जब आपको ये पता चलता है कि आप मां बनने वाली हैं तो आपकी पूरी जिंदगी ही बदल जाती है। आपको तरह-तरह की सावधानियां रखनी होती हैं और आपको कई सारी बातों का ध्यान रखना होता है। क्या खाया जाए, क्या किया जाए, कैसे उठा-बैठा जाए के साथ-साथ ये ध्यान रखना भी जरूरी है कि हम अपनी स्किन में क्या लगाते हैं। दरअसल, प्रेग्नेंसी के समय स्किन में भी बदलाव होते हैं और हार्मोन के ऊपर-नीचे होने से स्किन ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है। 

स्किन पर मिट्टी, हवा, यूवी रेडिएशन, कुछ खास तरह के इंग्रीडिएंट्स का ज्यादा असर होता है और आपका पुराना स्किन केयर रूटीन शायद ऐसे समय पर काम न करे। ऐसे में कुछ खास इंग्रीडिएंट्स का भी ध्यान रखना चाहिए जिन्हें इस्तेमाल करना शायद श्रेयस्कर न हो। 

उन्हें जानने के लिए हमने INATUR की फाउंडर, अरोमा थेरेपिस्ट और कॉस्मेटोलॉजिस्ट मिस पूजा नागदेव से बात की। उनका कहना है कि इस बारे में कुछ भी बोलने से पहले हमें ये जान लेना चाहिए कि इस विषय पर ज्यादा रिसर्च नहीं की गई है और क्लीनिकल एक्सपेरिमेंट्स ये बताते हैं कि कुछ केमिकल्स हानिकारक होते हैं जो लगभग सभी के लिए ऐसे ही हैं। 

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रेटिनॉइड्स

विटामिन-ए एक बहुत ही जरूरी कंपोनेंट है जो स्किन को अच्छा रखने के लिए चाहिए होता है। स्किन के साथ-साथ इम्यूनिटी, रिप्रोडक्शन और आंखों की सेहत के लिए भी ये जरूरी है। अगर विटामिन-ए को स्किन के जरिए शरीर एब्जॉर्ब करता है तो ये रेटिनॉल में बदल जाता है।

कुछ एंटी एजिंग स्किन केयर प्रोडक्ट्स ऐसे हैं जिनमें रेटिनॉइड्स होते हैं। ये रेटिनॉल का ही एक प्रकार होते हैं जो बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं क्योंकि ये एक्ने को अच्छी तरह से हटा सकते हैं और फाइन लाइन्स को भी खत्म कर सकते हैं। रेटिनॉइड्स स्किन के ऊपरी हिस्से को एक्सफोलिएट करके तेज़ी से नई स्किन बनाने और कोलेजन का फॉर्मेशन बढ़ाने में मदद करते हैं। 

ये केमिकल कुछ लोगों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। प्रिस्क्राइब किए गए रेटिनॉइड्स की तुलना में नॉर्मल दुकानों में मिलने वाले प्रोडक्ट्स में ये केमिकल्स कम होते हैं। 

सैलिसिलिक एसिड का हाई डोज 

एक्ने को ट्रीट करने के लिए सैलिसिलिक एसिड का इस्तेमाल होता है और इसमें ऐसी एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जिन्हें एस्प्रिन से कंपेयर किया जाता है। ये कम्पोनेंट भी अगर बहुत ज्यादा मात्रा में हो तो नुकसान पहुंचा सकता है।  

हाइड्रोक्विनोन 

हाइड्रोक्विनोन (Hydroquinone) एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है जो स्किन पिगमेंटेशन को हल्का करने के काम आता है। ये अधिकतर उस तरह के पिगमेंटेशन को कम करने के लिए इस्तेमाल होता है जो melasma और chloasma के कारण होता है जो प्रेग्नेंसी के दौरान काफी बढ़ जाता है। इसका भी जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल अच्छा नहीं माना जाता।  

फ्थालेट्स (Phthalates) 

फ्थालेट्स एक हार्मोन्स को बिगाड़ने वाला कंपाउंड है जो कई कॉस्मेटिक्स और पर्सनल केयर आइटम्स में पाया जाता है। स्टडीज में पाया गया है कि इसका जरूरत से ज्यादा एक्सपोजर जानवरों में हार्मोनल और रिप्रोडक्टिव समस्याओं का कारण बन सकता है।  

