जापान में नहाने को एक काम की तरह नहीं लिया जाता है, वहां इसे जल्दबाज़ी में नहीं किया जाता है बल्कि इसके लिए वहां सही समय और सही जगह होती है। भले ही जापानी घर छोटे हों, लेकिन वहां नहाने की प्रक्रिया के लिए बाथरूम को छोटा नहीं रखा जाता। वहां खास तौर पर डिजाइन किया हुआ बाथ टब, शावर या ड्रेन की जगह और फिर काफी कुछ होता है। एक बात मैं आपको और बता दूं कि अधिकतर जापानी दिन में नहीं बल्कि शाम में नहाना पसंद करते हैं ताकि उन्हें पूरा समय मिल पाए।

जापान में लोगों की स्किन अच्छे होने का कारण उनकी लाइफस्टाइल है और इसका बहुत बड़ा कारण उनके नहाने का तरीका है। जापानी तरीके से अगर आप नहाना चाहें तो इसमें आपको थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन ये स्किन एक्सफोलिएशन के लिए बहुत अच्छा है। यहां नहाने के लिए सिर्फ साबुन नहीं बल्कि बाथ सॉल्ट, एसेंशियल ऑयल आदि भी इस्तेमाल किए जाते हैं।

स्टेप 1- सबसे पहले होता है शावर-

जिस तरह स्विमिंग पूल में जाने से पहले शावर लिया जाता है उसी तरह जापान में पहले एक बार शरीर पर पानी डाला जाता है, यहां कुछ लोग साबुन भी इस्तेमाल करते हैं। ऐसा इसलिए ताकि शरीर से दिन भर की गंदगी और मिट्टी आदि निकल जाए। जापानी शावर बहुत ज्यादा लंबा नहीं होता है बल्कि, ये सिर्फ मिट्टी आदि हटाने के लिए होता है। अब भारत में तो इतनी देर में पूरा नहाना हो जाता है, लेकिन जापान में ये शुरुआत होती है।

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स्टेप 2- सोकिंग-

जिस तरह करेले को नमक के पानीमें भिगो कर रखा जाता है कि उसका कड़वापन दूर हो जाए उस तरह कई तरह के बेदिंग सॉल्ट (बाथ सॉल्ट) और एसेंशियल ऑयल मिलाकर गुनगुना पानी जापानी बाथटब में भरा जाता है। अब इसमें होती है सोकिंग। स्किन को एक्सफोलिएट करने और स्किन पोर्स को खोलने के लिए ये बहुत ही जरूरी होता है कि आप गुनगुने पानी की मदद लें, बस यही प्रथा जापान में अपनाई जाती है। इसके लिए कितना भी समय लिया जा सकता है। लोग कुछ मिनटों से लेकर आधे घंटे तक इसी पानी में रहना पसंद करते हैं। ये बॉडी रिलैक्सिंग के लिए भी बहुत जरूरी है।

नोट: अगर आपके बाल लंबे हैं तो उन्हें टब से दूर रखिएगा। शावर कैप या फिर ऊंचे बन का प्रयोग करिएगा।

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स्टेप 3- एक बार फिर से शावर-

ये स्टेप जरूरी नहीं है, लेकिन कई बार लोग इसे फॉलो करते हैं। ऐसा इसलिए ताकि स्किन पोर्सथोड़े और खुल जाएं और साथ ही साथ इस वक्त तक बाथरूम में स्टीम भर जाती है और इससे शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है, ये न सिर्फ शरीर को एक्सफोलिएट करता है बल्कि इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म भी सही रहता है।

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स्टेप 4- एक बार फिर से सोकिंग-

इस स्टेप को भी कई लोग नहीं करते, ऐसा समय की कमी के कारण भी हो सकता है, गुनगुने पानी में एक बार फिर से सोकिंग करने से रिलैक्सेशन मिलता है। अगर आपका शरीर ज्यादा थका हुआ है तो ये स्टेप बहुत कारगर है सभी मसल्स को रिलैक्स करने और दर्द कम करने के लिए। जापानी बाथटब भी थोड़े ज्यादा गहरे होते हैं और इस तरह से मटेरियल से बनाए जाते हैं जिससे पानी ज्यादा देर तक गर्म रहे।

जापानी बाथ का ये तरीका काफी कारगर है। अधिकतर जापानियों के लिए ये एक ईवनिंग बाथ दिन भर के स्ट्रेस को खत्म करने का तरीका भी है। जापानी लाइफस्टाइल कुछ ऐसी है कि वहां लोगों की स्किन और फिटनेस पर बहुत असर होता है। जापान में कई बाथ हाउस भी होते हैं जहां आप जाकर इन सभी स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।



हफ्ते के हर दिन न सही अगर आपने हफ्ते में एक दिन भी इसे कर लिया तो आपकी स्किन और बॉडी को इसका बहुत फायदा मिलेगा। इसलिए आप इसे एक बार ट्राई जरूर करिएगा। इसे ट्राई करने के साथ-साथ आप हमें कमेंट सेक्शन में अपना एक्सपीरियंस भी बता सकती हैं। ऐसी अन्य खबरों के लिए जुड़े रहें हर जिंदगी से।