सावन माह के ब्रह्म मुहूर्त में करें ये 3 काम, घर में धन की कमी हो सकती है दूर

सावन का महीना हिंदू धर्म में बहुत खास माना जाता है, खासकर भगवान शिव के भक्तों के लिए। सावन में भगवान शिव की पूजा करने, व्रत रखने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने का बहुत अधिक महत्व है। माना जाता है कि इस दौरान शिवजी पृथ्वी पर आते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं जिससे घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है। सावन के दौरान ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक दृष्टि अनुसार कुछ काम करना बहुत शुभ होता है। इसी कड़ी में सावन माह का ब्रह्म मुहूर्त समय बहुत खास माना जाता है और इस समय पर कुछ विशेष उपाय करने से कई लाभ मिल सकते हैं। ऐसे में ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स से आइये जानते हैं कि सावन के ब्रह्म मुहूर्त में कौन से 3 काम करने चाहिए और क्या हैं उनसे मिलने वाले लाभ।
सावन के ब्रह्म मुहूर्त में शिवलिंग पर करें जल अर्पित
सावन के ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद, घर के मंदिर या किसी शिव मंदिर में जाएं। एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल भरें। यदि संभव हो तो गंगाजल भी मिला सकते हैं। साथ में कुछ बेलपत्र (तीन पत्तियों वाला), धतूरा, और सफेद फूल लें। शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल चढ़ाते हुए 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। इसके बाद बेलपत्र और अन्य सामग्री अर्पित करें।

माना जाता है कि भगवान शिव को जल और बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं। ब्रह्म मुहूर्त में यह उपाय करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और आपकी आर्थिक समस्याओं को दूर करते हैं। यह उपाय ग्रह दोषों को शांत करने में भी मदद करता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे धन प्राप्ति के नए मार्ग खुलते हैं।
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सावन के ब्रह्म मुहूर्त में करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप
ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके स्वच्छ आसन पर बैठें। भगवान शिव का ध्यान करें और मन ही मन या धीमी आवाज में महामृत्युंजय मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥' का जाप करें। आप अपनी सुविधा अनुसार 11, 21, 51 या 108 बार जाप कर सकते हैं। जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग करना अधिक फलदायी होता है।
महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव को समर्पित एक बहुत ही शक्तिशाली मंत्र है। इसका जाप करने से न केवल लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है बल्कि यह आर्थिक बाधाओं को भी दूर करता है। ब्रह्म मुहूर्त में इस मंत्र का जाप करने से धन संबंधी परेशानियां कम होती हैं और घर में धन की आवक बढ़ती है। यह नकारात्मक ऊर्जाओं को भी दूर भगाता है।
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सावन के ब्रह्म मुहूर्त में तुलसी के पास जलाएं दीपक
सावन के ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद अपने घर में मौजूद तुलसी के पौधे के पास जाएं। तुलसी के पौधे को प्रणाम करें और उसके पास गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं। दीपक जलाते समय अपनी आर्थिक परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करें। दीपक जलाने के बाद तुलसी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। तुलसी चालीसा का पाठ करना भी शुभ होगा।

तुलसी को भगवान विष्णु का स्वरूप माना जाता है और भगवान शिव को विष्णु जी प्रिय हैं। सावन माह में तुलसी की पूजा का विशेष महत्व है। ब्रह्म मुहूर्त में तुलसी के पास दीपक जलाने और परिक्रमा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। इससे घर में धन का वास होता है, दरिद्रता दूर होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। यह उपाय परिवार में सुख-शांति और समृद्धि भी लाता है।
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image credit: herzindagi
- सावन में शिव जी को किसका भोग लगाएं?
- सावन में शिव जी को सबसे ज्यादा प्रिय पेड़े होते है। ऐसे में इस माह में उसी का भोग लगाना चाहिए।
- सावन के दौरान घर में क्या रखना चाहिए?
- सावन के दौरान घर में शिवलिंग, त्रिशूल, डमरू, नंदी की प्रतिमा, बेलपत्र का पौधा आदि रखने चाहिए।
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