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केमिकल सनस्क्रीन 

केमिकल सनस्क्रीन में इस्तेमाल होने वाला oxybenzone अल्ट्रावायलेट किरणों को फिल्टर करने के लिए इस्तेमाल होता है। वैसे तो सनस्क्रीन हमेशा स्किन को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल होती है, लेकिन अगर उनमें ये कम्पाउंड ज्यादा होता है तो ये उल्टा असर कर सकता है। स्टडीज बताती हैं कि ऑक्सी वेजोन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता।  

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हेयर डाई 

यहां नेचुरल हेयर डाई की नहीं बल्कि केमिकल वाले हेयर डाई की बात हो रही है जिसमें अमोनिया और पेरोक्साइड की मात्रा काफी अधिक होती है। ये शरीर में स्कैल्प के जरिए पहुंच सकता है और कुछ लोगों में एलर्जी और खुजली पैदा कर सकता है।  

ब्लीच 

ब्लीच में जो अहम इंग्रीडिएंट होता है वो हाइड्रोजन पेरोक्साइड है जो यकीनन काफी खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए इसे प्रेग्नेंसी के शुरुआती कुछ महीनों और अंतिम कुछ महीनों में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।  

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प्रेग्नेंसी के दौरान सुरक्षित माने जा सकते हैं ये स्किन केयर इंग्रीडिएंट्स

 ऐसे कुछ ऑप्शन्स भी हैं जो स्किन केयर की समस्याओं को भी दूर करेंगे और सुरक्षित भई माने जा सकते हैं वो ये हैं- 

एक्ने और हाइपरपिगमेंटेशन के लिए -  

रेटिनॉइड्स आधारित कॉस्मेटिक्स के कुछ सुरक्षित ऑप्शन्स भी हैं जो प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए अच्छे हो सकते हैं। ग्लाइकोलिक एसिड एक ऐसा इंग्रीडिएंट है जिसे सुरक्षित माना जा सकता है।  

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एंटी-एजिंग और झुर्रियों को कम करने के लिए- 

टॉपिकल एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे विटामिन-सी आदि स्किन के लिए सुरक्षित होता है। ये इंग्रीडिएंट स्किन केयर के मामले में बेस्ट साबित हो सकता है और ये आपके इम्यून सिस्टम के लिए खराब भी नहीं है।  

विटामिन-सी के साथ आप इन अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स को भी अपना सकती हैं- 

  • विटामिन-ई
  • विटामिन-के
  • विटामिन-बी3
  • ग्रीन टी

ड्राई स्किन और स्ट्रेच मार्क्स के लिए - 

इसमें तो कोई शक नहीं है कि प्रेग्नेंसी के कारण शरीर में बहुत ज्यादा स्ट्रेस होता है। उदाहरण के तौर पर अगर आपके अजन्मे बच्चे को किसी भी वक्त पानी की जरूरत होती है तो वो आपके शरीर से लेता है। ऐसे में ड्राई स्किन हो सकती है और साथ ही साथ हार्मोनल बदलावों का असर तो स्किन पर होगा ही। आपके शरीर में स्ट्रेच मार्क्स न हों उसके लिए ये ध्यान दें कि आपकी स्किन ड्राई न हो।  

बादाम का तेल, तिल का तेल या जैतून का तेल इसमें मददगार साबित होगा और आपको इसी के साथ, एसेंशियल ऑयल्स जैसे लैवेंडर ऑयल, रोज ऑयल, जैस्मिन ऑयल आदि का भी इस्तेमाल करना चाहिए। अलग-अलग तरह के एसेंशियल ऑयल्स आपकी स्किन को बेहतर बनाएंगे।  

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सूरज से बचाव के लिए- 

आपको ये ध्यान रखना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान केमिकल वाली सनस्क्रीन से बचें और मिनरल वाली सनस्क्रीन को चुनें। इसी के साथ, रैस्पबेरी सीड ऑयल को नेचुरल सनस्क्रीन माना जाता है जिसे इस्तेमाल करना पूरी तरह से सुरक्षित है।  

आमतौर पर ये सारी चीज़ें प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए अच्छी साबित होती हैं, लेकिन आपको ये भी ध्यान रखना चाहिए कि अगर आपके साथ स्किन से जुड़ी कोई समस्या हो रही है तो आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी हो तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़े रहें हरजिंदगी से।