दिल्ली की एक ऐसी जगह जहां चारो ओर बिखरा है इतिहास और फैली है नैचुरल ब्यूटी

देश की राजधानी दिल्ली राजनीति, खेलकूद, फैशन के साथ-साथ घूमने फिरने के लिए भी मशहूर है। यहां पर बड़े-बड़े मॉल्स, पार्क्स और एतिहासिक जगह हैं जहां पर घूम कर आप अपना मन बहला सकती हैं। इन सभी के बीच दिल्ली में एक ऐसी जगह भी है, जहां चारों ओर इतिहास बिखरा हुआ है और हर दिशा में नैचुरल ब्यूटी फैली हुई है। जी हां, हम बात कर रहे हैं दिल्ली की सुंदर नर्सरी की। यहां आपको इतिहास और नेचुरल ब्यूटी की मिली जुली सुगंध आएगी। आखिर क्या है सुंदर नर्सरी में खास आइए जानते हैं।

सुंदर नर्सरी की खास बात
एक फेमस मैगजीन के अनुसार सुंदर नर्सरी दुनिया की 100 घूमने लायक जगहों में 4 नंबर पर सबसे खूबसूरती और विजिट करने लायक जगह है। इसे 2018 के दुनिया के 100 उत्कृष्ट जगहों में शामिल किया गया है। सुंदर नर्सरी में कई गार्डन, तलाब और एतिहासिक मॉन्यूमेंट्स है। ऐसा बताया जाता है कि यह जगह पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी थी मगर भारत सरकार के आरक्यूलॉजिकल विभाग ने इसे रेनोवेट किया है। यहां पर कई गेट नूमा बुर्ज बनाए गए हैं और यहां आपको मकबरे और कुएं भी देखने को मिलेंगे। ऐसा कहा जाता है कि यह सभी बुर्ज मुगलों ने बनवाए थे। यहां आपको जगह जगह बुर्ज के बाहर उनकी बनावट और महत्व के बारे में पढ़ने का मिल जाएगा।

खुबसूरत नर्सरी भी है
इसमें मुगलकाल की कई ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ पेड़-पौधों की 300 प्रजातियां, संगमरमर के फव्वारे, बगीचा और चिड़ियों की 80 प्रजातियां भी हैं। सुंदर नर्सरी में मौजूद ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण की जिम्मेदारी आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) की है। 2018 की विश्व उत्कृष्ट स्थलों की पहली सालाना सूची में फेमस मैगजीन ने ऐसी जगहों को चुना जो उनकी राय से अनुभव करने योग्य थे। कई कारकों जैसे गुणवत्ता, मौलिकता, टिकाऊपन और प्रभाव के आधार पर 100 स्थानों को चुना गया। कई विशेषज्ञों द्वारा बनाई गई जगहों को इस सूची में शामिल किया गया। इस सूचि में 48 देशों के म्यूजियम, रेस्तरां, होटल, लाइब्रेरी और सांस्कृतिक स्थान शामिल किए गए हैं। इस लिस्ट में सिर्फ दो पार्क हैं, जिसमें एक सुंदर नर्सरी और दूसरा मॉस्को का पार्क है।

कब हुई स्थापना
सुंदर नर्सरी को हालही में बनाया गया है। यहां मौजूद मॉन्यूमेंट्स तो मुगलों के बनवाए हुए हैं मगर बगीचे भारत सरकार द्वारा लगवाए गए हैं। इस जगह का उद्घाटन फरवरी 2018 में उपराष्ट्रपति एम.वेंकैया नायडू ने किया था। इस खूबसूरत जगह को देखने एक दिन में ही 50 हजार लोग आ जाते हैं। सुंदर नर्सरी के वास्तुकार एम. शहीर थे। 2007 से केंद्रीय लोक निर्माण विभाग और एएसआई के साथ एक समझौते के बाद आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर सुंदर नर्सरी के विकास, इसमें मौजूद स्मारकों के संरक्षण और लैंडस्केप के रेस्टोरेशन का काम कर रहा है। इसके सांस्कृतिक संरक्षण के लिए नार्वे के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी राजदूत फंड से सहयोग मिला।

आने का समय
यहां सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक आया जा सकता है। बेस्ट बात तो यह है कि यहां आना बेहद आसान हो गया है। इसके लिए आपको पिंक लाइन की मैट्रो पकड़नी होगी और निज्जामुद्दीन दरगाह स्टेशन पर उतरना होगा। मेट्रो स्टेशन से आपको 10 रुपए में ई-रिक्शा करके आप हमायू टोम्ब उतर जाएं। बस वहीं से सुंदर नर्सरी के लिए रास्ता जाता है। आप पैदल चल कर आप जा सकती हैं। यहां पर आप कैमरा ले जा सकती हैं। उसकी कोई फीस नहीं लगती। मगर फूलों को तोड़ने पर जुर्माना देना पड़ सकता है।
टिकट
यहां का टिकट 35 रुपए है। यहां पर आने के लिए आपको अलग टिकट लेना होगा। अगर आप उसी टिकट पर हुमायू टोंब जाना चाहती हैं तो यह संभव नहीं होगा।
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