Yashoda Jayanti 2025: यशोदा जयंती के दिन व्रत रखने के दौरान न करें ये गलतियां, संतान को हो सकती है हानि

यशोदा जयंती का पर्व माताओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान कृष्ण की माता यशोदा को समर्पित है, जिन्होंने उनका पालन-पोषण किया था। यह पर्व हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। यशोदा जयंती मातृत्व और संतान के प्रति प्रेम का प्रतीक है। आपको बता दें, माता यशोदा ने भगवान कृष्ण को बहुत प्यार और स्नेह दिया था। उन्होंने उन्हें एक आदर्श पुत्र के रूप में पाला था। इसलिए, यशोदा जयंती के दिन माताएं यशोदा के गुणों को याद करती हैं और उनसे प्रेरणा लेती हैं। इस दिन महिलाएं विशेष रूप से यशोदा और कृष्ण की मूर्तियों को सजाती हैं और उनकी पूजा करती हैं। वे भजन गाती हैं और कथाएं सुनती हैं।
कई महिलाएं इस दिन व्रत रखती हैं और केवल फल और दूध का सेवन करती हैं। यशोदा जयंती एक ऐसा पर्व है जो माताओं को उनके बच्चों के प्रति उनके प्यार और समर्पण की याद दिलाता है। यह एक ऐसा दिन है जब माताएं अपने बच्चों के लिए भगवान का आशीर्वाद मांगती हैं। अब ऐसे में इस दिन अगर जो माताएं व्रत रख रही हैं, उन्हें किन नियमों का पालन करने जरूरी है। इसके बारे में इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित अरविंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।
यशोदा जयंती के दिन व्रत रखने से पहले जरूर लें संकल्प

यशोदा जयंती के दिन व्रत रखने से पहले संकल्प लेना बहुत ज़रूरी है। संकल्प का अर्थ है अपने मन में यह दृढ़ निश्चय करना कि आप यह व्रत क्यों और कैसे कर रहे हैं। यशोदा जयंती के दिन सुबह उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। अपने घर के मंदिर में या किसी शांत जगह पर बैठें। माता यशोदा और भगवान कृष्ण की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं। हाथ में जल लेकर संकल्प मंत्र का जाप करें। संकल्प लेने से आपको व्रत का पूरा फल प्राप्त होता है।
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यशोदा जयंती के दिन व्रत रखने से अन्न खाने से बचें
यशोदा जयंती के दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और माता यशोदा और भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और सुख समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं। यशोदा जयंती के दिन व्रत रखने से पहले मिठाई और फल खाने का विशेष महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि व्रत से पहले अन्न नहीं खानी चाहिए और व्रत रखने के दौरान भी अन्न खाने से बचना चाहिए। इससे व्रत का शुभ फल नहीं मिलता है।
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यशोदा जयंती के दिन व्रत रखने से पहले तुलसी पूजन जरूर करें

यशोदा जयंती के दिन तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है और यह पवित्रता का प्रतीक है। यशोदा जयंती के दिन व्रत रखने से पहले तुलसी पूजन करने से व्रत का फल और भी अधिक बढ़ जाता है। तुलसी के पौधे में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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Image Credit- HerZindagi
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