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दूध के झाग से तैयार होती है 'दौलत की चाट', जानिए मुगल काल से जुड़ा किस्सा

दौलत की चाट पुरानी दिल्ली की सर्दियों की एक ऐसी मशहूर और नायाब मिठाई है, जिसे देखकर मुंह में पानी आ जाता है। नाम में 'चाट' होने के बावजूद यह कोई तीखी या चटपटी चीज नहीं बल्कि मलाईदार मीठी डिश है। नीचे लेख में जानें इसका दिलचस्प किस्सा-
Updated:- 2026-09-01, 20:45 IST
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सर्दियों के मौसम में पुरानी दिल्ली की गलियों में मिलने वाली 'दौलत की चाट' का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। अगर आपने इसका पहले कभी स्वाद नहीं चखा है, तो यह तीखी, चटपटी और स्वादिष्ट चाट लग सकती है। मगर आपको बता दें कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। यह मलाईदार, हल्की और मुलायम मीठी डिश है, जो स्वाद में बेहद लाजवाब है। इसकी खास बात यह है कि इसे बनाने में न तो मावे का इस्तेमाल होता है और न ही खोए का, बल्कि यह सिर्फ दूध के झाग से तैयार की जाती है। इतना ही नहीं बल्कि इसका इतिहास मुगल काल से जुड़ा है। नीचे लेख में जानें दिलचस्प किस्सा-

मुगल काल से जुड़ा दौलत की चाट का इतिहास

दौलत की चाट का इतिहास मुगल सल्तनत के दौर से जुड़ा हुआ है। ऐसा माना जाता है कि उस समय के शाही हकीमों और रसोइयों ने राजा-महाराजाओं के लिए कुछ ऐसा हल्का और पौष्टिक मीठा बनाने की सोची जो सर्दियों में शरीर को एनर्जी दे और आसानी से पच जाए।

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इस मिठाई को बनाने को लेकर एक प्रचलित बात है कि इसे सर्दियों की कोहरे भरी रातों में खुले आसमान के नीचे ओस में रखा जाता था, जिससे दूध प्राकृतिक रूप से ठंडा होकर झाग बनाए। इस अनोखी तकनीक की वजह से यह चाट सिर्फ सर्दियों के महीनों में ही बनाई जाती थी, जो आज भी पुरानी दिल्ली की शान बनी हुई है।

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दूध के झाग से कैसे तैयार होती है दौलत की चाट?

इस मिठाई को बनाने की प्रक्रिया बेहद खास है। सबसे पहले फुल-क्रीम दूध को अच्छी तरह उबालकर ठंडा किया जाता है।

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घंटों मथने के बाद दूध से जो मलाईदार और हल्का झाग बाहर निकलता है, वही 'दौलत की चाट' कहलाती है। इसमें ऊपर से थोड़ा सा केसर, इलायची पाउडर और पिसी हुई चीनी मिलाई जाती है, जो इसके स्वाद को और भी ज्यादा बढ़ा देती है।

दौलत की चाट को परोसने का तरीका है बेहद खास

दौलत की चाट को परोसने का तरीका बेहद खास और पारंपरिक है। इसे आमतौर पर मिट्टी के छोटे सकोरों में सर्व किया जाता है, जिससे इसमें सौंधी-सौंधी खुशबू आती है। परोसते समय इसके ऊपर से पिसा हुआ मावा, बारीक कटे हुए पिस्ता, बादाम और केसर के लच्छे डाले जाते हैं। 

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अगर आपने अभी तक इस ऐतिहासिक मिठाई का स्वाद नहीं चखा है, तो सर्दियों के दिनों में पुरानी दिल्ली की सैर के दौरान इसे जरूर ट्राई करें।अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो इसे शेयर करें। साथ ही ऐसे आर्टिकल को पढ़ने के लिए जुड़े रहे हरजिंदगी के साथ।

Image Credit- AI


FAQ
 'दौलत की चाट' नाम क्यों पड़ा?
'दौलत' शब्द का संबंध इसकी अमीरी या शाही स्वाद से है। मुगल काल में इसे बहुत समृद्ध और शाही व्यंजन माना जाता था, जिसे केवल नवाब और अमीर लोग खाते थे।
दौलत की चाट को रात भर ओस में क्यों रखा जाता है?
दौलत की चाट को रात भर ओस में रखने के पीछे का कारण ओस की ठंडक दूध के फैट को स्थिर करती है, जिससे सुबह उसे मथने पर बहुत हल्का झाग बनता है।
क्या दौलत की चाट को पैक कराकर घर ले जाया जा सकता है?
नहीं, इसे तुरंत खाना बेहतर होता है क्योंकि तापमान थोड़ा भी बढ़ने पर इसका झाग पिघलकर दूध बन जाता है।
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