Tue Sep 15, 2026 | Updated 04:09 PM IST

Kanya Pujan Shubh Muhurat 2024: अष्टमी-नवमी के दिन किस मुहूर्त में करें कन्या पूजन? जानें

अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर को दोपहर में शुरू होकर 11 अक्टूबर को सुबह में खत्म होगी। ऐसे में अष्टमी की उदया तिथि 11 तारीख हुई। वहीं, नवमी की शुरुआत 11 अक्टूबर को सुबह से हो रही है और समापन 12 अक्टूबर को है। ऐसे में नवमी की उदया तिथि 12 अक्टूबर हुई।
Updated:- 2024-10-10, 10:50 IST
Kanya Pujan Shubh Muhurat 2024

शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ने के कारण कन्या पूजन के मुहूर्त को लेकर लोगों में काफी असमंजस है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, 10 और 11 अक्टूबर दोनों ही दिन अष्टमी का योग बन रहा है एवं नवमी तिथि का योग 11 ओर 12 को पड़ रहा है।

अष्टमी तिथि 10 अक्टूबर को दोपहर में शुरू होकर 11 अक्टूबर को सुबह में खत्म होगी। ऐसे में अष्टमी की उदया तिथि 11 तारीख हुई। वहीं, नवमी की शुरुआत 11 अक्टूबर को दोपहर से हो रही है और समापन 12 अक्टूबर को है। ऐसे में नवमी की उदया तिथि 12 अक्टूबर हुई।

हिन्दू धर्म में उदया तिथि के अनुसार पर्व मनाया जाता है। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि क्या है शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि के कन्या पूजन का मुहूर्त एवं उसका महत्व और साथ ही जानें अष्टमी-नवमी का व्रत कब खोलना होगा सही।

शारदीय नवरात्रि अष्टमी-नवमी कन्या पूजन मुहूर्त 2024

shardiya navratri 2024 kanya pujan muhurat

जो लोग अष्टमी का व्रत रख रहे हैं वह 10 अक्टूबर को व्रत का आरंभ करें लेकिन कन्या पूजन 11 अक्टूबर के दिन करें क्योंकि अष्टमी की उदया तिथि 11 अक्टूबर है। 11 अक्टूबर को अष्टमी तिथि के कन्या पूजन का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 39 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट है।

यह भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2024: क्यों है दुर्गा सप्तशती शापित?

वहीं, नवमी 11 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 52 मिनट के बाद शुरू हो जाएगी। ऐसे में नवमी का व्रत 11 तारीख को ही रखें और कन्या पूजन 11 बजकर 44 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट पर करें क्योंकि इसी अवधि में अभिजीत मुहूर्त भी पड़ रहा है जो बहुत लाभकारी सिद्ध होगा।

यह भी पढ़ें: Shardiya Navratri 2024: नवरात्रि में करें लौंग के ये टोटके, हर बुरी नजर होगी दूर

अगर किसी कारण वश अष्टमी का कन्या पूजन मुहूर्त में करना संभव न हो तो आप नवमी के कन्या पूजन के समय भी अष्टमी कन्या पूजन कर सकते हैं। हां, मगर आपको व्रत का पारण फिर 11 अक्टूबर को 12 बजकर 31 मिनट के बाद ही करना होगा तभी व्रत पूर्ण माना जाएगा।

आप भी इस लेख में दी गई जानकारी के माध्यम से यह जान सकते हैं कि आखिर शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि पर क्या है कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त। अगर हमारी स्टोरीज से जुड़े आपके कुछ सवाल हैं, तो वो आप हमें आर्टिकल के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में बताएं। हम आप तक सही जानकारी पहुंचाने का प्रयास करते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

image credit: herzindagi 

Disclaimer

हमारा उद्देश्य अपने आर्टिकल्स और सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से सही, सुरक्षित और विशेषज्ञ द्वारा वेरिफाइड जानकारी प्रदान करना है। यहां बताए गए उपाय, सलाह और बातें केवल सामान्य जानकारी के लिए हैं। किसी भी तरह के हेल्थ, ब्यूटी, लाइफ हैक्स या ज्योतिष से जुड़े सुझावों को आजमाने से पहले कृपया अपने विशेषज्ञ से परामर्श लें। किसी प्रतिक्रिया या शिकायत के लिए, compliant_gro@jagrannewmedia.com पर हमसे संपर्क करें।