सावन को महिने में लाखों शिव भक्त यहां दर्शन करने आते हैं और इस जगह को बाबा नगरी कहा जाता है। सावन महीने में प्रतिदिन करीब एक लाख शिवभक्त 'बाबा नगरी' नाम से प्रसिद्ध झारखंड के देवघर यानी बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। यहां का शिव मंदिर द्वादश ज्योर्तिलिंगों में सर्वाधिक महिमामंडित है। शिवलिंग पर जलार्पण करने के लिए हर सोमवार को शिवभक्तों की संख्या और बढ़ जाती है। 

बाबा नगरी बैद्यनाथ धाम

यहां हर साल बहुत ज्यादा तादात में श्रद्धालु आते हैं और उनके लिए प्रशासन की तरफ से कई सारी तैयारियां की जाती हैं। गाड़ी से आने वाले लोगों को काफी दूर गाड़ी खड़ी करनी होती है और उन्हें पैदल चलना होता है। कई लोगों को यहां आने के लिए घंटों इंतजार करना होता है। भीड़ इतनी होती है कि भगवान के दर्शन करने में पूरा दिन भी लग सकता है। लोगों का मानना है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है। 

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baba nagri baidyanath dham

यहां सावन में मेला लगता है और ये सावन का महीना शुरू होते ही लग जाता है। यहां सुरक्षा की भी कड़ी व्यवस्था की जाती है। लोगों की इतनी भीड़ जुटती है कि अरघा सिस्टम से जल से अभिषेक किया जाता है। 

दुम्मा से खिजुरिया तक 95 प्वाइंट पर इंद्रवर्षा (कृत्रिम बारिश) का इंतजाम भी किया जाता है, जिसके तहत कांवड़िया गुजरते हुए पाइप के जरिये कराई जाने वाली कृत्रिम बारिश में स्नान कर सकते हैं। इस दौरान कांवड़ियों के पैर पर पानी डाला जाता है जिससे उन्हें शीतलता का अहसास होगा। 

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कांवड़ियों को रात में भी चलने में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए इसके लिए मेटल लाइट लगाए जाते  हैं। जगह-जगह स्नानागार एवं शौचालय की सुविधा होती है जो नि:शुल्क हैं। पिछले साल 29 अस्थायी थाना एवं ट्रैफिक थाने बनाए गए थे जिसमें पुलिस के वरीय पदाधिकारी एवं सुरक्षा बल प्रतिनियुक्ति की गई थी। 

इसके अलावा बाघमारा एवं कोठिया में एक-एक हजार एवं जसीडीह बस पड़ाव के पास पांच सौ भक्तों के आराम के लिए टेंटसिटी का निर्माण कराया गया था। यहां शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्नानागर एवं स्वच्छता का विशेष इंतजाम किया गया है। 

देवघर के पुलिस अधीक्षक एऩ क़े सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष मेले की सुरक्षा में 10000 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी इस साल भी कुछ ऐसा ही है।

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उन्होंने कहा कि कांवड़ियों की सुविधा के लिए इस बार व्यवस्था में बढ़ोतरी की गई है। इस वर्ष 'क्राउड मैनेजमेंट' पर विशेष ध्यान दिया गया है। 

उल्लेखनीय है कि देवघर के बैद्यनाथ धाम में वर्षभर शिवभक्तों की भीड़ लगी रहती है, लेकिन सावन महीने में यह पूरा क्षेत्र केसरिया पहने शिवभक्तों से पट जाता है। भगवान भेालेनाथ के भक्त 105 किलोमीटर दूर बिहार के भागलपुर के सुल्तानगंज में बह रही उत्तर वाहिनी गंगा से जल भरकर कांवड़ लिए पैदल यात्रा करते हुए यहां आते हैं और बाबा का जलाभिषेक करते हैं। 

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इस लंबी दूरी में कांवड़ियों के लिए कई पड़ाव हैं. इन पड़ाव स्थलों पर कांवड़ियों के विश्राम के लिए विभिन्न सुविधाओं से युक्त सरकार व गैर सरकारी संस्थाओं की ओर से विभिन्न सुविधाओं से युक्त धर्मशालाएं व पंडाल लगाए गए हैं। 

कई श्रद्धालु वाहनों से भी सीधे बाबा नगरिया आकर जलाभिषेक करते हैं।