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फास्ट फूड की भीड़ में गुम हो रही बुंदेलखंड की ठडूला, स्वाद ऐसा जिसे भूलना मुश्किल

फास्ट फूड के बढ़ते क्रेज के कारण बुंदेलखंड की पारंपरिक डिश ठडूला धीरे-धीरे लुप्त हो रही है। यह उड़द दाल, चावल के आटे और मसालों से बनी एक स्वादिष्ट व सेहतमंद व्यंजन है, जिसे युवा पीढ़ी भूलती जा रही है।
Updated:- 2026-07-20, 16:37 IST
Bundelkhand Traditional  cuisine

आज के समय में बर्गर-पिज्जा और नूडल्स का क्रेज इतना बढ़ गया है कि लोग पुराने पारंपरिक व्यंजनों को भूल गए हैं। मम्मियां अगर कभी-कबार इन्हें बना दें, तो बच्चों का ही नहीं बल्कि बड़ों का भी मुंह बन जाता है। अब ऐसे में धीरे-धीरे पुराने देसी खान-पान बहुत पीछे छूट गए हैं। इन्हीं में से एक है ठडूला। एक समय था जब बुंदेलखंड के हर घर में त्योहारों और खास मौकों पर ठडूला की खुशबू महकती थी, लेकिन आज की युवा पीढ़ी इस पारंपरिक स्वाद से धीरे-धीरे दूर होती जा रही है। यह डिश स्वाद में इतनी लाजवाब होती है कि इसके आगे अच्छे खासे पकवान भी फीके पड़ जाते है। आज के इस लेख में हम आपको बुंदेलखंड की इस लुप्त होती स्वाद से भरी ठडूला की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं।

क्या है ठडूला और कैसे बनती है यह डिश?

बुंदेलखंड की ठडूला बनाने में उड़द की दाल, चावल के आटे, हिंग, अजवाइन और हरी मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद इन सभी चीजों का मिश्रण तैयार किया जाता है। फिर छोटे-छोटे टिक्की के आकार में बेलकर धीमी आंच पर सुनहरा और करारा होने तक तला जाता है। दाल और मसालों का स्वाद इतना गजब का होता है कि एक बार खा लिया तो बार-बार खाने का मन करेगा।

thadula recipe

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ठडूला सेहत के लिए भी फायदेमंद

बाजार के प्रोसेस्ड और मैदा वाले फास्ट फूड की तुलना में ठडूला काफी सेहतमंद है। उड़द दाल से भरपूर होने के कारण इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है। इसमें इस्तेमाल होने वाले देसी मसाले जैसे अजवाइन और हींग पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे यह स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी ध्यान रखती है।

thadul traditional food

आधुनिक खान-पान में लुप्त होता देसी स्वाद

फास्ट फूड का क्रेज बढ़ने के कारण ठडूला बनाने की पारंपरिक कला अब केवल बुजुर्ग महिलाओं या खास ग्रामीण इलाकों में ही मिलती है। हालांकि, अब यह डिश गांवों में भी तीज-त्योहार या किसी खास मौके पर ही बनाई जाती है। यह कोई एक व्यजंन नहीं है, जो हमारी थाली से गायब हो रहा है बल्कि ऐसी तमाम डिशेज है, जिनका शायद अब हमें नाम भी नहीं है।

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