बारिश के मौसम में स्कैल्प पर जम रही हैं डैंड्रफ की पपड़ियां? अपनाएं ये 5 असरदार टिप्स

मानसून में मैलासेजिया नाम का फंगस तेजी से बढ़ने लगता है। यह फंगस पूरे साल हमारे स्कैल्प में मौजूद रहता है और इसके नेचुरल ऑयल को अपना भोजन बनाता है। सामान्य स्थिति में यह नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन बारिश के मौसम में नमी, स्कैल्प पर पसीना और ऑयल के बढ़ने से यह ज्यादा एक्टिव हो जाता है। इससे स्कैल्प में जलन और सूजन होती है और स्कैल्प की डेड स्किन जल्दी-जल्दी निकलने लगती है। आमतौर पर डेड स्किन बिना दिखाई दिए हट जाती है, लेकिन इस स्थिति में यह डैंड्रफ की पपड़ियों के रूप में दिखाई देने लगती है।
अगर मानसून में आपके स्कैल्प पर भी डैंड्रफ की पपड़ियां बढ़ जाती हैं, तो इससे बचने के लिए आप एक्सपर्ट के बताए टिप्स आजमा सकती हैं। इनके बारे में हमें सर एच.एन. रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल के त्वचा रोग विभाग की वरिष्ठ सलाहकार, डॉ. सोनाली कोहली बता रही हैं।

एंटीफंगल शैंपू का इस्तेमाल है जरूरी
डैंड्रफ को कंट्रोल करने के लिए एंटीफंगल शैंपू का इस्तेमाल हफ्ते में दो बार करें। ज्यादातर लोग शैंपू करने के बाद तुरंत बालों को धो देते हैं, जिससे इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता है। इसलिए, शैंपू को 3 से 5 मिनट तक स्कैल्प पर लगा रहने दें, ताकि इसमें मौजूद एक्टिव तत्व असरदार तरीके से काम कर सकें।
स्कैल्प को लंबे समय तक गीला न रहने दें
मानसून में सबसे आम गलती यही होती है कि लोग बारिश में भीगने या बाल धोने के बाद बाल बांध लेते हैं और स्कैल्प घंटों तक गीला रहता है। नम स्कैल्प पर फंगस बढ़ने लगता है। इसलिए, बाल धोने या भीगने के बाद स्कैल्प और बालों की जड़ों को अच्छी तरह सुखाएं। जरूरत पड़ने पर कम तापमान पर हेयर ड्रायर को इस्तेमाल करना सुरक्षित है।

हैवी तेल लगाने से बचें
अगर आप भी बालों में नारियल तेल लगाती हैं, तो हम आपको बता दे कि इससे मानसून में समस्या बढ़ सकती है। हैवी तेल स्कैल्प पर नमी को रोकते हैं और मैलासेजिया के खतरे को बढ़ाते हैं। तेल को स्कैल्प पर नहीं, सिर्फ बालों की लंबाई और सिरों पर लगाएं। चाहें तो हल्के एंटीफंगल गुण वाले जोजोबा या टी ट्री ऑयल (सही तरीके से मिलाकर) जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यह भी पढ़ें- बारिश के मौसम से पहले कैसे कंट्रोल करें डैंड्रफ? एक्सपर्ट से जानें
डाइट पर भी ध्यान दें
क्या आप जानती हैं कि गट और स्कैल्प की हेल्थ एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। बारिश के मौसम में खानपान में बदलाव, बाहर का खाना और पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जिसका असर स्कैल्प पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि मानसून में कई लोगों को डैंड्रफ की समस्या ज्यादा होने लगती है। स्कैल्प को हेल्दी रखने के लिए जिंक और विटामिन बी, खासकर बी6 और बी12 बेहद जरूरी है। इनकी कमी होने पर सेबोरिक डर्मेटाइटिस की समस्या बढ़ सकती है। मानसून में डाइट में कद्दू के बीज, तिल, दालें और मोरिंगा जैसी चीजें शामिल करें। साथ ही चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें, क्योंकि ज्यादा चीनी खाने से फंगल ग्रोथ और सूजन बढ़ सकती है।

लगातार खुजली को न करें नजरअंदाज
यदि स्कैल्प में बहुत ज्यादा खुजली, रेडनेस, हेयरलाइन पर पपड़ी या डैंड्रफ मोटी और पीले रंग की हो, तो यह सामान्य डैंड्रफ नहीं बल्कि सेबोरिक डर्मेटाइटिस हो सकता है। इससे बचने के लिए सिर्फ ओवर-द-काउंटर शैंपू पर्याप्त नहीं होते हैं। सही इलाज के लिए त्वचा एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है।
यह भी पढ़ें- Summer Hair Mask: समर सीजन में स्कैल्प की खुजली और डैंड्रफ से हैं परेशान? आजमा सकती हैं ये एक हेयर मास्क
अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
Image Credit: magnific
हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।