिव के भक्त काशी पहुंचना शुरू हो जाते हैं। मान्यता है कि काशी विश्वनाथ के दर्शन का विशेष महत्व है, इसलिए लाखों भक्त वाराणसी पहुंचते हैं। ऐसे में जगह-जगह से लोग रूट देखते हैं कि कैसे आसानी से काशी पहुंचा जा सके। अगर आप दिल्ली से काशी जाने का प्लान बना रही हैं तो पहले से ही जानकारी ले लें।
हम आपको बताएंगे कि आप कैसे काशी जाएं, कौन-काैन से घाट देखें, गंगा आरती किस समय होती है, मंदिर में दर्शन कैसे करें और बनारस में किन-किन व्यंजनों का स्वाद लें, ताकि आपकी यात्रा यादगार बन जाए। आइए जानते हैं पूरा ट्रैवल गाइड-
दिल्ली से काशी कैसे जाएं?
ट्रेन से काशी जाना सबसे आसान ऑप्शन: अगर आप आराम से सफर ट्रैवल करना करना चाहती हैं, तो ट्रेन सबसे अच्छा ऑप्शन है। नई दिल्ली से वाराणसी के लिए कई ट्रेनें चलती हैं। सफर में लगभग 8 से 14 घंटे लग सकते हैं। त्योहारों और सावन में काफी भीड़ रहती है, इसलिए टिकट पहले से बुक कर लें। वंदे भारत, शिव गंगा, श्रमजीवी और लिच्छवी एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनें आपको मिल जाएंगी।
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फ्लाइट से भी पहुंच सकती हैं काशी: दिल्ली से वाराणसी के लिए रोजाना आपको डायरेक्ट फ्लाइटें मिल जाएंगी। करीब डेढ़ घंटे में आप लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंच सकती हैं। वहां से टैक्सी या कैब लेकर काशी पहुंचना आसान है।
सड़क मार्ग से पहुंचें बनारस: अगर आपको रोड ट्रिप पसंद है, तो दिल्ली से वाराणसी की दूरी लगभग 809 किलोमीटर के आसपास है। एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे के जरिए कार या वोल्वो बस से भी आप बनारस पहुंच सकती हैं।
काशी पहुंचकर सबसे पहले करें बाबा विश्वनाथ के दर्शन
ये तो आप सभी जानती हैं कि काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। सावन में यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए दर्शन करने के लिए सुबह जल्दी पहुंच कर लाइन लगा लें। मंदिर में मंगला आरती, भोग आरती, संध्या आरती, श्रृंगार आरती और शयन आरती होती हैं। कुछ आरतियों में शामिल होने के लिए पहले से बुकिंग करनी पड़ती है।
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बनारस की गंगा आरती जरूर देखें
अगर काशी आएं और गंगा आरती न देखें, तो आपकी ट्रिप मानो अधूरी रह जाएगी। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली आरती सबसे फेमस है। यहां रोज शाम को सूर्यास्त के बाद आरती शुरू होती है और करीब 45 मिनट तक चलती है। सावन में यहां काफी भीड़ रहती है, इसलिए अगर आरती में शामिल होना है तो समय से पहले पहुंच जाएं। आरती आप नाव से भी देख सकती हैं। इसके अलावा अस्सी घाट पर भी सुबह और शाम आरती होती है।
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काशी के इन घाटों पर भी जरूर जाएं
काशी में कई घाट हैं। इसलिए यहां अगर जा रही हैं, तो कुछ घाटों को मिस नहीं करना चाहिए-
- दशाश्वमेध घाट: यह सबसे फेमस घाट है और गंगा आरती का मुख्य स्थल भी है।
- अस्सी घाट: यहां पर सुबह-ए-बनारस का नजारा देखने लायक होता है।
- मणिकर्णिका घाट: यह काशी के सबसे प्राचीन और धार्मिक महत्व वाले घाटों में से एक है।
- केदार घाट: यह भगवान शिव को समर्पित और एकदम शांत घाट है।
- राजघाट: गंगा किनारे सुकून से समय बिताने के लिए यह घाट अच्छा है।
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बनारस में घाटों के अलावा और कहां-कहां घूमें?
बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर और घाटों के अलावा भी घूमने के लिए बहुत कुछ है।
- मंदिर में दर्शन करने के बाद काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जरूर देखें।
- आप सारनाथ भी जा सकती हैं। यह बनारस से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। यहां का धमेख स्तूप और म्यूजियम देखने लायक है।
- संकट मोचन हनुमान मंदिर बनारस के सबसे पुराने और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। यहां भी जरूर जाएं।
- गंगा नदी के किनारे बना रामनगर किला भी देखने लायक है।
- काल भैरव मंदिर को बनारस का 'कोतवाल' माना जाता है। मान्यता है कि बनारस यात्रा इनके दर्शन के बिना अधूरी रहती है।
- अन्नपूर्णा मंदिर और मां विशालाक्षी मंदिर भी काशी विश्वनाथ के पास ही हैं। इसलिए यहां भी दर्शन करने जरूर जाएं।
बनारस में क्या-क्या खाएं?
बनारस अपने स्वाद के लिए भी दुनियाभर में मशहूर है। यहां जाएं तो इन चीजों का स्वाद जरूर लें।
- कचौड़ी-सब्जी
- जलेबी
- टमाटर चाट
- बनारसी चाट
- दही चाट
- मलाईयो (सर्दियों में)
- रबड़ी
- लस्सी
- ठंडाई
- बनारसी पान
खरीदारी में क्या लें?
अगर बनारस से यादगार चीजें खरीदना चाहती हैं, तो यहां की मशहूर चीजें जरूर देखें।
- बनारसी सिल्क साड़ी
- लकड़ी के खिलौने
- पीतल और तांबे की पूजा सामग्री
- रुद्राक्ष की माला
- बनारसी दुपट्टे
- हस्तशिल्प की चीजें
खरीदारी के लिए आप गोदौलिया मार्केट, चौक या विश्वनाथ गली जा सकती हैं। यहां से आप असली बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने और पीतल का सामान खरीद सकती हैं।
सावन में इन बातों का रखें ध्यान
सावन में भीड़ काफी ज्यादा होती है, इसलिए कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। जैसे-
- होटल की बुकिंग पहले से कर लें।
- मंदिर के अंदर मोबाइल, कैमरा और कुछ सामान ले जाने पर रोक हो सकती है। पहले नियम जरूर जान लें।
- कंफर्टेबल कपड़े और अच्छे जूते पहनें, क्योंकि काफी पैदल चलना पड़ सकता है।
- बारिश का मौसम होने की वजह से छाता या रेनकोट साथ रखें।
- भीड़ में अपने सामान का ध्यान रखें।
कितने दिन की ट्रिप प्लान करें?
अगर आप दिल्ली से बनारस जा रही हैं, तो कम से कम तीन दिन का समय लेकर ही जाएं। क्योंकि इस दौरान काशी में काफी भीड होती है और आपको दर्शन में ही अच्छा खासा समय लग सकता है। बाकी दो दिन में आप गंगा आरती, घाटों की सैर और बनारस के असली स्वाद का मजा भी ले सकती हैं।
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- सावन में काशी विश्वनाथ सुगम दर्शन टिकट कैसे बुक करें?
- श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ऑनलाइन सुगम दर्शन टिकट बुक करें।
- सावन में दशाश्वमेध घाट पर होने वाली आरती का समय क्या है?
- सावन में शाम की भव्य गंगा आरती सूर्यास्त के तुरंत बाद लगभग 6:30 से 7:00 बजे शुरू होती है।
- बनारस में रुकने के लिए सबसे अच्छी जगह कौन सी है?
- गोदौलिया, अस्सी घाट या दशाश्वमेध घाट के पास होटल या धर्मशाला में रुकना सबसे सुविधाजनक रहता है।
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