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जन्‍माष्‍टमी 2026 पर जा रही हैं वृंदावन, जरूर एक्सप्लोर करें ये 5 फेमस मंदिर

जन्‍माष्‍टमी का त्‍योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इस खास मौके पर कृष्‍ण भक्‍त मथुरा-वृंदावन दर्शन के ल‍िए पहुंचते हैं। ऐसे में हम आपको वृंदावन के फेमस मंद‍िरों के बारे में बता रहे हैं।
Updated:- 2026-09-01, 10:42 IST
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जन्माष्टमी के मौके पर ज्यादातर लोग भगवान कृष्ण के मंदिर जाना पसंद करते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस बार भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करने के लिए वृंदावन जाने का प्लान बना रही हैं, तो यह ट्रिप आपके लिए काफी खास हो सकती है। दरअसल, जन्माष्टमी के समय पूरा वृंदावन कृष्ण की भक्ति में डूबा हुआ नजर आता है। गलियों से लेकर मंदिरों तक, हर तरफ भजन, कीर्तन और राधे-राधे की गूंज सुनाई देती है। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां पहुंचते हैं।

इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जा रही है और इस मौके पर वृंदावन के कई बड़े मंदिरों में खास पूजा और कार्यक्रम होंगे। अगर आप वृंदावन जा रही हैं तो सिर्फ एक ही मंदिर में दर्शन करके वापस न आएं। यहां कई ऐसे पुराने और फेमस मंदिर हैं, जहां भगवान कृष्ण और राधारानी के अलग-अलग रूपों की पूजा होती है। आइए जानते हैं वृंदावन के उन 5 मंदिरों के बारे में, जिन्हें आप इस खास मौके पर एक्सप्लोर कर सकती हैं।

banke bihari mandir mathura interesting facts (1)

वृंदावन के फेमस मंदिरों की लिस्ट

जन्माष्टमी मनाने और ठाकुर जी के दर्शन के लिए आप वृंदावन जा रही हैं, तो ये 5 मंदिरों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें। इससे आपकी यात्रा यादगार हो जाएगी।

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1. बांके बिहारी मंदिर

वृंदावन जाएं और बांके बिहारी मंदिर में दर्शन न करें, ऐसा हो ही नहीं सकता है। यह वृंदावन के सबसे मशहूर मंदिरों में से एक है। यहां भगवान श्रीकृष्ण के बांके बिहारी रूप की पूजा होती है। जन्माष्टमी पर मंदिर में खास रौनक देखने को मिलती है। इस मंदिर की एक खास बात जन्माष्टमी से जुड़ी मंगला आरती है। यह आरती साल में सिर्फ एक बार जन्माष्टमी की रात को ही होती है। अगर आपका मकसद जन्माष्टमी की रात का अनुभव लेना है तो इस मंदिर में दर्शन करने जरूर जाएं। हालांकि, इस दौरान जबरदस्त भीड़ होती है, इसलिए अपने सामानों की सुरक्षा खुद ही करें।

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2. प्रेम मंदिर

वृंदावन का प्रेम मंदिर बहुत ही खूबसूरत है। सफेद संगमरमर से बने इस मंदिर में देश दुनिया से लोग यहां आत हैं। शाम के समय तो यहां का नजारा और भी ज्यादा खूबसूरत हो जाता है। जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर को खास तरीके से सजाया जाता है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में अगर आप दर्शन के साथ-साथ सुंदर मंदिर और आसपास का शानदार माहौल भी देखना चाहती हैं तो इसे अपनी लिस्ट में जरूर रखें।

famous temples of vrindavan (1)

3. इस्कॉन मंदिर

वृंदावन का इस्कॉन टेंपल भी कृष्ण भक्तों को खूब पसंद आता है। इस मंदिर को कृष्ण-बलराम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर भजन कीर्तन होते रहते हैं। यही इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है। भक्त यहां आकर कृष्ण भक्ति में डूब जाते हैं कि भजन पर उन्हें नृत्य करते हुए देखा जा सकता है। खासकर जन्माष्टमी के समय मंदिर में एक अलग ही रौनक देखने को मिलती है। इसलिए यहां भी आप जा सकती हैं।

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4. राधा रमण मंदिर

वृंदावन के पुराने और फेमस मंदिरों में राधा रमण मंदिर का नाम भी शामिल है। यहां भगवान कृष्ण के राधा रमण रूप की पूजा भी होती है। मंदिर की पूजा परंपरा और यहां का माहौल ही इसे बाकी मंदिरों से अलग बनाता है। जन्माष्टमी के समय यहां भी भक्तों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में अगर आप वृंदावन में सिर्फ बड़े और नए मंदिर ही नहीं बल्कि पुराने धार्मिक स्थलों को भी देखना चाहती हैं तो राधा रमण मंदिर जरूर जाएं।

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5. राधा वल्लभ मंदिर

राधा-कृष्ण भक्ति के लिए मशहूर वृंदावन के मंदिरों में राधा वल्लभ मंदिर भी शामिल है। यहां इस मंदिर में राधारानी की भक्ति देखने को मिलती है। यह मंदिर वृंदावन के पुराने हिस्से में है। जन्माष्टमी पर यहां भी भक्त जरूर आते हैं। ऐसे में अगर आप वृंदावन के अलग-अलग मंदिरों की धार्मिक परंपराओं को करीब से देखना चाहती हैं तो इसे भी अपनी लिस्ट में जरूर रखें।

जन्माष्टमी पर वृंदावन जा रही हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

जन्माष्टमी के समय वृंदावन में आम दिनों की तुलना में काफी ज्यादा भीड़ होती है। इसलिए बिना प्लान बनाए न निकलें। आप इन बातों कर जरूर ध्यान रखें। जैसे-

  • सबसे पहले उन मंदिरों की लिस्ट बना लें जहां आपको दर्शन करने जाना है।
  • जन्माष्टमी की रात बांके बिहारी मंदिर जाने का प्लान है तो भीड़ के लिए तैयार रहें।
  • एक ही दिन में बहुत ज्यादा मंदिर कवर करने की कोशिश न करें।
  • कपड़े कंफर्टेबल और ट्रेडिशनल ही पहनकर जाएं।
  • मोबाइल, पर्स और जरूरी सामान को संभालकर रखें।

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तो अगर आप भी जन्माष्टमी में वृंदावन जाने का सोच रही हैं, तो ऊपर बताए गए मंदिरों में दर्शन करने जा सकती हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

Image Credit-Ai/incredible india

FAQ
बांके बिहारी मंगला आरती का समय क्या है?
मंगला आरती जन्माष्टमी की रात को लगभग 1:45 से 2:00 बजे के बीच होती है।
वृंदावन जाने का सबसे सही तरीका क्या है?
दिल्ली-एनसीआर से आप बस, ट्रेन या कैब से आसानी से मथुरा होकर वृंदावन पहुंच सकते हैं।
जन्माष्टमी पर वृंदावन में रुकने की क्या व्यवस्था है?
यहां कई होटल और धर्मशालाएं हैं, लेकिन भारी भीड़ के कारण एडवांस बुकिंग करना जरूरी है।
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